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पुरानी पेंशन का नहीं चला वादा, पोस्टल बैलेट में भी जीती भाजपा

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 11 Mar 2022 10:38 PM IST
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पुरानी पेंशन का नहीं चला वादा, पोस्टल बैलेट में भी जीती भाजपा
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हापुड़। चुनाव में जीतने के लिए विपक्ष ने हर हथकंडा अपनाने का प्रयास किया। अखिलेश यादव ने कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाली का दाव खेलकर बड़ी घोषणा की थी। लेकिन यह दाव भी काम नहीं आया। चुनाव नतीजों के बाद पोस्टल बैलेट में भी भाजपा को सर्वाधिक वोट मिले।
जिले में पुरानी पेंशन बहाल करने की काफी समय से मांग की जा रही थी। इससे प्रभावित होने वाले करीब 20 हजार सरकारी कर्मचारी होंगे। इस मुद्दे को भुनाने के लिए सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में शामिल किया। प्रदेश में सपा-गठबंधन की सरकार बनने पर पुरानी पेंशन बहाली की घोषणा की। सपा सरकार को इस मुद्दे से काफी उम्मीदे थीं लेकिन चुनावी नतीजों में पुरानी पेंशन बहाली का दांव भी फेल हो गया।
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जिले की तीनों विधानसभा क्षेत्रों से 3753 सर्विस वोटर ने बैलेट से मतदान करने की मांग की थी। इसमें से 1502 ने अपने मतों का प्रयोग किया था। इसके अलावा 80 वर्ष से अधिक उम्र के 719 मतदाताओं ने बैलेट का प्रयोग किया। बृहस्पतिवार को बैलेट की सभी श्रेणियों की मतगणना सबसे पहले की गई। बैलेट में भी भाजपा ने बाजी मारी है। तीनों विधानसभा क्षेत्र में भाजपा को 1806 वोट प्राप्त हुए। इनमें सर्विस वोटरों की संख्या भी शामिल रही होगी। अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों की बात करें तो हापुड़ विधानसभा क्षेत्र में भाजपा को 552 मत प्राप्त हुए। जबकि रालोद सपा गठबंधन को 451, बसपा को 228 और कांग्रेस को 24 मत प्राप्त हुए। गढ़ विधानसभा क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी को 669 मत प्राप्त हुए। जबकि रालोद सपा गठबंधन को 370, बसपा को 214, कांग्रेस को 10 मत प्राप्त हुए। धौलाना में भाजपा को 585, गठबंधन को 268, बसपा को 126 और कांग्रेस को मात्र 19 मत प्राप्त हुए। कुल मिलाकर आंकड़े बता रहे हैं कि विपक्ष का पुरानी पेंशन बहाली का दांव क्षेत्र में नहीं चला और सर्विस वोटर ने भी भाजपा के पक्ष में अपना वोट डाला। इस पर लोगों का तर्क था कि इस प्रकार के चुनावी वादे अक्सर विपक्ष करता है, बड़ी घोषणाओं को अक्सर नेता चुनाव के बाद ठंडे बस्ते में डाल देते हैं।
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