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झोलाछापों पर कसा शिकंजा, चार के खिलाफ दी तहरीर
सार
झोलाछापों पर कसा शिकंजा, चार के खिलाफ दी तहरीर हापुड़।पूर्व में ही इन अस्पतालों को सील किया गया था, लेकिन इनमें ओपीडी जारी रही।इस शिकायत के आधार पर जांच की तो पता चला कि अनीता त्यागी जहां प्रेक्टिस कर रही हैं उसका कोई पंजीकरण नहीं है, साथ ही उनके पास कोई डिग्री भी नहीं।
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विस्तार
झोलाछापों पर कसा शिकंजा, चार के खिलाफ दी तहरीर
हापुड़। बिना पंजीकरण और डिग्री के ही उपचार कर मरीजों की जान से खिलवाड़ करने वालों पर स्वास्थ्य विभाग ने शिकंजा कसा है। गढ़ क्षेत्र में चार झोलाछापों के खिलाफ थाने में तहरीर दी गई है। पूर्व में ही इन अस्पतालों को सील किया गया था, लेकिन इनमें ओपीडी जारी रही। बड़े स्तर पर कार्रवाई से झोलाछापों में अफरा-तफरी मची है।
एसीएमओ व नोडल डॉ. केपी सिंह ने बताया कि गढ़ क्षेत्र में एक महिला बिना पंजीकरण और डिग्री के ही गर्भवतियों का प्रसव करती पकड़ी गई। एक दिन में यहां 10 से 12 महिलाओं के प्रसव कराए जाते थे। एक शिकायत मिली थी, जिसमें बताया गया था कि एक गर्भवती को पूरे दिन अनीता की निगरानी में भर्ती रखा गया, हालत बिगड़ने पर उसे एमजीएसएस हॉस्पिटल में भर्ती कराया। यह अस्पताल पहले से ही सील था, यहां ऑपरेशन से प्रसव कराया, लेकिन बच्चे की मेरठ में उपचार के दौरान मौत हो गई थी।
इस शिकायत के आधार पर जांच की तो पता चला कि अनीता त्यागी जहां प्रेक्टिस कर रही हैं उसका कोई पंजीकरण नहीं है, साथ ही उनके पास कोई डिग्री भी नहीं। एमजीएसएस अस्पताल को पहले ही सील किया गया था, लेकिन इसमें फिर भी उपचार सेवा जारी रही। शुक्रवार को एसीएमओ डॉ.केपी सिंह ने अनीता त्यागी और एमजीएसएस अस्पताल के संचालक भोपाल यादव के खिलाफ थाने में तहरीर दी।
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इसके अलावा बहादुरगढ़ थाना क्षेत्र के पलवाड़ा में झोलाछापों पर कार्रवाई हुई। डॉ.केपी सिंह ने बताया कि सतवीर और अब्दुल खालिक को नोटिस दिए गए थे। जिनका कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। दोनों के खिलाफ बहादुरगढ़ थाने में तहरीर दे दी गई है।
कोट-
गढ़ क्षेत्र में मानकों को ताक पर रख मरीजों की सेहत से खिलवाड़ किए जाने के मामले में चार के खिलाफ थानों में तहरीर दी गई है। आगे भी अभियान जारी रहेगा, गलत तरीके से अस्पताल नहीं चलने दिए जाएंगे।--डॉ.सुनील कुमार, सीएमओ।
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हापुड़। बिना पंजीकरण और डिग्री के ही उपचार कर मरीजों की जान से खिलवाड़ करने वालों पर स्वास्थ्य विभाग ने शिकंजा कसा है। गढ़ क्षेत्र में चार झोलाछापों के खिलाफ थाने में तहरीर दी गई है। पूर्व में ही इन अस्पतालों को सील किया गया था, लेकिन इनमें ओपीडी जारी रही। बड़े स्तर पर कार्रवाई से झोलाछापों में अफरा-तफरी मची है।
एसीएमओ व नोडल डॉ. केपी सिंह ने बताया कि गढ़ क्षेत्र में एक महिला बिना पंजीकरण और डिग्री के ही गर्भवतियों का प्रसव करती पकड़ी गई। एक दिन में यहां 10 से 12 महिलाओं के प्रसव कराए जाते थे। एक शिकायत मिली थी, जिसमें बताया गया था कि एक गर्भवती को पूरे दिन अनीता की निगरानी में भर्ती रखा गया, हालत बिगड़ने पर उसे एमजीएसएस हॉस्पिटल में भर्ती कराया। यह अस्पताल पहले से ही सील था, यहां ऑपरेशन से प्रसव कराया, लेकिन बच्चे की मेरठ में उपचार के दौरान मौत हो गई थी।
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इस शिकायत के आधार पर जांच की तो पता चला कि अनीता त्यागी जहां प्रेक्टिस कर रही हैं उसका कोई पंजीकरण नहीं है, साथ ही उनके पास कोई डिग्री भी नहीं। एमजीएसएस अस्पताल को पहले ही सील किया गया था, लेकिन इसमें फिर भी उपचार सेवा जारी रही। शुक्रवार को एसीएमओ डॉ.केपी सिंह ने अनीता त्यागी और एमजीएसएस अस्पताल के संचालक भोपाल यादव के खिलाफ थाने में तहरीर दी।
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इसके अलावा बहादुरगढ़ थाना क्षेत्र के पलवाड़ा में झोलाछापों पर कार्रवाई हुई। डॉ.केपी सिंह ने बताया कि सतवीर और अब्दुल खालिक को नोटिस दिए गए थे। जिनका कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। दोनों के खिलाफ बहादुरगढ़ थाने में तहरीर दे दी गई है।
कोट-
गढ़ क्षेत्र में मानकों को ताक पर रख मरीजों की सेहत से खिलवाड़ किए जाने के मामले में चार के खिलाफ थानों में तहरीर दी गई है। आगे भी अभियान जारी रहेगा, गलत तरीके से अस्पताल नहीं चलने दिए जाएंगे।--डॉ.सुनील कुमार, सीएमओ।