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Hapur News: फैक्टरी के ट्रांसफार्मर से जोड़ी कॉलोनी की लोइन, जेई निलंबित
Wed, 30 Apr 2025 10:44 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Wed, 30 Apr 2025 10:44 PM IST
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हापुड़। ऊर्जा निगम के अवर अभियंता ने 4.50 लाख रुपये लेकर फैक्टरी के संयोजन से कॉलोनी में कनेक्शन बांट दिए। इस कॉलोनी का ऊर्जीकरण भी नहीं किया। इस मामले की जांच में जेई रविंद्र कुमार कर्दम दोषी पाए गए हैं। जिन्हें निलंबित कर गढ़मुक्तेश्वर डिवीजन कार्यालय से संबद्ध कर दिया है।
मसूरी निवासी मुबीनउद्दीन ने जांच के दौरान बताया कि पिलखुवा डिवीजन के मसूरी उपकेंद्र के अवर अभियंता रविंद्र कुमार कर्दम से कनेक्शन की मांग की गई। लेकिन अवर अभियंता ने कॉलोनी के नाम से संयोजन देने से इन्कार कर दिया। हालांकि साढ़े चार लाख रुपये लेने के बाद बताया कि किसी दूसरे नाम से कनेक्शन हो सकता है।
आरोप है कि अवर अभियंता ने 4.50 लाख रुपये लेकर उसके नाम कनेक्शन दे दिया। एस्टीमेट के नाम पर 1.97 लाख रुपये और जमा कराए। अवर अभियंता ने मीटर लगाकर केबल फैक्टरी के ट्रांसफार्मर से जुड़वा दिया। फैक्टरी संचालक ने केबल उतारकर नीचे फैंक दिया, उसका कहना था कि ट्रांसफार्मर से इस तरह कॉलोनी को सप्लाई नहीं दी जा सकती है।
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जब सप्लाई नहीं मिली तो शिकायतकर्ता ने अवर अभियंता से अपने रुपये वापस मांगे। आरोप है कि अवर अभियंता ने 50-50 हजार रुपये कर ढाई लाख रुपये वापस कर दिए। लेकिन दो लाख रुपये नहीं दिए।
इस प्रकरण की शिकायत के बाद पिलखुवा एक्सईएन द्वारा एसडीओ धौलाना को जांच सौंपी गई। जांच में प्रथम दृष्टया अवर अभियंता दोषी पाए गए। जिसके कारण उन्हें निलंबित किया गया है। एस्टीमेट स्वीकृत कराए बिना ही पोर्टल पर इतनी अधिक राशि अपलोड करने से भी संदेह गहराया। वहीं, शिकायतकर्ता द्वारा 11 महीने बाद जिस तरह शिकायत की गई है, जांच में उसकी भूमिका भी संदिग्ध मिली है।
छह अधिकारियों के निलंबन के बाद से सुधरी थी व्यवस्था
पिछले दिनों कॉलोनियों के ऊर्जीकरण और अन्य अनियमितताओं में अधीक्षण अभियंता, एसडीओ, जेई, सीए समेत छह अधिकारियों को निलंबित किया गया था। जिसके बाद से मामला शांत था। लेकिन फिर से भ्रष्टाचार के मामले बढ़ने लगे हैं। इस पर स्थानीय अधिकारियों ने निगरानी भी बढ़ाई है।
कोट -कनेक्शन देने में अनियमितता के मामले में अवर अभियंता रविंद्र कुमार कर्दम को निलंबित कर दिया गया है। उसे गढ़ डिवीजन कार्यालय से संबद्ध कर दिया है। किसी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं होगी। - एसके अग्रवाल, अधीक्षण अभियंता।
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मसूरी निवासी मुबीनउद्दीन ने जांच के दौरान बताया कि पिलखुवा डिवीजन के मसूरी उपकेंद्र के अवर अभियंता रविंद्र कुमार कर्दम से कनेक्शन की मांग की गई। लेकिन अवर अभियंता ने कॉलोनी के नाम से संयोजन देने से इन्कार कर दिया। हालांकि साढ़े चार लाख रुपये लेने के बाद बताया कि किसी दूसरे नाम से कनेक्शन हो सकता है।
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आरोप है कि अवर अभियंता ने 4.50 लाख रुपये लेकर उसके नाम कनेक्शन दे दिया। एस्टीमेट के नाम पर 1.97 लाख रुपये और जमा कराए। अवर अभियंता ने मीटर लगाकर केबल फैक्टरी के ट्रांसफार्मर से जुड़वा दिया। फैक्टरी संचालक ने केबल उतारकर नीचे फैंक दिया, उसका कहना था कि ट्रांसफार्मर से इस तरह कॉलोनी को सप्लाई नहीं दी जा सकती है।
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जब सप्लाई नहीं मिली तो शिकायतकर्ता ने अवर अभियंता से अपने रुपये वापस मांगे। आरोप है कि अवर अभियंता ने 50-50 हजार रुपये कर ढाई लाख रुपये वापस कर दिए। लेकिन दो लाख रुपये नहीं दिए।
इस प्रकरण की शिकायत के बाद पिलखुवा एक्सईएन द्वारा एसडीओ धौलाना को जांच सौंपी गई। जांच में प्रथम दृष्टया अवर अभियंता दोषी पाए गए। जिसके कारण उन्हें निलंबित किया गया है। एस्टीमेट स्वीकृत कराए बिना ही पोर्टल पर इतनी अधिक राशि अपलोड करने से भी संदेह गहराया। वहीं, शिकायतकर्ता द्वारा 11 महीने बाद जिस तरह शिकायत की गई है, जांच में उसकी भूमिका भी संदिग्ध मिली है।
छह अधिकारियों के निलंबन के बाद से सुधरी थी व्यवस्था
पिछले दिनों कॉलोनियों के ऊर्जीकरण और अन्य अनियमितताओं में अधीक्षण अभियंता, एसडीओ, जेई, सीए समेत छह अधिकारियों को निलंबित किया गया था। जिसके बाद से मामला शांत था। लेकिन फिर से भ्रष्टाचार के मामले बढ़ने लगे हैं। इस पर स्थानीय अधिकारियों ने निगरानी भी बढ़ाई है।
कोट -कनेक्शन देने में अनियमितता के मामले में अवर अभियंता रविंद्र कुमार कर्दम को निलंबित कर दिया गया है। उसे गढ़ डिवीजन कार्यालय से संबद्ध कर दिया है। किसी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं होगी। - एसके अग्रवाल, अधीक्षण अभियंता।