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ओवैसी पर हमले के लिए चार साल पहले खरीद ली थी पिस्टल

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 14 Feb 2022 10:24 PM IST
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कचहरी में गोली चलाने वाले आरोपियों को कोर्ट में पेश करने ले जाते पुलिसकर्मी संवाद - फोटो : HAPUR
ओवैसी पर हमले के लिए चार साल पहले खरीद ली थी पिस्टल
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पिलखुवा। एआईएमआईएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी पर हमला करने के लिए आरोपियों ने चार साल पहले सवा लाख रुपये में दो पिस्टल और 50 कारतूस खरीदे थे। हथियार मुहैया कराने वाले आलिम ने आरोपी सचिन के डासना स्थित मकान पर काम किया था। तभी से दोनों संपर्क में थे। वहीं कस्टडी रिमांड के दौरान आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने दोनों के मोबाइल फोन भी बरामद कर लिए हैं। पुलिस ने सोमवार को आरोपियों का 24 घंटे की रिमांड का समय पूरा होने पर उन्हें न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया है।
छिजारसी टोल प्लाजा पर गत तीन फरवरी को ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लेमीन (एआईएमआईएम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी की गाड़ी पर हमला करने वाले आरोपी सचिन और शुभम को पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर 24 घंटे की रिमांड पर लिया था। रविवार सुबह दस बजे से आरोपी पुलिस कस्टडी में रिमांड पर थे। पूछताछ में आरोपियों ने ओवैसी पर हमले की बात कबूल की थी। वहीं हथियार मुहैया कराने वाले आलिम (जो पुलिस की गिरफ्त में है) से पिस्टल खरीदने की बात भी स्वीकार की थी। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अभिनव सिंह पुंडीर ने बताया कि वर्ष 2017 में आरोपी सचिन ने डासना में मकान बनवाया था। जहां पर मेरठ के मुंडाली निवासी आलिम ने मसूरी निवासी अपनी बेटी के पास रहकर मकान में मजदूरी की थी। तभी से सचिन और आलिम एक-दूसरे के संपर्क में थे। वर्ष 2018 में सचिन और शुभम ने एक 9 एमएम एवं एक 0.32 बोर अर्थात 7.65 एमएम की पिस्टल और 50 कारतूस सवा लाख रुपये में खरीदे थे। उन्होंने बताया कि रिमांड के दौरान दोनों आरोपियों की निशानदेही पर उनके मोबाइल फोन बरामद कर लिए गए हैं। मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाली जा रही है, जिससे यह पता चलेगा कि पिछले चार साल में कौन-कौन व्यक्ति इनके संपर्क था। वहीं रिमांड की अवधि समाप्त होने के बाद सोमवार को दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया ।
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कॉल डिटेल से खुलेंगे राज
पुलिस ने सचिन और शुभम के मोबाइल बरामद कर लिए हैं। कोतवाली प्रभारी का कहना है कि कॉल डिटेल की जांच शुरू कर दी गई है। पिछले चार साल से किनके संपर्क में रहे, किसी कहने पर घटना को अंजाम दिया। इनके अलावा कई अन्य राज भी खुलेंगे। जल्द ही इस मामले में भी खुलासा किया जाएगा।
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यह था मामला
छिजारसी टोल प्लाजा पर गत तीन फरवरी को एआईएमआईएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी के काफिले पर दो हमलावरों ने फायरिंग की थी। हमले के दौरान ओवैसी का कॉफिला मेरठ के किठौर से चुनावी सभा कर दिल्ली जा रहा था। इस मामले में पुलिस ने आरोपी सचिन और शुभम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। वहीं 11 फरवरी को आरोपियों को हथियार मुहैया कराने वाले आलिम को भी गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने न्यायालय से दोनों आरोपियों की रिमांड मांगी थी, जिसपर न्यायालय ने 24 घंटे की रिमांड स्वीकार की। रविवार दस बजे से आरोपी पुलिस की कस्टडी में रिमांड पर थे। सोमवार को रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया।

कचहरी में गोली चलाने वाले आरोपियों की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी  संवाद

कचहरी में गोली चलाने वाले आरोपियों की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी संवाद- फोटो : HAPUR

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