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हीट स्ट्रोक : तीन दिन में चार गुना बढ़े मरीज, 93 हुए बेहोश
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हीट स्ट्रोक : तीन दिन में चार गुना बढ़े मरीज, 93 हुए बेहोश
हापुड़। चिलचिलाती गर्मी में हीट स्ट्रोक की चपेट में आकर बुधवार को 400 से अधिक मरीज सीएचसी में उपचार के लिए पहुंचे, जिनमें 93 ने अचानक बेहोशी छा जाने की समस्या बताई, वहीं उल्टी, बुखार के मरीजों की काफी संख्या रही। दस प्रतिशत मरीजों को भर्ती कराया गया। इसके अलावा बच्चों में डायरिया और बुजुर्गों में ब्लड प्रेशर की समस्या अधिक मिली।
फिजिशियन डॉ. अशरफ अली ने बताया कि इन दिनों वातावरण का तापमान शरीर के तापमान से अधिक हो गया है। जिसके चलते हीट स्ट्रोक का खतरा बन रहा है, तीन दिन के अंदर ही हीट स्ट्रोक के मरीज कई गुना बढ़ गए हैं। गर्मी के कारण इस बीमारी की चपेट में आकर मरीज को बेहोशी, उल्टी, बीपी, बुखार की समस्या बन रही है।
ओपीडी में पहुंचे करीब 93 मरीजों ने बताया कि गर्मी के कारण उन्हें बेहोशी की समस्या हुई, जांच में पता चला कि इन सभी को हीट स्ट्रोक है। इसके अलावा बुखार, उल्टी, दस्त वाले मरीजों पर भी हीट स्ट्रोक का असर था।
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हीट स्ट्रोक के कारण-
* हीट स्ट्रोक तेज धूप या ज्यादा गर्मी में बाहर निकलने के कारण होता है। इससे शरीर का तापमान सामान्य से ज्यादा हो जाता है।
* थायरॉयड असंतुलन और शरीर में ब्लड शुगर के लेवल में कमी से खासतौर पर डायबिटीज के मरीजों को ऐसा हो सकता है।
* हाईब्लड प्रेशर या हृदय रोग के अलावा अवसाद रोधी द्वारा एल्कोहॉल का नियमित इस्तेमाल करने से भी हीट स्ट्रोक हो सकता है।
हीट स्ट्रोक के लक्षण
* सिर में तेज दर्द होना।
* चक्कर आना, त्वचा व नाक का खुश्क हो जाना।
* ज्यादा पसीना आना, मांसपेशियों में ऐंठन व कमजोरी।
* उल्टी आना, ब्लड प्रेशर बढना, बेहोशी आना।
* व्यवहार में बदलाव आना या चिड़चिड़पान।
(नोट : यह जानकारी फिजिशियन डॉ. हरिओम सिंह ने दी)
ऐसे करें बचाव
फिजिशियन डॉ गौरव मित्तल ने बताया कि हीट स्ट्रोक से बचने के लिए खूब पानी पीएं। अगर एल्कोहॉल लेते हों तो इसे तुरंत बंद करें और तरबूज, नींबू पानी, नारियल पानी, लीची, कीवी, खरबूजा, अंगूर, छाछ आदि का सेवन करें। मरीज को इलेक्ट्रॉल का घोल दें, चाय कॉफी भूलकर भी न दें। मरीज को ठंडे पानी से स्नान कराएं।
अस्पताल में मरीजों की स्थिति
ओपीडी---1560
हीट स्ट्रोक के मरीज--400
बुखार के मरीज----83
चर्म रोगी--------320
हड्डी रोगी------125
नेत्र रोगी-------220
हीट स्ट्रोक को लेकर जागरूक रहें मरीज
गर्मियों में हीट स्ट्रोक का खतरा अधिक रहता है, मरीज जागरूक रहें, तेज धूप में बाहर निकलने से बचें। बुखार तेज होने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें, खूब सारा पानी पिएं। अस्पतालों में मरीजों के लिए पर्याप्त व्यवस्था है। - डॉ रेखा शर्मा, सीएमओ।
