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Hapur News: बेटी की शादी के लिए लगवाई बोली, सात लाख में किया नाबालिग का सौदा
Fri, 23 Jun 2023 10:29 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Fri, 23 Jun 2023 10:29 PM IST
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हापुड़। जिले के एक गांव निवासी पिता ने अपनी नाबालिग बेटी की शादी के लिए बोली लगवा दी। तीन अलग-अलग जगह के लोगों ने नाबालिग की सात लाख रुपये तक बोली लगाई, हरियाणा से शादी भी तय हो गई। लेकिन सीडब्ल्यूसी (बाल कल्याण समिति) की टीम ने सूचना पर नाबालिग का संरक्षण कर लिया। सुपुर्दगी के 9 महीने बाद फिर शादी तय कर दी गई, इस बार परिजनों को तीन-तीन लाख के बंधन पत्र पर 16 वर्षीय बालिका को सौंपा गया है।
नाबालिगों की शादी अपराध है, लेकिन लालच में आकर अभिभावक अपनी ही बेटियों को उनकी उम्र में कई साल बड़े अधेड़ को सौंप रहे हैं। ऐसा ही एक मामला कपूरपुर थाना क्षेत्र के गांव से जुड़ा सामने आया है। सीडब्ल्यूसी में काउंसलिंग के दौरान नाबालिग ने आप बीती सुनाई कि उसके पिता ने शादी तय की। लेकिन यह शादी रस्मों और संबंधों से कहीं परे थी। दरअसल, नाबालिग के पिता ने बेटी का सौदा किया। तीन अलग-अलग जगह से बोली लगाई गई। इसमें एक ने तीन, दूसरे ने पांच और तीसरे ने सात लाख रुपये बोली लगायी। सात लाख रुपये देने वाले से ही नाबालिग का उसके पिता ने रिश्ता कर दिया। हरियाणा से बारात आनी थी, लेकिन इसके एक दिन पहले ही किसी ने सीडब्ल्यूसी को सूचना दे दी। टीम ने मौके पर पहुंचकर बालिका का संरक्षण कर लिया। एक दिन संरक्षण में रखने के बाद माता-पिता के सुपुर्द कर दिया। लेकिन 15 जून को फिर से बालिका की शादी तय कर दी गई। इस बार शादी संपन्न कराने के लिए गाजियाबाद के एक फार्म हाऊस को बुक कर लिया गया। जिसमें सगाई और शादी एक ही दिन होने थे, कार्ड भी छपवा दिए। लेकिन फिर से सूचना सीडब्ल्यूसी को मिली। टीम ने फिर से बालिका का संरक्षण कर लिया। करीब 9 दिन तक बालिका को अपने संरक्षण में रखकर काउंसलिंग कराई गई। तीन-तीन लाख के बंधन पत्र पर अभिभावकों को अंतिम चेतावनी देते हुए नाबालिग को उनके सुपुर्द किया गया है।
अब तक 13 नाबालिगों के विवाह रुकवाए, दो के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज-
बाल कल्याण समिति द्वारा एक साल में 13 नाबालिगों के विवाह रुकवाए गए हैं। इसमें 12 नाबालिगों का विवाह गांवों में ही किया जा रहा था। जबकि एक की शादी शहरी क्षेत्र में होनी थी। कई मामलों में पैसे लेकर शादी करने की सच्चाई भी सामने आई है। दो बार से अधिक बार शादी रुकवाने के बाद भी आदेशों का पालन नहीं करने पर दो अभिभावकों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज हुई है।
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बिछड़े बच्चे को परिजनों के सुपुर्द किया
सीडब्ल्यूसी के सदस्य मजिस्ट्रेट संजीव त्यागी ने बताया कि दिल्ली के रेलवे स्टेशन पर पिता से बिछुड़कर ट्रेन के जरिए हापुड़ आने वाले 12 वर्षीय बच्चे को उसके परिवार नेपाल भेज दिया गया है। नेपाली राज दूतावास ने बच्चे को परिजनों को सौंप दिया है। इसके अलावा एक साल में टीम ने बालश्रम करने वाले 43 बच्चे, गुमशुदा हुए 30 बच्चे और भीग मांगने वाले 11 बच्चों का भी संरक्षण किया है।
नाबालिग को परिजनों के सुपुर्द किया
