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2013 में कचहरी परिसर में भी हो चुकी है हत्या
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2013 में कचहरी परिसर में भी हो चुकी है हत्या
हापुड़। कचहरी में पहले भी पुलिस हिरासत में हत्या हो चुकी है। 2 अप्रैल 2013 को पुलिस हिरासत में पेशी पर लाए गए बैंक कैश लूटने के अभियुक्त गैंग लीडर अशोक भाटी की आधा दर्जन से अधिक बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर हत्या कर दी थी। उस दौरान भी बदमाश आसानी से फरार होने में कामयाब हो गए थे।
दोपहर लगभग बारह बजे डासना जेल में बंद कुख्यात अशोक भाटी को साथी कपिल के साथ पुलिस अभिरक्षा में हापुड़ न्यायालय लाया गया था। दोनों पर हाफिजपुर थाना क्षेत्र में 15 मई 2012 को चितौली रोड पर यूपी सर्व ग्रामीण बैंक के दस लाख रुपये लूटने के आरोप में मुकदमा चल रहा था। दोपहर करीब 12.40 बजे तीन सुरक्षाकर्मी अशोक भाटी और कपिल को न्यायालय में पेश कराकर वापस ला रहे थे। न्यायालय भवन से बाहर पहले से ही घात लगाए खड़े बदमाशों ने अशोक भाटी पर ताबड़तोड़ गोलीबारी शुरू कर दी थी। उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। इसी घटना के बाद कचहरी के मुख्यद्वार पर मेटल डिटेक्टर मशीन के साथ-साथ एक्स-रे मशीन भी लगाई गई। पुलिस के साथ पीएसी के जवानों को भी तैनात किया गया लेकिन मंगलवार को फिर से घटना दोहरा दी गई।
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हापुड़। कचहरी में पहले भी पुलिस हिरासत में हत्या हो चुकी है। 2 अप्रैल 2013 को पुलिस हिरासत में पेशी पर लाए गए बैंक कैश लूटने के अभियुक्त गैंग लीडर अशोक भाटी की आधा दर्जन से अधिक बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर हत्या कर दी थी। उस दौरान भी बदमाश आसानी से फरार होने में कामयाब हो गए थे।
दोपहर लगभग बारह बजे डासना जेल में बंद कुख्यात अशोक भाटी को साथी कपिल के साथ पुलिस अभिरक्षा में हापुड़ न्यायालय लाया गया था। दोनों पर हाफिजपुर थाना क्षेत्र में 15 मई 2012 को चितौली रोड पर यूपी सर्व ग्रामीण बैंक के दस लाख रुपये लूटने के आरोप में मुकदमा चल रहा था। दोपहर करीब 12.40 बजे तीन सुरक्षाकर्मी अशोक भाटी और कपिल को न्यायालय में पेश कराकर वापस ला रहे थे। न्यायालय भवन से बाहर पहले से ही घात लगाए खड़े बदमाशों ने अशोक भाटी पर ताबड़तोड़ गोलीबारी शुरू कर दी थी। उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। इसी घटना के बाद कचहरी के मुख्यद्वार पर मेटल डिटेक्टर मशीन के साथ-साथ एक्स-रे मशीन भी लगाई गई। पुलिस के साथ पीएसी के जवानों को भी तैनात किया गया लेकिन मंगलवार को फिर से घटना दोहरा दी गई।
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