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गंगा एक्सप्रेसवे : शासन से मिले 68 करोड़, इसी माह पूरा होगा अधिग्रहण
सार
गंगा एक्सप्रेस वे : शासन से मिले 68 करोड़, इसी माह पूरा होगा अधिग्रहण हापुड़।एक्सप्रेसवे को महाराष्ट्र की आईआरबी और अदानी समूह मिलकर बना रहा है।लेकिन कुछ किसानों द्वारा मुआवजा न उठाने के कारण पांच फीसदी जमीन का अधिग्रहण नहीं हो सका है।
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विस्तार
गंगा एक्सप्रेस वे : शासन से मिले 68 करोड़, इसी माह पूरा होगा अधिग्रहण
हापुड़। मेरठ से प्रयागराज तक बनाए जा रहे गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण की कवायद तेज हो गई है। कार्यदायी संस्था ने भूमि को समतल करने का कार्य शुरू कर दिया है वहीं अधिग्रहण का काम भी इसी माह पूरा कर लिया जाएगा। कुल 26.82 हेक्टेयर भूमि के अधिग्रहण के लिए 68 करोड़ की धनराशि शासन से प्राप्त हो गई है। अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी करने के बाद भूमि को कार्यदायी संस्था को सौंप दिया जाएगा।
सरकार की मंशा है कि वर्ष 2025 में प्रयागराज में होने वाले कुंभ मेले में जाने के लिए लोगों का सफर आसान हो जाए। इसके लिए गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण पर पूरा जोर है। एक्सप्रेसवे को महाराष्ट्र की आईआरबी और अदानी समूह मिलकर बना रहा है। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) के निर्देशन में इसका निर्माण कार्य किया जा रहा है।
लेकिन कुछ किसानों द्वारा मुआवजा न उठाने के कारण पांच फीसदी जमीन का अधिग्रहण नहीं हो सका है। हापुड़ जिले की बात करें तो एक्सप्रेसवे हापुड़ के 29 गांवों से होकर गुजर रहा है। इसमें 409 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण होना है, सात गांव हापुड़ सदर तहसील और 22 गांव गढ़ तहसील क्षेत्र के हैं। इनमें से दस गांवों में भूमि का अधिग्रहण हो गया है, जबकि 19 गांवों में की 26.82 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण अभी बाकी है। बची हुई भूमि के लिए जिले में 126 आपत्तियां आई थीं, जिनका निस्तारण भी शुरू कर दिया गया है।
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भूमि में मौजूद परिसंपत्ति का होगा आंकलन
जिस भूमि का अधिग्रहण रुका हुआ है, उस भूमि की परिसंपत्तियों का भी आंकलन किया जाएगा। उदाहरण के लिए यदि भूमि पर कोई वृक्ष है, नलकूप या कोई और निर्माण कार्य है तो संबंधित विभागों के अधिकारियों को इसके लिए आंकलन के लिए निर्देशित कर दिया गया है। ताकि समय से कार्य को निपटाया जा सके।
एक्सप्रेसवे बनने से होगा जिले का विकास
एक्स्प्रसेवे बनने से जिले के विकास में तेजी आएगी। मेरठ के बिजौली से शुरू होकर यह हाईवे हापुड़ और गढ़ के गांवों को पूरा करते हुए अमरोहा तक पहुंच रहा है। 120 मीटर चौड़ाई के एक्सप्रेसवे पर चतुर्भुज कंस्ट्रक्शन इकाई समतलीकरण और एलएनटी कंपनी जमीन को खाली कराने का काम कर रही है। जनवरी 2025 तक कुंभ से पहले इस एक्सप्रेसवे का काम पूरा कर लिया जाएगा। इसके बनने से आसपास का क्षेत्र औद्योगिक हब के रूप में विकसित होगा। प्राधिकरण की ओर से भी इसकी योजना बनाई जा रही है।
कोट-
