{"_id":"624c7870f1b2146c4b710b9f","slug":"hapur-news-hapur-news-gbd236441727","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुलिस के खिलाफ अधिवक्ता लामबंद, कचहरी में नहीं किया काम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुलिस के खिलाफ अधिवक्ता लामबंद, कचहरी में नहीं किया काम
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पुलिस के खिलाफ अधिवक्ता लामबंद, कचहरी में नहीं किया काम
हापुड़। इम्टौरी में सोमवार रात ट्रैक्टर ट्रॉली को टक्कर मारने के बाद डंपर अधिवक्ता के मकान में घुस गया था। आरोप है कि हाफिजपुर पुलिस द्वारा अधिवक्ता व उसके परिजनों के साथ मारपीट व अभद्र व्यवहार किया गया। हालांकि पुलिस भी दरोगा के साथ मारपीट का आरोप लगा रही है। मामले में अधिवक्ता मंगलवार को हड़ताल पर चल गए है और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वहीं, एसपी से वार्ता में भी कोई संतोषजनक जवाब न मिलने पर मामला और अधिक गंभीर हो गया और अधिवक्ताओं ने बुधवार को भी हड़ताल पर रहने की घोषणा कर दी।
सोमवार देर शाम बुलंदशहर मार्ग पर गांव इम्टौरी में एक डंपर ट्रैक्टर-ट्राली को टक्कर मारने के बाद अधिवक्ता देवेंद्र सागर के मकान में घुस गया। जिससे अधिवक्ता का मकान क्षतिग्रस्त हो गया और परिजनों को भी चोट आई। आरोप है कि मौके पर पहुंची पुलिस ने डंपर के ड्राइवर को मौके से भगा दिया। साथ ही पुलिस ने मौके पर एकत्र भीड़ को भगाने के लिए बल का प्रयोग किया। इतना ही नहीं अधिवक्ता देवेंद्र सागर व उनके परिजनों के साथ भी पुलिस ने मारपीट व अभद्र व्यवहार किया। जिसको लेकर हापुड़ बार एसोसिएशन के अधिवक्ता नाराज हैं।
मंगलवार की सुबह बार एसोसिएशन के आदेश के बाद सभी अधिवक्ता हड़ताल पर चले गए। एसोसिएशन के अध्यक्ष अजीत सिंह चौधरी व सचिव रविंद्र निमेष ने बताया कि अधिवक्ता देवेंद्र सागर व उसके परिजनों के साथ पुलिस द्वारा मारपीट व अभद्र व्यवहार किया है। इसके बाद भी पुलिस पीड़ितों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर रही है। जिसके विरोध में अधिवक्ताओं ने हड़ताल की है। उन्होंने बताया कि उक्त मामले को लेकर वह अधिवक्ताओं के साथ पुलिस अधीक्षक से मिले। लेकिन एसपी ने भी मामले में कोई उचित कार्रवाई का आश्वासन नहीं दिया है, उल्टा अधिवक्ताओं को दबाव में लेने का प्रयास किया गया।
विज्ञापन
जिसके बाद एसोसिएशन ने बुधवार को भी उक्त मामले को लेकर हड़ताल पर रहने की घोषणा कर दी है। साथ ही मामले में शीघ्र ही कोई संतोष जनक कार्रवाई न होने पर अधिवक्ता आगे की रणनीति बुधवार को तय करेंगे। जिसमें अधिवक्ता अनिश्चित कालीन हड़ताल पर भी जा सकते है।
विज्ञापन
हापुड़। इम्टौरी में सोमवार रात ट्रैक्टर ट्रॉली को टक्कर मारने के बाद डंपर अधिवक्ता के मकान में घुस गया था। आरोप है कि हाफिजपुर पुलिस द्वारा अधिवक्ता व उसके परिजनों के साथ मारपीट व अभद्र व्यवहार किया गया। हालांकि पुलिस भी दरोगा के साथ मारपीट का आरोप लगा रही है। मामले में अधिवक्ता मंगलवार को हड़ताल पर चल गए है और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वहीं, एसपी से वार्ता में भी कोई संतोषजनक जवाब न मिलने पर मामला और अधिक गंभीर हो गया और अधिवक्ताओं ने बुधवार को भी हड़ताल पर रहने की घोषणा कर दी।
सोमवार देर शाम बुलंदशहर मार्ग पर गांव इम्टौरी में एक डंपर ट्रैक्टर-ट्राली को टक्कर मारने के बाद अधिवक्ता देवेंद्र सागर के मकान में घुस गया। जिससे अधिवक्ता का मकान क्षतिग्रस्त हो गया और परिजनों को भी चोट आई। आरोप है कि मौके पर पहुंची पुलिस ने डंपर के ड्राइवर को मौके से भगा दिया। साथ ही पुलिस ने मौके पर एकत्र भीड़ को भगाने के लिए बल का प्रयोग किया। इतना ही नहीं अधिवक्ता देवेंद्र सागर व उनके परिजनों के साथ भी पुलिस ने मारपीट व अभद्र व्यवहार किया। जिसको लेकर हापुड़ बार एसोसिएशन के अधिवक्ता नाराज हैं।
विज्ञापन
मंगलवार की सुबह बार एसोसिएशन के आदेश के बाद सभी अधिवक्ता हड़ताल पर चले गए। एसोसिएशन के अध्यक्ष अजीत सिंह चौधरी व सचिव रविंद्र निमेष ने बताया कि अधिवक्ता देवेंद्र सागर व उसके परिजनों के साथ पुलिस द्वारा मारपीट व अभद्र व्यवहार किया है। इसके बाद भी पुलिस पीड़ितों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर रही है। जिसके विरोध में अधिवक्ताओं ने हड़ताल की है। उन्होंने बताया कि उक्त मामले को लेकर वह अधिवक्ताओं के साथ पुलिस अधीक्षक से मिले। लेकिन एसपी ने भी मामले में कोई उचित कार्रवाई का आश्वासन नहीं दिया है, उल्टा अधिवक्ताओं को दबाव में लेने का प्रयास किया गया।
विज्ञापन
जिसके बाद एसोसिएशन ने बुधवार को भी उक्त मामले को लेकर हड़ताल पर रहने की घोषणा कर दी है। साथ ही मामले में शीघ्र ही कोई संतोष जनक कार्रवाई न होने पर अधिवक्ता आगे की रणनीति बुधवार को तय करेंगे। जिसमें अधिवक्ता अनिश्चित कालीन हड़ताल पर भी जा सकते है।