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सावधान! खतरे में रेलवे यात्रियों की जान
ब्यूरो, अमर उजाला/ हापुड़
Updated Thu, 30 Mar 2017 10:06 PM IST
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ट्रेन
- फोटो : File Photo
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मुरादाबाद से गाजियाबाद आने-जाने वाले रेलवे यात्रियों की सुरक्षा खतरे में है। बाबूगढ़ के पास पुलिया संख्या 88 का पुनर्निमाण फरवरी में ब्लॉक लेकर किया गया, लेकिन तय समय में पूरी तरह से काम पूरा नहीं हो पाया।
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इस कारण ट्रेनों को पुलिस से कॉशन 15 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गुजारा जा रहा है। ऐसे में यात्रियों की सुरक्षा खतरे में है और ट्रेनें देरी से भी चल रही है। बाबूगढ़ के पास पुलिया संख्या 88 काफी समय से जर्जर थी।
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पुलिया के निर्माण के लिए फरवरी में मुरादाबाद-गाजियाबाद रेलवे ट्रैक पर मेगा ब्लाक लिया गया था। रेलवे अधिकारियों ने निर्माण कार्य शुरू करवाते हुए वैकल्पिक तौर पर ट्रेनों का आवागमन शुरू करा दिया था, लेकिन पुलिया का काम पूरा नहीं हुआ था।
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रेलवे अधिकारियों ने 24 मार्च तक स्टाप डेड काशन से ट्रेनों को गुजारा गया। इस काशन के तहत ट्रेन रोककर गुजारा जाता है। साथ ही यहां तैनात गैटमेन से भी ट्रेन चालक को हस्ताक्षर कराने होते हैं, लेकिन अब व्यवस्था में सुधार करते हुए ट्रेनों की गति बढ़ा दी गई है।
इस पुलिया में अभी भी खतरा है। इसलिए ट्रेनों को 15 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से निकाला जा रहा है। इससे ट्रेनें लेट हो जा रही है। रेलवे अधिकारियों ने दोबारा ब्लाक लेकर निर्माण कार्य पूरा कराने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र भेजा है। उधर, निर्माणाधीन पुलिया से मिट्टी का कटान या पत्थर के हटने से कभी भी हादसा हो सकता है।
ऐसे में रेलवे यात्रियों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। स्टेशन अधीक्षक वीरेंद्र सिंह ने बताया कि निर्माण कार्य पूरा कराने को लेकर आला अधिकारियों को पत्र भेजा गया है। ट्रैक की समय समय पर जांच की जा रही है।