गंगा एक्सप्रेसवे की शेष भूमि का अधिग्रहण इसी माह पूरा कर लिया जाए, इसके लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। भूमि के अधिग्रहण के लिए हमारे पास पूरा बजट मौजूद है, आपत्तियों का निस्तारण किया जा रहा है ।- श्रद्धा शांडिल्यायन, एडीएम हापुड़।
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हापुड़। मेरठ से प्रयागराज तक बनाए जा रहे गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण की कवायद तेज हो गई है। कार्यदायी संस्था ने भूमि को समतल करने का कार्य शुरू कर दिया है वहीं अधिग्रहण का काम भी इसी माह पूरा कर लिया जाएगा। कुल 26.82 हेक्टेयर भूमि के अधिग्रहण के लिए 68 करोड़ की धनराशि शासन से प्राप्त हो गई है। अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी करने के बाद भूमि को कार्यदायी संस्था को सौंप दिया जाएगा।
सरकार की मंशा है कि वर्ष 2025 में प्रयागराज में होने वाले कुंभ मेले में जाने के लिए लोगों का सफर आसान हो जाए। इसके लिए गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण पर पूरा जोर है। एक्सप्रेसवे को महाराष्ट्र की आईआरबी और अदानी समूह मिलकर बना रहा है। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) के निर्देशन में इसका निर्माण कार्य किया जा रहा है।
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लेकिन कुछ किसानों द्वारा मुआवजा न उठाने के कारण पांच फीसदी जमीन का अधिग्रहण नहीं हो सका है। हापुड़ जिले की बात करें तो एक्सप्रेसवे हापुड़ के 29 गांवों से होकर गुजर रहा है। इसमें 409 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण होना है, सात गांव हापुड़ सदर तहसील और 22 गांव गढ़ तहसील क्षेत्र के हैं। इनमें से दस गांवों में भूमि का अधिग्रहण हो गया है, जबकि 19 गांवों में की 26.82 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण अभी बाकी है। बची हुई भूमि के लिए जिले में 126 आपत्तियां आई थीं, जिनका निस्तारण भी शुरू कर दिया गया है।
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भूमि में मौजूद परिसंपत्ति का होगा आंकलन
जिस भूमि का अधिग्रहण रुका हुआ है, उस भूमि की परिसंपत्तियों का भी आंकलन किया जाएगा। उदाहरण के लिए यदि भूमि पर कोई वृक्ष है, नलकूप या कोई और निर्माण कार्य है तो संबंधित विभागों के अधिकारियों को इसके लिए आंकलन के लिए निर्देशित कर दिया गया है। ताकि समय से कार्य को निपटाया जा सके।
एक्सप्रेसवे बनने से होगा जिले का विकास
एक्स्प्रसेवे बनने से जिले के विकास में तेजी आएगी। मेरठ के बिजौली से शुरू होकर यह हाईवे हापुड़ और गढ़ के गांवों को पूरा करते हुए अमरोहा तक पहुंच रहा है। 120 मीटर चौड़ाई के एक्सप्रेसवे पर चतुर्भुज कंस्ट्रक्शन इकाई समतलीकरण और एलएनटी कंपनी जमीन को खाली कराने का काम कर रही है। जनवरी 2025 तक कुंभ से पहले इस एक्सप्रेसवे का काम पूरा कर लिया जाएगा। इसके बनने से आसपास का क्षेत्र औद्योगिक हब के रूप में विकसित होगा। प्राधिकरण की ओर से भी इसकी योजना बनाई जा रही है।
कोट-
गंगा एक्सप्रेसवे की शेष भूमि का अधिग्रहण इसी माह पूरा कर लिया जाए, इसके लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। भूमि के अधिग्रहण के लिए हमारे पास पूरा बजट मौजूद है, आपत्तियों का निस्तारण किया जा रहा है ।- श्रद्धा शांडिल्यायन, एडीएम हापुड़।