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इंजीनियरिंग कॉलेज में छात्रों ने किया हंगामा
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इंजीनियरिंग कॉलेज में हंगामा करते छात्र।
- फोटो : PILAKHWA
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इंजीनियरिंग कॉलेज में छात्रों ने किया हंगामा
पिलखुवा। नेशनल हाईवे मसूरी नहर के पास पिलखुवा बार्डर पर स्थित एक इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों ने कॉलेज प्रशासन पर फाइन की आढ़ में अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। हंगामा की सूचना पर पहुंचे एसडीएम, समाज कल्याण अधिकारी और दिव्यांगजन अधिकारी ने छात्रों को समझाबुझा कर शांत किया। अधिकारियों ने कॉलेज प्रशासन से वार्ता कर समय पर छात्रों द्वारा फीस जमा नहीं किये जाने के कारण उन पर लगाये गए फाइन का लगभग 85 फीसदी को कम कराया गया है।
पिलखुवा बार्डर पर स्थित एक इंजीनियरिंग कॉलेज में बीटेक, बीबीए, फार्मेसी आदि के सैकड़ों छात्र अध्ययन करते हैं। कोरोना महामारी के दौरान अधिकांश छात्रों द्वारा कॉलेज की फीस समय पर जमा नहीं कराई गई थी। जिसके चलते कॉलेज प्रशासन द्वारा छात्रों पर फाइन चार्ज लगा दिया गया। आरोप है कि कॉलेज प्रशासन द्वारा एक-एक छात्र पर फाइन जाच के रूप में 30 से 35 हजार रुपये तक लगा दिए गए। छात्रों ने कोरोना महामरी का हवाला देते हुए फाइल चार्ज को माफ करने की मांग कॉलेज प्रशासन से की। लेकिन कॉलेज ने फाइन चार्ज को माफ नहीं किया गया। इसी के गुस्साएं छात्रों ने शनिवार को कॉलेज में प्रदर्शन किया। हंगामा करने वालों में अवनीश, विशाल, अंकित, यश, शिवम, संदीप, अभिषेक, गौरव समेत अन्य छात्र उपस्थित रहे।
छात्रों द्वारा समय पर फीस जमा नहीं किए जाने पर कॉलेज की ओर से फाइन चार्ज लगा दिया गया था। इसी वजह से छात्रों ने हंगामा किया। डीएम के निर्देश पर जिला समाज कल्याण और दिव्यांगजन अधिकारिी के साथ मौके पर पहुंचकर फाइन चार्ज को करीब 85 फीसदी कम करा दिया गया है।
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अरविंद कुमार द्विवेदी, एसडीएम धौलाना।
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पिलखुवा। नेशनल हाईवे मसूरी नहर के पास पिलखुवा बार्डर पर स्थित एक इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों ने कॉलेज प्रशासन पर फाइन की आढ़ में अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। हंगामा की सूचना पर पहुंचे एसडीएम, समाज कल्याण अधिकारी और दिव्यांगजन अधिकारी ने छात्रों को समझाबुझा कर शांत किया। अधिकारियों ने कॉलेज प्रशासन से वार्ता कर समय पर छात्रों द्वारा फीस जमा नहीं किये जाने के कारण उन पर लगाये गए फाइन का लगभग 85 फीसदी को कम कराया गया है।
पिलखुवा बार्डर पर स्थित एक इंजीनियरिंग कॉलेज में बीटेक, बीबीए, फार्मेसी आदि के सैकड़ों छात्र अध्ययन करते हैं। कोरोना महामारी के दौरान अधिकांश छात्रों द्वारा कॉलेज की फीस समय पर जमा नहीं कराई गई थी। जिसके चलते कॉलेज प्रशासन द्वारा छात्रों पर फाइन चार्ज लगा दिया गया। आरोप है कि कॉलेज प्रशासन द्वारा एक-एक छात्र पर फाइन जाच के रूप में 30 से 35 हजार रुपये तक लगा दिए गए। छात्रों ने कोरोना महामरी का हवाला देते हुए फाइल चार्ज को माफ करने की मांग कॉलेज प्रशासन से की। लेकिन कॉलेज ने फाइन चार्ज को माफ नहीं किया गया। इसी के गुस्साएं छात्रों ने शनिवार को कॉलेज में प्रदर्शन किया। हंगामा करने वालों में अवनीश, विशाल, अंकित, यश, शिवम, संदीप, अभिषेक, गौरव समेत अन्य छात्र उपस्थित रहे।
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छात्रों द्वारा समय पर फीस जमा नहीं किए जाने पर कॉलेज की ओर से फाइन चार्ज लगा दिया गया था। इसी वजह से छात्रों ने हंगामा किया। डीएम के निर्देश पर जिला समाज कल्याण और दिव्यांगजन अधिकारिी के साथ मौके पर पहुंचकर फाइन चार्ज को करीब 85 फीसदी कम करा दिया गया है।
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अरविंद कुमार द्विवेदी, एसडीएम धौलाना।