फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hapur News ›   NGT orders.

एनजीटी के आदेश की खुलेआम उड़ रही धज्जी

Sat, 27 May 2017 09:31 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/ हापुड़
ब्यूरो, अमर उजाला/ हापुड़ Updated Sat, 27 May 2017 09:31 PM IST
विज्ञापन
NGT orders.
कूड़ा करकट में लगाई आग - फोटो : अमर उजाला

एनजीटी के आदेश की खुलेआम धज्जी उड़ाई जा रही है। आए दिन डंपिंग ग्राउंड में कूड़ा करकट जलाया जा रहा है, जिसे आसपास के इलाकों में धुएं का गुबार छा रहा है। इससे ग्रामीणों को सांस लेने में परेशानी हो रही है। गुस्साए लोगों ने शनिवार को डंपिंग ग्राउंड हटवाने के लिए प्रदर्शन किया।

विज्ञापन


दीवाली बीतने के बाद दिल्ली सहित एनसीआर क्षेत्र में धुआं और धुंध की गहरी परत जम गई थी, जिससे लोगों को आंखों में जलन और सांस लेने में मुश्किल हो रही थी। इसे संज्ञान में लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने एनसीआर में आतिशबाजी पर रोक लगा दी थी।
विज्ञापन


वहीं एनजीटी ने फसलों के अवशेष जलाने पर पूरी तरह रोक लगा दी थी। इन नियमों की पालिका प्रशासन हर रोज धज्जियां उड़ा रहा है। नेशनल हाईवे किनारे बने डंपिंग ग्राउंड में आए दिन कूड़ा करकट जलाया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पॉलीथिन समेत कूड़े के ढेर में आग लगने से आसपास की आबादी सहित अल्लाबख्शपुर गांव में दुर्गंध के साथ ही वातावरण में धुएं की परत बन गई है। इससे अल्लाबख्शपुर के ग्रामीण बुरी तरह खफा हैं।

उन्होंने कूड़े में आग लगाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ ही आबादी से सटा पालिका का डंपिंग ग्राउंड हटवाने की मांग की है। हाजी बुंदू, रिफाकत खां, चौधरी मलुवा, हाजी वसिया, मुंशी सरफराज, चौधरी इस्लाम, इसहाक, शराफत अली,

शफक्कत, अता मुहम्मद, कलुवा, महावीर प्रजापति, शिवकुमार, पूर्व प्रधान चेतराम, छोटे लाल, चरणसिंह, ब्रह्मपाल ने चेतावनी दी है कि अगर आग लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई और डंपिंग ग्राउंड नहीं हटाया गया तो इसके विरोध में आंदोलन किया जाएगा।

इससे पहले भी पालिका कर्मियों ने सफाई में एकत्र हुए कूड़ा करकट के ढेर को खत्ते पर पहुंचाने की बजाए 9 अप्रैल को रोडवेज बस स्टैंड के सामने जला दिया था। धुएं से परेशान आसपास के व्यापारियों ने खूब हंगामा किया था। इसके बाद भी यह सिलसिला बंद नहीं हो रहा है।

पर्यावरणविद प्रो. अब्बास अली का कहना है कि सफाई में एकत्र होने वाले कूड़ा करकट में पॉलीथिन, चमड़ा और रबर की कंडम चीजों के साथ ही मृत जीव जंतुओं के अवेशष भी शामिल होते हैं।

इसलिए ऐसे कूड़े को जलाने से विषैले धुएं के साथ ही मिथेन, नाइट्रोजन ऑक्साइड, नाइट्रोन प्रोक्साइड, कार्बन डाई ऑक्साइड जैसी गैसें निकलती हैं। इनके दुष्प्रभाव से तापमान में बढ़ोतरी होने से मौसम चक्र और जलवायु में बदलाव,

ग्लेशियर सिकुड़ने से नदियों में पानी की कमी और बारिश का प्रतिशत भी घटता है। विशेषज्ञ चिकित्सक पीके शुक्ला का कहना है कि विषैला धुआं इंसानों सहित जीव जंतुओं की सेहत के लिए बेहद घातक है।

इससे अस्थमा, टीबी, खांसी, कैंसर, आंखों में जलन और बहरापन आता है। बच्चों का मानसिक, शारीरिक और बौद्धिक विकास प्रभावित होने के साथ ही गर्भ में पल रहे बच्चों पर भी बेहद बुरा असर होता है।


इस तरह की किसी भी घटना के विषय में मुझे जानकारी नहीं है।अगर ऐसा हुआ है तो यह पालिका कर्मियों की बजाए किसी शरारती तत्व का काम हो सकता है। इसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। पूर्णिमा सिंह, ईओ

कूड़ा जलाया जाना बेहद गंभीर मामला है। इस संबंध में व्यापक स्तर पर जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। आरएन पांडेय, एसडीएम

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed