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Hapur News: पूरा नहीं हुआ विद्युतीकरण, अब ऑडिट करेगी केरल की टीम
Tue, 16 Apr 2024 10:19 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Tue, 16 Apr 2024 10:19 PM IST
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हापुड़। जिले के तीनों डिवीजन में 20 करोड़ से कराए जा रहे विद्युतीकरण (बिजनेस प्लान) के कार्यों का ऑडिट केरल की टीम करेगी। हापुड़ में बड़े स्तर पर मिली अनियमितताओं को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया है। 30 अप्रैल तक इस योजना में कार्य पूरे कराए जाने थे, जिसे लेकर अधिकारियों ने नोटिस भी दिया है। हालांकि अभी 50 फीसदी ही कार्य हो सका है।
जिले में जर्जर विद्युत लाइनों की बदली करने और ओवरलोड ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि या नए संयोजन लगाए जाने को लेकर जिले के तीनों डिवीजन से एक प्लान तैयार कराया गया था। रिवैंप योजना से जो काम छूटे थे, इसमें ऐसे कार्य शामिल थे। तीनों डिवीजन से 20 करोड़ के प्रस्ताव लिए गए। जिन्हें स्वीकृति मिले पर तीनों डिवीजन में कार्य शुरू कर दिया गया।
वैसे तो मार्च महीने में ही काम खत्म किया जाना था, लेकिन शुरूआत में टेंडर प्रक्रिया में काफी समय खर्च हुआ। जिस कारण काम देरी से शुरू हो सका, अधीक्षण अभियंता ने संबंधित ठेकेदारों को 30 अप्रैल तक कार्य पूर्ण करने के आदेश दिए हैं। ताकि गर्मियों में निर्बाध सप्लाई मिल सके।
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हालांकि इन कार्यों में तेजी के बीच किसी तरह की अनियमितता पर ठेकेदार नप सकते हैं, उनका भुगतान भी रोका जा सकता है। क्योंकि हाईकमान के आदेश पर जिले में बिजनेस प्लान के कार्यों की गुणवत्ता को परखने के लिए केरल की इंस्टोमेंटेशन कंपनी को जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो जिलेभर में हुए कार्यों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर प्रेषित करेगी। काम में अनियमितता मिलने पर ठेकेदारों का भुगतान भी रोका जाएगा।
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टेंडर प्रक्रिया के दौरान हुआ था हंगामा-
बिजनेस प्लान के तहत टेंडर निकाले गए थे, जिन्हें लेकर काफी नाराजगी भी सामने आई। टेंडर निकल जाने के बाद भी लंबे समय तक कागजी कार्रवाई नहीं हो सकी। तत्कालीन उच्चाधिकारियों पर भी गंभीर आरोप लगे थे। इसी के बाद से बिजनेस प्लान का कार्य पिछड़ता गया।
बड़े कार्यों में पहले भी हुई है अनियमितता
* बाबूगढ़ के भारतीय रक्षा प्रणाली के एस्टीमेट बनाने में 27 लाख का खेल, जांच जारी।
* दिल्ली रोड बिजलीघर से जुड़े इलाके में एक उपभोक्ता के दो एस्टीमेट बनाए, तत्कालीन एसडीओ, जेई निलंबित।
* शहर को निर्बाध सप्लाई देने के लिए अंडरग्राउंड लाइन बनाने में अनियमितता, ठेकेदार का भुगतान अटका, सप्लाई भी नहीं हो सकी चालू।
बिजनेस प्लान में होने हैं ये महत्वपूर्ण कार्य
* तीनों डिवीजन में 450 से अधिक ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि व नए संयोजन लगाए जाने।
* बिजलीघरों की वीसीबी मशीनों को बदला जाएगा।
* 200 किलोमीटर से ज्यादा विद्युत लाइनों की बदली।
