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रेलवे दोहरीकरण में मकान भी गया, मुआवजा भी नहीं मिला
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़
Updated Tue, 09 Aug 2016 09:15 PM IST
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रेलवे लाइन दोहरीकरण में वर्ष 2007 में गांव शाहपुर जट निवासी जयभगवान का तीन मंजिला मकान का अधिग्रहण कर लिया गया, लेकिन 9 साल बीतने के बाद भी उसे निर्धारित 8 लाख रुपये मुआवजा नहीं मिल सका है।
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कोर्ट के चक्कर लगाकर परेशान पीड़ित ने अब डीएम से राहत की गुहार लगाई है। शाहपुर जट निवासी जयभगवान ने बताया कि वर्ष 2007 में रेलवे लाइन दोहरीकरण में उसका करीब 140 वर्ग मीटर जमीन पर बना मकान रेलवे ने अधिग्रहित कर लिया था।
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रेलवे ने उसके मकान की मुआवजा राशि 8.35 लाख रुपये निर्धारित की थी। पीड़ित ने इस संबंध में वर्ष 2007 में ही गाजियाबाद न्यायालय अपर जिला सत्र में मुकदमा पंजीकृत कराया था। कोर्ट ने वर्ष 2012 में पीड़ित के हक में रुपये दिलाने का आदेश किया था।
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पीड़िता का आरोप है कि कोर्ट के आदेश के बाद भी रेलवे ने अभी तक मुआवजा नहीं दिया है। कमाई का अन्य साधन न होने के कारण वह अपने परिवार का पालन पोषण भी नहीं कर पा रहा है। पीड़ित ने इस संबंध में डीएम से राहत की गुहार लगाई है।