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Hapur News: बेटी की हत्या करने की दोषी मां और बेटे को आजीवन कारावास
Wed, 30 Apr 2025 10:34 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Wed, 30 Apr 2025 10:34 PM IST
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हापुड़। बहादुरगढ़ थाना क्षेत्र के गांव चितौड़ा में वर्ष 2023 में छह माह की गर्भवती युवती का गला रेतने और पेट्रोल डालकर आग लगाकर हत्या करने के मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने बुधवार को फैसला सुनाया। जनपद न्यायाधीश मलखान सिंह ने आरोपी मां और बेटे को हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों दोषियों पर 11-11 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
बहादुरगढ़ थाना क्षेत्र के गांव चितौड़ा के चौकीदार सत्तार ने 28 सितंबर 2023 को बहादुरगढ़ थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें उसने कहा कि शाम करीब पांच बजे पलवाड़ा बंबा जंगल गांव चितौड़ा में गांव नवादा थाना बहादुरगढ़ निवासी सुनील ने अपनी बहन मघु को जान से मारने की नीयत से उसकी गर्दन पर ब्लेड मार दिया तथा पेट्रोल डालकर आग लगा दी थी। घटना के समय मधु की मां असर्फी देवी ने भी साथ दिया था। चौकीदार सत्तार ने रिपोर्ट में बताया कि उसने सुना है कि सुनील की बहन मधु करीब 6-7 माह की गर्भवती थी। मधु के गर्भ में किसका बच्चा था वह बताना नहीं चाहता थी। जिसके चलते ही आरोपियों ने हत्या का प्रयास किया था।
मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल हालत में युवती को अस्पताल में भर्ती कराया। जहां से उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे मेरठ के लिए रेफर कर दिया। जहां पर उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी। पुलिस ने आरोपी सुनील व असर्फी देवी के खिलाफ हत्या सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया और आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। मामले की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायालय में चल रही थी। जहां पर सुनवाई पूरी होने पर जनपद न्यायाधीश मलखान सिंह ने बुधवार को निर्णय सुनाया। जनपद न्यायाधीश मलखान सिंह ने आरोपी सुनील व असर्फी को हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोषियों पर 11-11 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
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युवती ने मरने से पहले तहसीलदार के समक्ष दिए थे बयान-
घटना होने पर मामले के विवेचना अधिकारी ने पीडि़ता के बयान दर्ज कराने के लिए प्रशासनिक अधिकारी को मौके पर बुलाया। तत्कालीन तहसीलदार द्वारा घायल अवस्था में युवती के बयान दर्ज किए थे। जिसमें उन्होंने युवती से तीन सवाल पूछा थे। पहला सवाल कि आपको किसने मारने का प्रयास किया? युवती ने जवाब दिया कि मुझे मेरे भाई और मां ने जलाया, दूसरा सवाल पूछा कि ऐसा क्यों किया? युवती ने बताया कि वह गर्भवती थी इसलिए, गर्भवती होने का कब पता चला। युवती ने बताया कि सात दिन पहले ही पता चला है।
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ताराचंद वर्मा
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बहादुरगढ़ थाना क्षेत्र के गांव चितौड़ा के चौकीदार सत्तार ने 28 सितंबर 2023 को बहादुरगढ़ थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें उसने कहा कि शाम करीब पांच बजे पलवाड़ा बंबा जंगल गांव चितौड़ा में गांव नवादा थाना बहादुरगढ़ निवासी सुनील ने अपनी बहन मघु को जान से मारने की नीयत से उसकी गर्दन पर ब्लेड मार दिया तथा पेट्रोल डालकर आग लगा दी थी। घटना के समय मधु की मां असर्फी देवी ने भी साथ दिया था। चौकीदार सत्तार ने रिपोर्ट में बताया कि उसने सुना है कि सुनील की बहन मधु करीब 6-7 माह की गर्भवती थी। मधु के गर्भ में किसका बच्चा था वह बताना नहीं चाहता थी। जिसके चलते ही आरोपियों ने हत्या का प्रयास किया था।
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मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल हालत में युवती को अस्पताल में भर्ती कराया। जहां से उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे मेरठ के लिए रेफर कर दिया। जहां पर उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी। पुलिस ने आरोपी सुनील व असर्फी देवी के खिलाफ हत्या सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया और आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। मामले की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायालय में चल रही थी। जहां पर सुनवाई पूरी होने पर जनपद न्यायाधीश मलखान सिंह ने बुधवार को निर्णय सुनाया। जनपद न्यायाधीश मलखान सिंह ने आरोपी सुनील व असर्फी को हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोषियों पर 11-11 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
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युवती ने मरने से पहले तहसीलदार के समक्ष दिए थे बयान-
घटना होने पर मामले के विवेचना अधिकारी ने पीडि़ता के बयान दर्ज कराने के लिए प्रशासनिक अधिकारी को मौके पर बुलाया। तत्कालीन तहसीलदार द्वारा घायल अवस्था में युवती के बयान दर्ज किए थे। जिसमें उन्होंने युवती से तीन सवाल पूछा थे। पहला सवाल कि आपको किसने मारने का प्रयास किया? युवती ने जवाब दिया कि मुझे मेरे भाई और मां ने जलाया, दूसरा सवाल पूछा कि ऐसा क्यों किया? युवती ने बताया कि वह गर्भवती थी इसलिए, गर्भवती होने का कब पता चला। युवती ने बताया कि सात दिन पहले ही पता चला है।
ताराचंद वर्मा