* लीड, जर्जर तार और बिजलीघरों पर जरूरी मरम्मत कार्य।
कोट -
बिजनेस प्लान में 30 अप्रैल तक विद्युतीकरण के कार्य पूर्ण कराने के आदेश दिए गए हैं। कार्य की गुणवत्ता जांचने के लिए केरल की टीम उच्चाधिकारियों ने नामित की है, जो यहां हुए कार्यों की जांच कर रिपोर्ट तैयार करेगी।-- अवनीश कुमार, अधीक्षण अभियंता।
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जिले में जर्जर विद्युत लाइनों की बदली करने और ओवरलोड ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि या नए संयोजन लगाए जाने को लेकर जिले के तीनों डिवीजन से एक प्लान तैयार कराया गया था। रिवैंप योजना से जो काम छूटे थे, इसमें ऐसे कार्य शामिल थे। तीनों डिवीजन से 20 करोड़ के प्रस्ताव लिए गए। जिन्हें स्वीकृति मिले पर तीनों डिवीजन में कार्य शुरू कर दिया गया।
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वैसे तो मार्च महीने में ही काम खत्म किया जाना था, लेकिन शुरूआत में टेंडर प्रक्रिया में काफी समय खर्च हुआ। जिस कारण काम देरी से शुरू हो सका, अधीक्षण अभियंता ने संबंधित ठेकेदारों को 30 अप्रैल तक कार्य पूर्ण करने के आदेश दिए हैं। ताकि गर्मियों में निर्बाध सप्लाई मिल सके।
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हालांकि इन कार्यों में तेजी के बीच किसी तरह की अनियमितता पर ठेकेदार नप सकते हैं, उनका भुगतान भी रोका जा सकता है। क्योंकि हाईकमान के आदेश पर जिले में बिजनेस प्लान के कार्यों की गुणवत्ता को परखने के लिए केरल की इंस्टोमेंटेशन कंपनी को जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो जिलेभर में हुए कार्यों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर प्रेषित करेगी। काम में अनियमितता मिलने पर ठेकेदारों का भुगतान भी रोका जाएगा।
टेंडर प्रक्रिया के दौरान हुआ था हंगामा-
बिजनेस प्लान के तहत टेंडर निकाले गए थे, जिन्हें लेकर काफी नाराजगी भी सामने आई। टेंडर निकल जाने के बाद भी लंबे समय तक कागजी कार्रवाई नहीं हो सकी। तत्कालीन उच्चाधिकारियों पर भी गंभीर आरोप लगे थे। इसी के बाद से बिजनेस प्लान का कार्य पिछड़ता गया।
बड़े कार्यों में पहले भी हुई है अनियमितता
* बाबूगढ़ के भारतीय रक्षा प्रणाली के एस्टीमेट बनाने में 27 लाख का खेल, जांच जारी।
* दिल्ली रोड बिजलीघर से जुड़े इलाके में एक उपभोक्ता के दो एस्टीमेट बनाए, तत्कालीन एसडीओ, जेई निलंबित।
* शहर को निर्बाध सप्लाई देने के लिए अंडरग्राउंड लाइन बनाने में अनियमितता, ठेकेदार का भुगतान अटका, सप्लाई भी नहीं हो सकी चालू।
बिजनेस प्लान में होने हैं ये महत्वपूर्ण कार्य
* तीनों डिवीजन में 450 से अधिक ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि व नए संयोजन लगाए जाने।
* बिजलीघरों की वीसीबी मशीनों को बदला जाएगा।
* 200 किलोमीटर से ज्यादा विद्युत लाइनों की बदली।
* लीड, जर्जर तार और बिजलीघरों पर जरूरी मरम्मत कार्य।
कोट -
बिजनेस प्लान में 30 अप्रैल तक विद्युतीकरण के कार्य पूर्ण कराने के आदेश दिए गए हैं। कार्य की गुणवत्ता जांचने के लिए केरल की टीम उच्चाधिकारियों ने नामित की है, जो यहां हुए कार्यों की जांच कर रिपोर्ट तैयार करेगी।