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विकास कार्यों में धनराशि का अंतर पाए जाने पर प्रधान, ग्राम पंचायत अधिकारी व अवर अभियंता जांच में दोषी
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विकास कार्यों में अनियमितता पर ग्राम प्रधान के अधिकार सीज
धौलाना। गांव नगला गज्जू में विकास कार्यों में अनियमितता मिलने पर ग्राम प्रधान के अधिकार सीज कर दिए गए हैं। ग्रामीणों की शिकायत पर जांच में प्रथम दृष्टया ग्राम पंचायत अधिकारी दीपक कुमार अवर अभियंता अमृत कुमार व ग्राम प्रधान कालीचरण दोषी पाए गए हैं।
ग्रामीणों ने विकास खंड अधिकारी धौलाना को मई 2018 में एक शिकायती पत्र सौंपा था। जिसमें ग्राम विकास के कार्यों की जांच कराने की मांग की गई थी। ग्रामीणों की शिकायत पर जिला रोजगार सहायता अधिकारी आदेश कुमार अवर अभियंता द्वारा जिला पंचायत हापुड़ को जांच अधिकारी नामित कर जांच किए जाने के निर्देश दिए गए थे। जांच में ग्राम पंचायत में इंटरलॉकिंग कार्य ठीक से न कराने, वृक्षारोपण में धांधली करने, हैंडपंप की मरम्मत में फर्जी बिल लगाने, शौचालय निर्माण में अनियमितता बरतने और सरकारी योजना के अंतर्गत निर्मित आवासों को पूर्ण कराने का जिलाधिकारी ने ग्राम प्रधान, अवर अभियंता व ग्राम पंचायत अधिकारी को दोषी माना है। जिलाधिकारी अदिति सिंह ने गांव में कराए गए विकास कार्यों में 1,20132 रुपये का अंतर पाए जाने पर प्रधान के अधिकार सीज कर दिए हैं। वहीं जिला अर्थ एवं सांख्याधिकारी व सहायक अभियंता लघु सिंचाई विभाग के नेतृत्व में ग्राम नंगला गज्जू की त्रिस्तरीय कमेटी गठित की है। कमेटी ग्राम पंचायत में ग्राम प्रधान के दायित्व का अग्रिम आदेश तक निर्वहन करेगी। कमेटी में नत्थू पुत्र समय सिंह राजकुमार पुत्र दयाराम अभिनेश पुत्र गजेंद्र को शामिल किया गया है।
सात में से सिर्फ एक कार्य ही मिला सही
- शिकायत के संबंध में ग्राम प्रधान को तीन बार कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, लेकिन ग्राम प्रधान ने इस संबंध में जब कोई जवाब नहीं दिया तो 2 सितंबर 2019 को पुन: जांच कराई गई। जांच में अधिकारियों को इंटरलॉकिंग टाइल से संबंधित सात कार्य किए गए जिनमें एक कार्य मौके पर सही पाया गया। जबकि अन्य कार्यों में किए गए भुगतान में अंतर मिला। जांच में पाया गया कि गांव में खराब हैंडपंपों की सही जांच दिखाकर और अभिलेखों में 200 पेड़ों का वृक्षारोपण दर्शाया जाना और मौके पर एक ही पेड़ मिलना, स्वच्छ भारत मिशन अभियान के अंतर्गत बनाए गए आठ लाभार्थियों को शौचालय निर्माण के लिए दी गई धनराशि के तथ्यों को छुपाकर अनुचित लाभ लेने के मामले में ग्राम पंचायत अधिकारी को भी दोषी माना गया। वहीं ग्रामीण महिला गीता पत्नी सुरेंद्र का आवास अपूर्ण पाए जाने पर कार्रवाई के दिशा निर्देश दिए गए हैं।
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कोट
जिला पंचायत राज अधिकारी यावर अब्बास का कहना है कि ग्राम प्रधान नंगला गज्जू के अधिकार सीज करते हुए त्रिस्तरीय कमेटी गठित की गई है। अग्रिम आदेश तक कमेटी ग्राम पंचायत में ग्राम प्रधान के दायित्वों का निर्वहन करेगी। वहीं प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए ग्राम पंचायत अधिकारी दीपक कुमार, अवर अभियंता अमृत कुमार के खिलाफ भी विभागीय जांच कराई जा रही है।
