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गंगा एक्सप्रेसवे : भूमि के अधिग्रहण के लिए शासन से मांगे 31 करोड़
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गंगा एक्सप्रेसवे: भूमि अधिग्रहण के लिए शासन से मांगे 31 करोड़
हापुड़। प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना मेरठ से प्रयागराज तक बनाए जा रहे गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण की प्रक्रिया तेज हो गई है। बाकी बची भूमि का अधिग्रहण करने के लिए जिला प्रशासन ने शासन को 31 करोड़ रुपये की डिमांड भेजी है। जिला प्रशासन की कोशिश है कि इसी माह अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी क र ली जाए। दरअसल, निर्माण के लिए कार्यदायी संस्था की ओर से मशीनें भी मौके पर पहुंच रही हैं और अब काम शुरू होने में देरी हो रही है।
एक्सप्रेस-वे को महाराष्ट्र की आईआरबी और अदाणी समूह मिलकर बना रहा है। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) के निर्देशन में इसका निर्माण हो रहा है।
लेकिन समस्या यह है कि अभी भी कुछ लोगों ने अपना मुआवजा नहीं उठाया है। हापुड़ जिले की बात करें तो एक्सप्रेसवे हापुड़ के 29 गांवों से होकर गुजर रहा है। इसमें सात गांव हापुड़ सदर तहसील और 22 गांव गढ़ तहसील क्षेत्र के हैं। इनमें से दस गांवों में भूमि का अधिग्रहण हो गया है, जबकि 19 गांवों की 26.82 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण अभी बाकी है, जो कुल भूमि का मात्र पांच प्रतिशत है।
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भूमि के अधिग्रहण के लिए पूर्व में जिला प्रशासन की डिमांड पर शासन की ओर से 68 करोड़ रुपया जारी किया गया था। लेकिन अभी भी 31 करोड़ रुपये की आवश्यकता है। इसके लिए जिला प्रशासन ने शासन को पत्र भेजा है।
कोट-
गंगा एक्सप्रेसवे की शेष भूमि का अधिग्रहण इसी माह पूरा करने का प्रयास है, इसके लिए बची हुई धनराशि के लिए शासन को डिमांड भेजी गई है। धनराशि मिलने के बाद अधिग्रहण पूरा हो जाएगा। -श्रद्धा शांडिल्यायन, एडीएम हापुड़।
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हापुड़। प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना मेरठ से प्रयागराज तक बनाए जा रहे गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण की प्रक्रिया तेज हो गई है। बाकी बची भूमि का अधिग्रहण करने के लिए जिला प्रशासन ने शासन को 31 करोड़ रुपये की डिमांड भेजी है। जिला प्रशासन की कोशिश है कि इसी माह अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी क र ली जाए। दरअसल, निर्माण के लिए कार्यदायी संस्था की ओर से मशीनें भी मौके पर पहुंच रही हैं और अब काम शुरू होने में देरी हो रही है।
एक्सप्रेस-वे को महाराष्ट्र की आईआरबी और अदाणी समूह मिलकर बना रहा है। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) के निर्देशन में इसका निर्माण हो रहा है।
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लेकिन समस्या यह है कि अभी भी कुछ लोगों ने अपना मुआवजा नहीं उठाया है। हापुड़ जिले की बात करें तो एक्सप्रेसवे हापुड़ के 29 गांवों से होकर गुजर रहा है। इसमें सात गांव हापुड़ सदर तहसील और 22 गांव गढ़ तहसील क्षेत्र के हैं। इनमें से दस गांवों में भूमि का अधिग्रहण हो गया है, जबकि 19 गांवों की 26.82 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण अभी बाकी है, जो कुल भूमि का मात्र पांच प्रतिशत है।
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भूमि के अधिग्रहण के लिए पूर्व में जिला प्रशासन की डिमांड पर शासन की ओर से 68 करोड़ रुपया जारी किया गया था। लेकिन अभी भी 31 करोड़ रुपये की आवश्यकता है। इसके लिए जिला प्रशासन ने शासन को पत्र भेजा है।
कोट-
गंगा एक्सप्रेसवे की शेष भूमि का अधिग्रहण इसी माह पूरा करने का प्रयास है, इसके लिए बची हुई धनराशि के लिए शासन को डिमांड भेजी गई है। धनराशि मिलने के बाद अधिग्रहण पूरा हो जाएगा। -श्रद्धा शांडिल्यायन, एडीएम हापुड़।