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जिले में बिना मान्यता चल रहे 72 मदरसे
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जिले में बिना मान्यता चल रहे 72 मदरसे
हापुड़। जिले की तीनों तहसीलों में संचालित कुल 184 मदरसों में से 72 मदरसे बिना मान्यता के चल रहे हैं। शासन के आदेश के बाद जिले की तीनों तहसीलों में मदरसों के सत्यापन का कार्य पूरा कर लिया गया है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी द्वारा रिपोर्ट बनाकर डीएम को सौंपी जाएगी, जिसके बाद इसे शासन को भेजा जाएगा।
जिले की तीनों तहसीलों में पिछले माह मदरसों की जांच के लिए सर्वे शुरू किया गया था। जिसमें मदरसों के सर्वेक्षण का प्रारूप तैयार हुआ था। इसमें सभी गैर मान्यता प्राप्त, निजी मदरसों का सर्वे करने का आदेश दिया गया था। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी सुमन गौतम ने बताया कि जिले में मदरसों के सर्वे का काम पूरा हो गया है। रिपोर्ट जिलाधिकारी कार्यालय को उपलब्ध कराई जाएगी। तीनों तहसीलों में 72 मदरसे बिना मान्यता के चलते पाए गए हैं। जल्द ही रिपोर्ट एडीएम को सौंपी जाएगी। इसके बाद डीएम के माध्यम से रिपोर्ट शासन को जाएगी।
इन बिंदुओं पर की गई जांच ---
शासन ने 12 बिंदुओं पर मदरसों की जांच रिपोर्ट मांगी थी जिसमें पहले कॉलम में मदरसे का नाम भरना था। इसके अलावा मदरसे को संचालित करने वाली संस्था का नाम, स्थापना वर्ष, अवस्थिति का पूरा विवरण, निजी भवन या किराए के भवन में संचालन, मदरसों के भवन की स्थिति, पेयजल बिजली व शौचालय आदि की व्यवस्था, छात्र-छात्राओं और शिक्षकों की संख्या, पाठ्यक्रम, आय का स्रोत, छात्र छात्राएं का अन्य शिक्षण संस्थान स्कूल में नामांकन, क्या किसी गैर सरकारी संस्था या समूह से मदरसे की संबद्धता के कॉलम को टीम को भरने के लिए दिया गया था। अंत में टीम को अपनी टिप्पणी करनी थी। इन सभी बिंदुओं पर रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
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हापुड़। जिले की तीनों तहसीलों में संचालित कुल 184 मदरसों में से 72 मदरसे बिना मान्यता के चल रहे हैं। शासन के आदेश के बाद जिले की तीनों तहसीलों में मदरसों के सत्यापन का कार्य पूरा कर लिया गया है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी द्वारा रिपोर्ट बनाकर डीएम को सौंपी जाएगी, जिसके बाद इसे शासन को भेजा जाएगा।
जिले की तीनों तहसीलों में पिछले माह मदरसों की जांच के लिए सर्वे शुरू किया गया था। जिसमें मदरसों के सर्वेक्षण का प्रारूप तैयार हुआ था। इसमें सभी गैर मान्यता प्राप्त, निजी मदरसों का सर्वे करने का आदेश दिया गया था। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी सुमन गौतम ने बताया कि जिले में मदरसों के सर्वे का काम पूरा हो गया है। रिपोर्ट जिलाधिकारी कार्यालय को उपलब्ध कराई जाएगी। तीनों तहसीलों में 72 मदरसे बिना मान्यता के चलते पाए गए हैं। जल्द ही रिपोर्ट एडीएम को सौंपी जाएगी। इसके बाद डीएम के माध्यम से रिपोर्ट शासन को जाएगी।
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इन बिंदुओं पर की गई जांच ---
शासन ने 12 बिंदुओं पर मदरसों की जांच रिपोर्ट मांगी थी जिसमें पहले कॉलम में मदरसे का नाम भरना था। इसके अलावा मदरसे को संचालित करने वाली संस्था का नाम, स्थापना वर्ष, अवस्थिति का पूरा विवरण, निजी भवन या किराए के भवन में संचालन, मदरसों के भवन की स्थिति, पेयजल बिजली व शौचालय आदि की व्यवस्था, छात्र-छात्राओं और शिक्षकों की संख्या, पाठ्यक्रम, आय का स्रोत, छात्र छात्राएं का अन्य शिक्षण संस्थान स्कूल में नामांकन, क्या किसी गैर सरकारी संस्था या समूह से मदरसे की संबद्धता के कॉलम को टीम को भरने के लिए दिया गया था। अंत में टीम को अपनी टिप्पणी करनी थी। इन सभी बिंदुओं पर रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
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