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जून तक रुपये कार्ड में बदले 68 हजार केसीसी
ब्यूरो, अमर उजाला/ हापुड़
Updated Wed, 29 Mar 2017 09:41 PM IST
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किसान क्रेडिट कार्ड
- फोटो : demo pic
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अब एक जून से गैस की तर्ज पर खाद की सब्सिडी सीधे किसानों के खातों में आएगी। इसके लिए जल्द ही जिले के 68 हजार किसानों के केसीसी रुपये कार्ड में तब्दील हो जाएगंगे। इन्हीं कार्ड को उर्वरकों की दुकानों पर स्वैप कराकर खाद की खरीदारी की जा सकेगी,
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लेकिन बैंक अफसरों के लिए यह बड़ी चुनौती होगी। क्योंकि उन्हें एक जून तक शेष 42 हजार किसानों के केसीसी बनाने हैं, साथ ही पुराने केसीसी को रुपये कार्ड में तब्दील भी करना है।
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उर्वरकों की खरीद के दौरान अक्सर किसानों की शिकायत रहती थी कि उन्हें निर्धारित दाम से अधिक पर उर्वरक दिए जा रहे हैं। सब्सिडी का पैसा न मिलने, घटतौली, खराब गुणवत्ता की भी शिकायत अक्सर की जाती थी, लेकिन यह शिकायत बिना साक्ष्यों के आधार पर होती थी।
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क्योंकि दुकानदार किसानों को कोई बिल नहीं दिया करते थे। एक जून तक जिलेभर में स्थापित उर्वरकों के 150 प्रतिष्ठानों पर पीओएस मशीनें लगाई जाएंगी। इन मशीनों पर केसीसी को स्वैप कराना होगा। उर्वरकों की निर्धारित रकम किसान के खाते से कट जाएगी।
सब्सिडी का पैसा डीबीटी के माध्यम से सीधे किसान के खाते में पहुंचेगा, लेकिन अभी तक जिले के 68 हजार किसानों को जो केसीसी जारी हुए हैं, वह पीओएस मशीन पर काम नहीं कर सकते हैं। इसलिए इन कार्डों को रुपये कार्ड में बदला जाएगा।
इसकी जिम्मेदारी शासन ने बैंक अफसरों को सौंपी है। जिलेभर में जल्द ही डिजिटल कैंप लगाए जाएंगे, इसमें किसानों के केसीसी को रुपया कार्ड में तब्दील किया जायेगा, साथ ही शेष किसानों के भी केसीसी कार्ड बनाए जायेंगे।
उर्वकर बिक्री केंद्रों पर अक्सर किसान ज्यादा पैसा लेने की शिकायत करते रहते हैं, लेकिन कार्ड के माध्यम से ऑनलाइन खाद की खरीदारी शुरू होने पर दुकानदार किसान से एक भी रुपया अधिक नहीं ले सकेंगे। यदि दुकानदार निर्धारित कीमत से ज्यादा पैसा लेगा, तो वह पकड़ में आ जाएगा।
एक जून से उर्वरकों की दुकान पर खाद की खरीदारी सिर्फ केसीसी से की जा सकेगी। नकद कैश पर दुकानदार खाद नहीं बेच सकेंगे। यदि नकद खाद बेचा गया तो कृषि विभाग के अधिकारी कार्रवाई करेंगे।
शासन की योजना के तहत जल्द ही केसीसी कार्डों को रुपये कार्ड में बदला जाएगा। डीबीटी के माध्यम से खाद पर मिलने वाली सब्सिडी सीधे किसान के खाते में पहुंचेगी। उर्वरकों के प्रतिष्ठानों पर पीओएस मशीनें लगाई जाएंगी। शिवकुमार, डीओ
नए केसीसी जो बन रहे हैं, वह रुपये कार्ड की तर्ज पर बन रहे हैं। पुराने केसीसी को किसान संबंधित बैंक में लाकर रुपये कार्ड में बदलवा सकते हैं। जिन किसानों के कार्ड नहीं बने हुए हैं वह किसी भी कार्य दिवस में केसीसी बनवा सकते हैं। एपी चतुर्वेदी, प्रबंधक, जिला अग्रणी बैंक