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हापुड़। चिलचिलाती गर्मी में हीट स्ट्रोक की चपेट में आकर बुधवार को 400 से अधिक मरीज सीएचसी में उपचार के लिए पहुंचे, जिनमें 93 ने अचानक बेहोशी छा जाने की समस्या बताई, वहीं उल्टी, बुखार के मरीजों की काफी संख्या रही। दस प्रतिशत मरीजों को भर्ती कराया गया। इसके अलावा बच्चों में डायरिया और बुजुर्गों में ब्लड प्रेशर की समस्या अधिक मिली।
फिजिशियन डॉ. अशरफ अली ने बताया कि इन दिनों वातावरण का तापमान शरीर के तापमान से अधिक हो गया है। जिसके चलते हीट स्ट्रोक का खतरा बन रहा है, तीन दिन के अंदर ही हीट स्ट्रोक के मरीज कई गुना बढ़ गए हैं। गर्मी के कारण इस बीमारी की चपेट में आकर मरीज को बेहोशी, उल्टी, बीपी, बुखार की समस्या बन रही है।
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ओपीडी में पहुंचे करीब 93 मरीजों ने बताया कि गर्मी के कारण उन्हें बेहोशी की समस्या हुई, जांच में पता चला कि इन सभी को हीट स्ट्रोक है। इसके अलावा बुखार, उल्टी, दस्त वाले मरीजों पर भी हीट स्ट्रोक का असर था।
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हीट स्ट्रोक के कारण-
* हीट स्ट्रोक तेज धूप या ज्यादा गर्मी में बाहर निकलने के कारण होता है। इससे शरीर का तापमान सामान्य से ज्यादा हो जाता है।
* थायरॉयड असंतुलन और शरीर में ब्लड शुगर के लेवल में कमी से खासतौर पर डायबिटीज के मरीजों को ऐसा हो सकता है।
* हाईब्लड प्रेशर या हृदय रोग के अलावा अवसाद रोधी द्वारा एल्कोहॉल का नियमित इस्तेमाल करने से भी हीट स्ट्रोक हो सकता है।
हीट स्ट्रोक के लक्षण
* सिर में तेज दर्द होना।
* चक्कर आना, त्वचा व नाक का खुश्क हो जाना।
* ज्यादा पसीना आना, मांसपेशियों में ऐंठन व कमजोरी।
* उल्टी आना, ब्लड प्रेशर बढना, बेहोशी आना।
* व्यवहार में बदलाव आना या चिड़चिड़पान।
(नोट : यह जानकारी फिजिशियन डॉ. हरिओम सिंह ने दी)
ऐसे करें बचाव
फिजिशियन डॉ गौरव मित्तल ने बताया कि हीट स्ट्रोक से बचने के लिए खूब पानी पीएं। अगर एल्कोहॉल लेते हों तो इसे तुरंत बंद करें और तरबूज, नींबू पानी, नारियल पानी, लीची, कीवी, खरबूजा, अंगूर, छाछ आदि का सेवन करें। मरीज को इलेक्ट्रॉल का घोल दें, चाय कॉफी भूलकर भी न दें। मरीज को ठंडे पानी से स्नान कराएं।
अस्पताल में मरीजों की स्थिति
ओपीडी---1560
हीट स्ट्रोक के मरीज--400
बुखार के मरीज----83
चर्म रोगी--------320
हड्डी रोगी------125
नेत्र रोगी-------220
हीट स्ट्रोक को लेकर जागरूक रहें मरीज
गर्मियों में हीट स्ट्रोक का खतरा अधिक रहता है, मरीज जागरूक रहें, तेज धूप में बाहर निकलने से बचें। बुखार तेज होने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें, खूब सारा पानी पिएं। अस्पतालों में मरीजों के लिए पर्याप्त व्यवस्था है। - डॉ रेखा शर्मा, सीएमओ।