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डंपिंग ग्राउंड मामला : चहारदीवारी के लिए नहीं पहुंचे अधिकारी, ग्रामीणों का धरना जारी
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डंपिंग ग्राउंड के विरोध में गालंद पंचायत घर पर धरना पर बैठे ग्रामीण।
- फोटो : PILAKHWA
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चहारदीवारी के लिए नहीं पहुंचे अधिकारी, ग्रामीणों का धरना जारी
पिलखुवा। गांलद में बन रहे डंपिंग ग्राउंड का विरोध तेज हो गया है। धरनास्थल छोड़कर ग्रामीणों ने गालंद गांव के पंचायत घर पर धरना शुरू कर दिया है। हालांकि मंगलवार को गाजियाबाद नगर निगम एवं पुलिस का कोई भी अधिकारी नहीं पहुंचा। पूरे दिन ग्रामीणों की नजर डंपिंग ग्राउंड के आसपास ही रही।
गाजियाबाद नगर निगम ने मसूरी गंगनहर पटरी के किनारे जीडीए से 44.25 एकड़ भूमि खरीदी थी। निगम उस भूमि पर गाजियाबाद और आसपास के शहरों का कूड़ा निस्तारण कर उससे बिजली और जैविक खाद तैयार कराने के लिए वेस्ट टू एनर्जी प्लांट लगाना चाहता था। लेकिन गांलद समेत अन्य गांवों के ग्रामीणों ने इसके विरोध में धरना शुरू कर दिया। हालांकि पिछले दिनों निगम ने चिन्हित भूमि पर चहारदीवारी कराने का कार्य शुरू किया था। लेकिन गुस्साए ग्रामीणों ने निगम द्वारा बनाई गई चहारदीवारी को ढहा दिया। इस मामले में निगम के जेई द्वारा 34 को नामजद करते हुए 225 अज्ञात ग्रामीणों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। निगम ने गत सोमवार से पुलिस बल के साथ दोबारा से चहारदीवारी कराने की घोषणा थी। लेकिन मंगलवार को भी अधिकारी नहीं पहुंचे। वह नहीं आये और ग्रामीण सारे दिन वहीं पर डेरा डाले रहे।
जनकल्याण किसान मजदूर वेलफेयर संघर्ष समिति के अध्यक्ष राजीव उर्फ राजू तोमर का कहना है कि ग्रामीणों की एकता का नतीजा है कि गाजियाबाद नगर निगम के अधिकारी चहारदीवारी करने की हिम्मत तक नहीं जुटा पा रहे हैं। जब तक प्लांट का प्रस्ताव पूरी तरह से रद्द नहीं हो जाएगा, ग्रामीणों का आंदोलन जारी रहेगा।
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पिलखुवा। गांलद में बन रहे डंपिंग ग्राउंड का विरोध तेज हो गया है। धरनास्थल छोड़कर ग्रामीणों ने गालंद गांव के पंचायत घर पर धरना शुरू कर दिया है। हालांकि मंगलवार को गाजियाबाद नगर निगम एवं पुलिस का कोई भी अधिकारी नहीं पहुंचा। पूरे दिन ग्रामीणों की नजर डंपिंग ग्राउंड के आसपास ही रही।
गाजियाबाद नगर निगम ने मसूरी गंगनहर पटरी के किनारे जीडीए से 44.25 एकड़ भूमि खरीदी थी। निगम उस भूमि पर गाजियाबाद और आसपास के शहरों का कूड़ा निस्तारण कर उससे बिजली और जैविक खाद तैयार कराने के लिए वेस्ट टू एनर्जी प्लांट लगाना चाहता था। लेकिन गांलद समेत अन्य गांवों के ग्रामीणों ने इसके विरोध में धरना शुरू कर दिया। हालांकि पिछले दिनों निगम ने चिन्हित भूमि पर चहारदीवारी कराने का कार्य शुरू किया था। लेकिन गुस्साए ग्रामीणों ने निगम द्वारा बनाई गई चहारदीवारी को ढहा दिया। इस मामले में निगम के जेई द्वारा 34 को नामजद करते हुए 225 अज्ञात ग्रामीणों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। निगम ने गत सोमवार से पुलिस बल के साथ दोबारा से चहारदीवारी कराने की घोषणा थी। लेकिन मंगलवार को भी अधिकारी नहीं पहुंचे। वह नहीं आये और ग्रामीण सारे दिन वहीं पर डेरा डाले रहे।
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जनकल्याण किसान मजदूर वेलफेयर संघर्ष समिति के अध्यक्ष राजीव उर्फ राजू तोमर का कहना है कि ग्रामीणों की एकता का नतीजा है कि गाजियाबाद नगर निगम के अधिकारी चहारदीवारी करने की हिम्मत तक नहीं जुटा पा रहे हैं। जब तक प्लांट का प्रस्ताव पूरी तरह से रद्द नहीं हो जाएगा, ग्रामीणों का आंदोलन जारी रहेगा।
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