{"_id":"62b4a1c4f80fe30fd32833a5","slug":"hapur-news-hapur-news-gbd2404929165","type":"story","status":"publish","title_hn":"हत्या के दोषी दो सगे भाइयों को आजीवन कारावास की सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हत्या के दोषी दो सगे भाइयों को आजीवन कारावास की सजा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हत्या के दोषी दो सगे भाइयों को आजीवन कारावास की सजा
हापुड़। वर्ष 2015 में थाना हाफिजपुर क्षेत्र के गांव महमूदपुर के जंगल में युवक की हत्या के मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश बृजेंद्र मणि त्रिपाठी ने दो सगे भाइयों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास व 20-20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी कृष्ण कुमार गुप्ता ने बताया कि जिला मेरठ के थाना इंचौली के गांव पबला निवासी शौकीन ने हाफिजपुर थाने में तहरीर देते हुए बताया कि 12 जुलाई 2015 को उसके पुत्र सलमान को गांव के ही दो भाई असलम और अकरम पुत्रगण मोहम्मद फैयाज अपने साथ बुलाकर ले गए थे, जिन्हें मोहसिन ने देखा था। अगले दिन 13 जुलाई को पुलिस द्वारा सूचना मिली कि सलमान का शव हापुड़ में हाफिजपुर थाना के महमूदपुर के जंगल में पड़ा हुआ है।
इस मामले में वादी की ओर तरफ से असलम, अकरम व असलम के दामाद परवेज निवासी सांवी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया था। पीड़ित ने आरोप लगाया था कि सलमान का असलम की पुत्री से प्रेम प्रसंग रहा था, जिसकी शादी परवेज के साथ हुई थी। इसी रंजिश के कारण उसके पुत्र की गला घोंटकर हत्या कर दी गई। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश बृजेंद्र मणि त्रिपाठी ने दोनों दोषी करार दिया। जबकि परवेज को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। दोनों दोषियों को जेल भेज दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
हापुड़। वर्ष 2015 में थाना हाफिजपुर क्षेत्र के गांव महमूदपुर के जंगल में युवक की हत्या के मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश बृजेंद्र मणि त्रिपाठी ने दो सगे भाइयों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास व 20-20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी कृष्ण कुमार गुप्ता ने बताया कि जिला मेरठ के थाना इंचौली के गांव पबला निवासी शौकीन ने हाफिजपुर थाने में तहरीर देते हुए बताया कि 12 जुलाई 2015 को उसके पुत्र सलमान को गांव के ही दो भाई असलम और अकरम पुत्रगण मोहम्मद फैयाज अपने साथ बुलाकर ले गए थे, जिन्हें मोहसिन ने देखा था। अगले दिन 13 जुलाई को पुलिस द्वारा सूचना मिली कि सलमान का शव हापुड़ में हाफिजपुर थाना के महमूदपुर के जंगल में पड़ा हुआ है।
विज्ञापन
इस मामले में वादी की ओर तरफ से असलम, अकरम व असलम के दामाद परवेज निवासी सांवी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया था। पीड़ित ने आरोप लगाया था कि सलमान का असलम की पुत्री से प्रेम प्रसंग रहा था, जिसकी शादी परवेज के साथ हुई थी। इसी रंजिश के कारण उसके पुत्र की गला घोंटकर हत्या कर दी गई। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश बृजेंद्र मणि त्रिपाठी ने दोनों दोषी करार दिया। जबकि परवेज को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। दोनों दोषियों को जेल भेज दिया गया।
विज्ञापन