फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hapur News ›   Missed call will tell whether patients have taken medication or not.

मिस्ड कॉल से पता चलेगा मरीजों ने दवा खाई या नहीं

Wed, 28 Jun 2017 09:04 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/ हापुड़
ब्यूरो, अमर उजाला/ हापुड़ Updated Wed, 28 Jun 2017 09:04 PM IST
विज्ञापन
Missed call will tell whether patients have taken medication or not.
दवा - फोटो : demo pic

टीबी के मरीजों के इलाज की नई विधि को जिले में शुरू किया गया है। केंद्र सरकार ने ऐसे मरीजों के लिए 99 डाट्स सेवा शुरू की है। इसके तहत मरीज के दवा के रैपर पर लिखे 10 डिजिट के नंबर पर मिस्ड कॉल के बाद दवा का कोड डालने पर यह भी पता चलेगा कि मरीज ने दवा खाई या नहीं।

विज्ञापन


इसके अलावा मिस्ड कॉल से ऐसा करने पर मरीज की निष्क्षय साइट पर एंट्री हो जाएगी। डॉट्स प्रोवाइडर भी दवा खिलाने की एंट्री में घालमेल नहीं कर सकेंगे। अब से पहले टीबी के मरीजों को राहत दिलाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने डॉट्स योजना की शुरुआत की है।
विज्ञापन


इस प्रणाली के तहत मरीज को सप्ताह में सिर्फ तीन दिन दवा खिलानी पड़ सकती है। डॉट्स प्रोवाइडर मरीजों के दवा खाने का लेखाजोखा रखते थे। कई बार प्रोवाइडर मरीज के घर जाए बगैर ही एंट्री कर देते थे। मरीज को भी दवा के लिए काफी चक्कर लगाने पड़ते थे। ऐसे में टीबी के मरीजों का बीच में इलाज छूट जाता था।
विज्ञापन
विज्ञापन


हालांकि, सरकार ने सभी मरीजों का निष्क्षय साइट पर रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया था। सरकारी और निजी अस्पतालों में टीबी के जितने मरीज उपचाराधीन थे। सभी का रजिस्ट्रेशन आनन फानन में हो भी चुका है। केंद्र सरकार ने अब 99 डॉट्स प्रणाली की शुरुआत कर दी है।

इस पहल के तहत मरीज को सप्ताह में प्रत्येक दिन दवा खानी होगी। पत्ते से दवा निकालने पर एक 10 डिजिट का नंबर मिलेगा। मरीज को अपने रजिस्ट्रड मोबाइल नंबर से उक्त नंबर पर मिस्ड कॉल करनी होगी। मिस्ड कॉल करते ही मरीज की निष्क्षय साइट पर एंट्री हो जाएगी।

शुरूआत में मरीज को दवा खिलाने और मिस्ड कॉल सुविधा के संबंध में डॉटस प्रोवाइडर प्रशिक्षित करेंगे। एक सप्ताह तक प्रत्येक मरीज को दवा खिलाकर उनके फोन से मिस्ड कॉल करेंगे। इसके बाद मरीज को एक महीने की दवा दे दी जायेगी। मरीज स्वयं ही दवा खायेगा और दिए गए नंबर पर मिस्ड कॉल करेगा।

स्वास्थ्य विभाग मरीज का मोबाइल नंबर का 99 डॉट्स सॉफ्टवेयर पर रजिस्टर करेगा। मरीज को 28 दिन की दवा दी जाएगी । हर टेबलेट पर टोल फ्री नंबर लिखे होंगे। मरीज को हर दिन दवा लेने के बाद टोल फ्री नंबर पर मिस्ड कॉल देना होगा। इसके लिए मरीज दो से तीन नंबर रजिस्टर करा सकता है।

मिस्ड कॉल 99 डॉट्स वेबपोर्टल पर दिखाई देगा। अगर रोगी दवा लेने के बाद मिस्ड कॉल नहीं देता तो फील्ड वर्कर मरीज केघर पहुंच कर उसको दवा खाने के लिए प्रेरित करेगा। छह माह की खुराक के बाद मरीज का दुबारा चेकअप किया जाएगा। इसके लिए छह लेयर मॉनिटरिंग की जाएगी।

जिले में कुल 982 टीबी के मरीज उपचाराधीन हैं, इन सभी का निष्क्षय साइट पर रजिस्ट्रेशन किया हुआ है। इनमें 10 मरीज ऐसे हैं जिन्हें टीबी के साथ एचआईवी है और दो मरीज एक्सडीआर श्रेणी में हैं। हालांकि सभी मरीजों को उपचार के दौरान लाभ मिल रहा है।


डिप्टी सीएमओ व टीबी विभाग के प्रभारी डा.राकेश अनुरागी ने बताया कि 99 डॉटस प्रणाली के तहत मरीजों का इलाज शुरू कर दिया गया है। मरीजों को इन दिनों जो दवा दी जा रही है, इसमें 10 डिजिट का नंबर है, इस नंबर पर मरीज को दवा खाने के बाद मिस्ड कॉल करनी होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed