पिलखुवा। नगर पालिका परिषद ने नगर में पहली बार आवारा कुत्ताें के बंध्याकरण और उपचार का अभियान शुरू किया है। अभियान के तहत आक्रामक और बच्चों के लिए खतरा बने कुत्तों को सुरक्षित तरीके से पकड़ा जाएगा। बंध्याकरण के बाद उन्हें कूलिंग और रिकवरी अवधि दी जाएगी। स्वस्थ होने पर कुत्तों को उसी क्षेत्र में वापस छोड़ा जाएगा, जहां से उन्हें पकड़ा गया था।
नगर में चार हजार से अधिक आवारा कुत्तें हैं। पालिका के अनुसार गिनती के लोगों ने ही पालतू कुत्तों का टीकाकरण कराया है। अधिकांश पालतू कुत्ते बिना टीकाकरण के ही पाले जा रहे हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार प्रतिदिन 35 से 40 लोगों को बंदर और कुत्तों के काटने के बाद टीके लगाए जाते हैं। पालिका अध्यक्ष विभू बंसल ने कहा कि लोगों की सुरक्षा प्राथमिकता है। अभियान में पशुओं के साथ किसी तरह की क्रूरता न हो, इसका ध्यान रखा जाएगा। शासन के नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। अभियान की जिम्मेदारी निविदा प्रक्रिया के माध्यम से अधिकृत एजेंसी को दी गई है। ईओ इंद्रपाल सिंह ने पालतू कुत्तों के मालिकों से नियमित टीकाकरण कराने और टीकाकरण पुस्तिका सुरक्षित रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकारी विभाग द्वारा मांगे जाने पर रिकॉर्ड प्रस्तुत किया जा सके। प्रतिबंधित नस्ल के कुत्ते न पालें और पालतू कुत्तों को सार्वजनिक स्थानों पर खुला न छोड़ें।