Hapur: हापुड़ के चीनी मिलों पर 60 हजार किसानों का 383.45 करोड़ बकाया, कार्रवाई की तैयारी, डीएम ने तलब की फाइल
डीएम मेधा रूपम ने गन्ना विभाग से दोनों ही मिलों की फाइल तलब कर ली है। इसमें भुगतान की महीनेवार स्थिति को परखा जाएगा, इस बार गन्ना विभाग में मिलों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की भी चर्चा है।
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गन्ना भुगतान में विलंब पर अब हापुड़ के दोनों चीनी मिलों पर कार्रवाई की तैयारी है। डीएम ने गन्ना विभाग से फाइल तलब की है। 60 हजार किसानों का इन मिलों पर सत्र 2021-22 का 383.45 करोड़ रुपये बकाया है। ब्रजनाथपुर मिल 52 फीसदी ही भुगतान कर सका है, जबकि सिंभावली मिल इससे भी कम महज 42 प्रतिशत भुगतान दे पाया है।
जिले में सबसे अधिक गन्ने की खेती होती है। किसान संगठनों ने बीते दिनों भुगतान को लेकर काफी हंगामा किया था। उस दौरान जिला प्रशासन, गन्ना विभाग, मिल प्रबंधन के साथ किसानों की बैठक करायी गई थी। इसमें मिल प्रबंधन ने हर महीने 50 करोड़ भुगतान करने का दावा किया था। लेकिन यह दावा सफल नहीं हो सका, भुगतान की प्रक्रिया इतनी मंद है कि सिंभावली मिल 50 फीसदी के आंकड़े को भी पार नहीं कर पाया है।
चुनाव के बाद से अब बिजली निगम की वसूली शुरू हो गई है, तहसील भी आरसी जारी कर रही है। ऐसे में किसानों को कर्ज चुकाने के लिए सूदखोरों से कर्ज लेना पड़ रहा है। लेकिन किसानों के भुगतान पर किसी की नजर नहीं है। गन्ना विभाग के अधिकारियों की मिल सुनने को तैयार नहीं हैं।
मामले की गंभीरता पर डीएम मेधा रूपम ने गन्ना विभाग से दोनों ही मिलों की फाइल तलब कर ली है। इसमें भुगतान की महीनेवार स्थिति को परखा जाएगा, इस बार गन्ना विभाग में मिलों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की भी चर्चा है। बता दें कि सत्र 2020-21 के भुगतान में भी काफी देरी की गई थी, इसी साल बीते सत्र का भुगतान पूरा हो सका है।
दोनों चीनी मिलों के भुगतान की स्थिति
| मिल | देय | भुगतान | अवशेष | भुगतान प्रति. |
| सिंभावली | 501.69 | 210.60 | 291.08 | 41.98 |
| ब्रजनाथपुर | 93.56 | 101.18 | 92.37 | 52.28 |
(नोट : देय, भुगतान, अवशेष की राशि करोड़ में है और अंतिम कॉलम भुगतान प्रतिशत में है, यह आंकड़ा गन्ना विभाग से लिया गया है।)
कांवड़ यात्रा के दौरान चीनी बिक्री में हुई परेशानी
कांवड़ यात्रा के दौरान रास्ते बंद हो जाने के कारण चीनी की बिक्री प्रभावित रही। सात दिन तक चीनी की रैक सप्लाई नहीं की जा सकी, ऐसे में किसानों का भुगतान भी अटका दिया गया।
आस पास के जिलों में मिलों के भुगतान की स्थिति तेज
हापुड़ के आस पास वाले जिलों में चीनी मिलों के भुगतान की स्थिति तेज है। मेरठ में पडने वाले नंगलामल, मोहद्दीनपुर मिल पर भी हापुड़ के किसानों का गन्ना सप्लाई होता है। वहां भुगतान संबंधी कोई परेशानी नहीं होती, बुलंदशहर जिले में भी भुगतान की स्थिति बेहतर है।
बैठक में एफआईआर की कही थी बात, ढिलाई कर रहे अधिकारी
गन्ना भुगतान में विलंब पर बैठक में एडीएम ने मिलों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराकर, किसानों को जल्द भुगतान कराने की बात कही थी। लेकिन अधिकारी कार्रवाई में ढिलाई बरत रहे हैं, जिसके चलते किसानों को परेशान किया जा रहा है। -पवन हूण, जिलाध्यक्ष भाकियू
गन्ना भुगतान में अव्यवस्था पड़ेगी भारी
गन्ना भुगतान में घोर लापरवाही हो रही है, किसानों की फिक्र किसी को नहीं है। चीनी मिल अपनी मर्जी से भुगतान कर रहे हैं। यह अव्यवस्था भारी पड़ सकती है, इस बार आंदोलन में आर पार की लड़ाई होगी। अधिकारियों को भी सख्त होना चाहिए। -दिनेश खेड़ा, जिलाध्यक्ष, भाकियू
लगातार जारी हो रहे नोटिस
चीनी मिलों को लगातार नोटिस जारी किए जा रहे हैं, भुगतान कराने का हर संभव प्रयास हो रहा है। डीएम ने भुगतान संबंधी फाइल तलब की है, किसानों को परेशानी न हो, इसका ध्यान रखा जा रहा है। -निधि गुप्ता, जिला गन्ना अधिकारी