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धौलाना। गांव नगला गज्जू में विकास कार्यों में अनियमितता मिलने पर ग्राम प्रधान के अधिकार सीज कर दिए गए हैं। ग्रामीणों की शिकायत पर जांच में प्रथम दृष्टया ग्राम पंचायत अधिकारी दीपक कुमार अवर अभियंता अमृत कुमार व ग्राम प्रधान कालीचरण दोषी पाए गए हैं।
ग्रामीणों ने विकास खंड अधिकारी धौलाना को मई 2018 में एक शिकायती पत्र सौंपा था। जिसमें ग्राम विकास के कार्यों की जांच कराने की मांग की गई थी। ग्रामीणों की शिकायत पर जिला रोजगार सहायता अधिकारी आदेश कुमार अवर अभियंता द्वारा जिला पंचायत हापुड़ को जांच अधिकारी नामित कर जांच किए जाने के निर्देश दिए गए थे। जांच में ग्राम पंचायत में इंटरलॉकिंग कार्य ठीक से न कराने, वृक्षारोपण में धांधली करने, हैंडपंप की मरम्मत में फर्जी बिल लगाने, शौचालय निर्माण में अनियमितता बरतने और सरकारी योजना के अंतर्गत निर्मित आवासों को पूर्ण कराने का जिलाधिकारी ने ग्राम प्रधान, अवर अभियंता व ग्राम पंचायत अधिकारी को दोषी माना है। जिलाधिकारी अदिति सिंह ने गांव में कराए गए विकास कार्यों में 1,20132 रुपये का अंतर पाए जाने पर प्रधान के अधिकार सीज कर दिए हैं। वहीं जिला अर्थ एवं सांख्याधिकारी व सहायक अभियंता लघु सिंचाई विभाग के नेतृत्व में ग्राम नंगला गज्जू की त्रिस्तरीय कमेटी गठित की है। कमेटी ग्राम पंचायत में ग्राम प्रधान के दायित्व का अग्रिम आदेश तक निर्वहन करेगी। कमेटी में नत्थू पुत्र समय सिंह राजकुमार पुत्र दयाराम अभिनेश पुत्र गजेंद्र को शामिल किया गया है।
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सात में से सिर्फ एक कार्य ही मिला सही
- शिकायत के संबंध में ग्राम प्रधान को तीन बार कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, लेकिन ग्राम प्रधान ने इस संबंध में जब कोई जवाब नहीं दिया तो 2 सितंबर 2019 को पुन: जांच कराई गई। जांच में अधिकारियों को इंटरलॉकिंग टाइल से संबंधित सात कार्य किए गए जिनमें एक कार्य मौके पर सही पाया गया। जबकि अन्य कार्यों में किए गए भुगतान में अंतर मिला। जांच में पाया गया कि गांव में खराब हैंडपंपों की सही जांच दिखाकर और अभिलेखों में 200 पेड़ों का वृक्षारोपण दर्शाया जाना और मौके पर एक ही पेड़ मिलना, स्वच्छ भारत मिशन अभियान के अंतर्गत बनाए गए आठ लाभार्थियों को शौचालय निर्माण के लिए दी गई धनराशि के तथ्यों को छुपाकर अनुचित लाभ लेने के मामले में ग्राम पंचायत अधिकारी को भी दोषी माना गया। वहीं ग्रामीण महिला गीता पत्नी सुरेंद्र का आवास अपूर्ण पाए जाने पर कार्रवाई के दिशा निर्देश दिए गए हैं।
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जिला पंचायत राज अधिकारी यावर अब्बास का कहना है कि ग्राम प्रधान नंगला गज्जू के अधिकार सीज करते हुए त्रिस्तरीय कमेटी गठित की गई है। अग्रिम आदेश तक कमेटी ग्राम पंचायत में ग्राम प्रधान के दायित्वों का निर्वहन करेगी। वहीं प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए ग्राम पंचायत अधिकारी दीपक कुमार, अवर अभियंता अमृत कुमार के खिलाफ भी विभागीय जांच कराई जा रही है।