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बमबारी के बीच फंसे छात्र, खाने का भी संकट
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बमबारी और फायरिंग के बीच फंसे, खाने का भी संकट
हापुड़। रूस और यूक्रेन की जंग के कारण हापुड़ के कई छात्र अभी भी यूक्रेन में फंसे हैं। ऐसे में परिजनों की चिंता भी बढ़ने लगी है।
जिला आपदा प्राधिकरण के अनुसार अभी तक जिले में 25 में से 16 छात्रों को सकुशल निकाला जा चुका है। जबकि तीन छात्र बॉर्डर पार कर चुके हैं। खारकीव में हापुड़ के दो छात्र अभी भी फंसे हैं। गढ़ के बिलाल और सुल्तानपुर निवासी सलीम ने परिजनों को वहां के भयावह हालात बयां किए हैं।
छात्रों ने बताया कि यूक्रेन में हालात बिगड़ चुके हैं और लगातार बमबारी हो रही है। खारकीव के आसपास भी बमबारी और गोलीबारी हो रही है। उनके पास खाना की कमी हो गई है और सीमित साधन ही बचे हुए हैं। अधिक चलने के कारण उनके ग्रुप की छात्राओं के पैरों में छाले पड़ गए हैं और कई छात्र बीमार हैं। उनके लिए दवाई तक नहीं मिल पा रही है। हालांकि देर शाम बिलाल के पास मदद पहुंचने की उम्मीद है।
तीन छात्रों ने किया बॉर्डर पार
जिले में तीन और छात्र बार्डर कर चुके हैं। धौलाना के अजीत चौधरी पिछले तीन दिन से हंगरी के होटल में है। फ्लाइट मिलने का इंतजार कर रहा है। उसके दो और छात्र बॉर्डर पार कर चुके हैं। अगले दो तीन दिनों में सभी छात्रों के वापस लौटने की उम्मीद है।
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सभी छात्र संपर्क में हैं और सुरक्षित भी
जिला आपदा अधिकारी गजेंद्र सिंह ने बताया कि यूक्रेन में फंसे जिले के सभी छात्र उनके संपर्क में हैं और सभी फिलहाल सुरक्षित भी हैं। इन छात्रों को सुरक्षित लाने के लिए सरकार को इनकी लोकेशन के बारे में लगातार अपडेट किया जा रहा है। वार जोन में फंसे छात्र भी एक दो दिन में सुरक्षित स्थानों पर पहुंच जाएंगे।
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हापुड़। रूस और यूक्रेन की जंग के कारण हापुड़ के कई छात्र अभी भी यूक्रेन में फंसे हैं। ऐसे में परिजनों की चिंता भी बढ़ने लगी है।
जिला आपदा प्राधिकरण के अनुसार अभी तक जिले में 25 में से 16 छात्रों को सकुशल निकाला जा चुका है। जबकि तीन छात्र बॉर्डर पार कर चुके हैं। खारकीव में हापुड़ के दो छात्र अभी भी फंसे हैं। गढ़ के बिलाल और सुल्तानपुर निवासी सलीम ने परिजनों को वहां के भयावह हालात बयां किए हैं।
छात्रों ने बताया कि यूक्रेन में हालात बिगड़ चुके हैं और लगातार बमबारी हो रही है। खारकीव के आसपास भी बमबारी और गोलीबारी हो रही है। उनके पास खाना की कमी हो गई है और सीमित साधन ही बचे हुए हैं। अधिक चलने के कारण उनके ग्रुप की छात्राओं के पैरों में छाले पड़ गए हैं और कई छात्र बीमार हैं। उनके लिए दवाई तक नहीं मिल पा रही है। हालांकि देर शाम बिलाल के पास मदद पहुंचने की उम्मीद है।
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तीन छात्रों ने किया बॉर्डर पार
जिले में तीन और छात्र बार्डर कर चुके हैं। धौलाना के अजीत चौधरी पिछले तीन दिन से हंगरी के होटल में है। फ्लाइट मिलने का इंतजार कर रहा है। उसके दो और छात्र बॉर्डर पार कर चुके हैं। अगले दो तीन दिनों में सभी छात्रों के वापस लौटने की उम्मीद है।
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सभी छात्र संपर्क में हैं और सुरक्षित भी
जिला आपदा अधिकारी गजेंद्र सिंह ने बताया कि यूक्रेन में फंसे जिले के सभी छात्र उनके संपर्क में हैं और सभी फिलहाल सुरक्षित भी हैं। इन छात्रों को सुरक्षित लाने के लिए सरकार को इनकी लोकेशन के बारे में लगातार अपडेट किया जा रहा है। वार जोन में फंसे छात्र भी एक दो दिन में सुरक्षित स्थानों पर पहुंच जाएंगे।