नाबालिग की शादी दूसरी बार रुकवाई गई है। परिजनों को अंतिम चेतावनी देते हुए बालिका को सुपुर्द किया गया है, साथ ही तीन लाख का बंधन पत्र भी लिया है। भविष्य में यदि नाबालिग की उम्र पूरी होने से पहले शादी कराई तो बंधन पत्र के नियम के अनुसार किशोरी के परिजनों को कोर्ट तीन लाख रुपये जुर्माना जमा करना होगा। साथ ही उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई अलग से की जाएगी। काउंसलिंग में नाबालिग ने पिता पर बोली लगाकर शादी कराने के दबाव का आरोप लगाया है।-- बाबूराम गिरी, सदस्य मजिस्ट्रेट, सीडब्ल्यूसी।
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नाबालिगों की शादी अपराध है, लेकिन लालच में आकर अभिभावक अपनी ही बेटियों को उनकी उम्र में कई साल बड़े अधेड़ को सौंप रहे हैं। ऐसा ही एक मामला कपूरपुर थाना क्षेत्र के गांव से जुड़ा सामने आया है। सीडब्ल्यूसी में काउंसलिंग के दौरान नाबालिग ने आप बीती सुनाई कि उसके पिता ने शादी तय की। लेकिन यह शादी रस्मों और संबंधों से कहीं परे थी। दरअसल, नाबालिग के पिता ने बेटी का सौदा किया। तीन अलग-अलग जगह से बोली लगाई गई। इसमें एक ने तीन, दूसरे ने पांच और तीसरे ने सात लाख रुपये बोली लगायी। सात लाख रुपये देने वाले से ही नाबालिग का उसके पिता ने रिश्ता कर दिया। हरियाणा से बारात आनी थी, लेकिन इसके एक दिन पहले ही किसी ने सीडब्ल्यूसी को सूचना दे दी। टीम ने मौके पर पहुंचकर बालिका का संरक्षण कर लिया। एक दिन संरक्षण में रखने के बाद माता-पिता के सुपुर्द कर दिया। लेकिन 15 जून को फिर से बालिका की शादी तय कर दी गई। इस बार शादी संपन्न कराने के लिए गाजियाबाद के एक फार्म हाऊस को बुक कर लिया गया। जिसमें सगाई और शादी एक ही दिन होने थे, कार्ड भी छपवा दिए। लेकिन फिर से सूचना सीडब्ल्यूसी को मिली। टीम ने फिर से बालिका का संरक्षण कर लिया। करीब 9 दिन तक बालिका को अपने संरक्षण में रखकर काउंसलिंग कराई गई। तीन-तीन लाख के बंधन पत्र पर अभिभावकों को अंतिम चेतावनी देते हुए नाबालिग को उनके सुपुर्द किया गया है।
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अब तक 13 नाबालिगों के विवाह रुकवाए, दो के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज-
बाल कल्याण समिति द्वारा एक साल में 13 नाबालिगों के विवाह रुकवाए गए हैं। इसमें 12 नाबालिगों का विवाह गांवों में ही किया जा रहा था। जबकि एक की शादी शहरी क्षेत्र में होनी थी। कई मामलों में पैसे लेकर शादी करने की सच्चाई भी सामने आई है। दो बार से अधिक बार शादी रुकवाने के बाद भी आदेशों का पालन नहीं करने पर दो अभिभावकों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज हुई है।
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बिछड़े बच्चे को परिजनों के सुपुर्द किया
सीडब्ल्यूसी के सदस्य मजिस्ट्रेट संजीव त्यागी ने बताया कि दिल्ली के रेलवे स्टेशन पर पिता से बिछुड़कर ट्रेन के जरिए हापुड़ आने वाले 12 वर्षीय बच्चे को उसके परिवार नेपाल भेज दिया गया है। नेपाली राज दूतावास ने बच्चे को परिजनों को सौंप दिया है। इसके अलावा एक साल में टीम ने बालश्रम करने वाले 43 बच्चे, गुमशुदा हुए 30 बच्चे और भीग मांगने वाले 11 बच्चों का भी संरक्षण किया है।
नाबालिग को परिजनों के सुपुर्द किया
नाबालिग की शादी दूसरी बार रुकवाई गई है। परिजनों को अंतिम चेतावनी देते हुए बालिका को सुपुर्द किया गया है, साथ ही तीन लाख का बंधन पत्र भी लिया है। भविष्य में यदि नाबालिग की उम्र पूरी होने से पहले शादी कराई तो बंधन पत्र के नियम के अनुसार किशोरी के परिजनों को कोर्ट तीन लाख रुपये जुर्माना जमा करना होगा। साथ ही उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई अलग से की जाएगी। काउंसलिंग में नाबालिग ने पिता पर बोली लगाकर शादी कराने के दबाव का आरोप लगाया है।