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वाहन के नाम पर शुल्क भारी, बच्चे कराते हैं चालक को सवारी
ब्यूरो, अमर उजाला/ हापुड़
Updated Fri, 04 Nov 2016 09:03 PM IST
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रिक्शा चालक बच्चों से लगवाते हैं धक्का
- फोटो : अमर उजाला
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वाहन शुल्क के नाम पर स्कूल प्रबंधन अभिभावकों से मोटी रकम एेंठते हैं, मगर सुविधाओं के नाम पर एक रिक्शे में मानक से ज्यादा बच्चे बैठाए जाते हैं। इतना ही नहीं रिक्शा चालक बच्चों की संख्या अधिक होने के चलते उनसे धक्का लगवाते हैं।
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ऐसे में यदि रिक्शा को धक्का लगाते समय कोई हादसा हुआ तो इसका जिम्मेदार कौन होगा। नगर में संचलित पब्लिक स्कूलों में मानकों को ताक पर रख बच्चों को ट्रांसपोर्ट की सुविधा दी जा रही है। रिक्शे में छह बच्चों की जगह 14 बच्चों को बैठा दिया जाता है।
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ऐसे में चालक रिक्शा चला नहीं पाता और बच्चों से रिक्शा में धक्का लगवाते हैं। यह प्रक्रिया स्कूल के अंदर से ही शुरू हो जाती है। संचालक मूकदर्शक बनकर ट्रांसपोर्ट के नाम पर हजारों रुपये बचा जाते हैं।
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शुक्रवार को बुलंदशहर रोड पर छोटे-छोटे बच्चे रिक्शा को धक्का लगाते चल रहे थे। काफी भीड़भाड़ वाले इलाके में यदि बच्चों के साथ कोई हादसा हो तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी, यह बड़ा सवाल है।
नई आबादी निवासी लक्ष्मी का कहना है कि अब वह अपने बच्चों को भेजते समय ध्यान रखेंगी, कहीं उनके बच्चे को तो रिक्शा में धक्का नहीं लगाना पड़ रहा है। वह ट्रांसपोर्ट सुविधा के नाम पर स्कूल में हजारों रुपये जमा करती हैं।
वहीं, पुराना बाजार निवासी शहाना सैफी का कहना है कि वह अपने बच्चों को स्कूल पढ़ने के लिए भेजती हैं, ना कि रिक्शा में धक्का लगाने के लिए। अब वह अपने बच्चों पर ध्यान रखेंगी, यदि उनके बच्चे से रिक्शा में धक्का लगवाया गया तो वह स्कूल संचालकों की शिकायत करेंगी।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी देवेंद्र गुप्ता का कहना है कि स्कूल संचालक यदि ट्रांसपोर्ट शुल्क ले रहे हैं, तो बच्चों को अच्छी तरह घर भेजे। मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।