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Hapur News: पर्यटन स्थल बनेगी हसनपुर लोढा की प्राकृतिक झील
Wed, 21 Feb 2024 10:23 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Wed, 21 Feb 2024 10:23 PM IST
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धौलाना। हापुड़, गाजियाबाद और गौतमबुद्धनगर की सीमा से सटी हसनपुर लोढा की प्राकृतिक झील को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। क्षेत्रीय सांसद जरनल वीके सिंह के प्रस्ताव पर बुधवार को एसडीएम धौलाना के नेतृत्व में झील की पैमाइश कराई गई। बारिश का पानी अधिक होने के कारण झील का स्वरूप बढ़ रहा है, जिससे किसानों की फसलें भी बर्बाद हो रही हैं।
एसडीएम संतोष उपाध्याय ने बताया कि ग्राम प्रधान हसनपुर राजपाल सिंह ने क्षेत्रीय सांसद के समक्ष झील की पैमाइश कराकर रकबा सुरक्षित करने की मांग की थी। प्रशासन ने टीम गठित कर सुरक्षा के दृष्टिकोण से 48 हेक्टेयर में फैली प्राकृतिक झील की पैमाइश व चिन्हांकन कराने के लिए संयुक्त समिति का गठन किया गया। बुधवार को झील की पैमाइश करने के लिए धौलाना, दादरी, गाजियाबाद सदर तहसील की राजस्व टीम पहुंची।
ग्राम प्रधान राजपाल सिंह ने बताया कि गांव में प्राकृतिक झील है, जिसका रकबा 48 हेक्टेयर है। झील की जमीन से आसपास गांव की आबादी और किसानों की अपनी जमीन है। बरसात में पानी की अधिकता बढ़ने पर झील का क्षेत्रफल बढ़ जाता है। झील के मूल स्वरूप की अधिकता बढ़ जाने पर आसपास के खेतों का स्वरूप झील जैसा प्रतीत होता है। झील की मेढ़ बंदी न होने के कारण किसानों को परेशानी होती है। किसानों की फसल डूब जाती है जिससे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। जिसके कारण ही सांसद वीके सिंह से इस संबंध में शिकायत की गई थी।
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तत्कालीन डीएम ने भी भेजा था प्रस्ताव
जंगल में फैली इस प्राकृतिक झील के सुंदरीकरण के लिए पूर्व में भी अधिकारियों ने सहमति जाहिर की थी। भौगोलिक स्थिति और यहां के परिवेश को देखते हुए यह पर्यटन का बेहतर विकल्प साबित हो सकती है। झील के चारों ओर लोगों की बैठने की व्यवस्था, हरियाली, आकर्षक फूलों के पौधे लगाए जाने और यहां नौकायन की मांग पहले भी उठी थी। मंडलायुक्त सुरेंद्र सिंह व डीएम अनुज सिंह ने भी इसका निरीक्षण करके प्रस्ताव भेजने की बात कही थी।
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एसडीएम संतोष उपाध्याय ने बताया कि ग्राम प्रधान हसनपुर राजपाल सिंह ने क्षेत्रीय सांसद के समक्ष झील की पैमाइश कराकर रकबा सुरक्षित करने की मांग की थी। प्रशासन ने टीम गठित कर सुरक्षा के दृष्टिकोण से 48 हेक्टेयर में फैली प्राकृतिक झील की पैमाइश व चिन्हांकन कराने के लिए संयुक्त समिति का गठन किया गया। बुधवार को झील की पैमाइश करने के लिए धौलाना, दादरी, गाजियाबाद सदर तहसील की राजस्व टीम पहुंची।
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ग्राम प्रधान राजपाल सिंह ने बताया कि गांव में प्राकृतिक झील है, जिसका रकबा 48 हेक्टेयर है। झील की जमीन से आसपास गांव की आबादी और किसानों की अपनी जमीन है। बरसात में पानी की अधिकता बढ़ने पर झील का क्षेत्रफल बढ़ जाता है। झील के मूल स्वरूप की अधिकता बढ़ जाने पर आसपास के खेतों का स्वरूप झील जैसा प्रतीत होता है। झील की मेढ़ बंदी न होने के कारण किसानों को परेशानी होती है। किसानों की फसल डूब जाती है जिससे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। जिसके कारण ही सांसद वीके सिंह से इस संबंध में शिकायत की गई थी।
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तत्कालीन डीएम ने भी भेजा था प्रस्ताव
जंगल में फैली इस प्राकृतिक झील के सुंदरीकरण के लिए पूर्व में भी अधिकारियों ने सहमति जाहिर की थी। भौगोलिक स्थिति और यहां के परिवेश को देखते हुए यह पर्यटन का बेहतर विकल्प साबित हो सकती है। झील के चारों ओर लोगों की बैठने की व्यवस्था, हरियाली, आकर्षक फूलों के पौधे लगाए जाने और यहां नौकायन की मांग पहले भी उठी थी। मंडलायुक्त सुरेंद्र सिंह व डीएम अनुज सिंह ने भी इसका निरीक्षण करके प्रस्ताव भेजने की बात कही थी।