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सीएचसी के जच्चा-बच्चा वार्ड में अव्यवस्थाएं, मरीज बेहाल
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गढ़ रोड सीएचसी में जच्चा बच्चा वार्ड से गायब हुये पर्दे संवाद
- फोटो : HAPUR
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सीएचसी के जच्चा-बच्चा वार्ड में अव्यवस्थाएं, मरीज बेहाल
हापुड़। गढ़ रोड सीएचसी के जच्चा-बच्चा वार्ड में मूलभूत सुविधाएं न मिलने से मरीज बेहाल हैं। बेड पर न तो कवर है, न ही विभाजक के लिए पर्दे लगे हैं। इसके कारण प्रसूताओं को एकांत भी नहीं मिल रहा है। वहीं शौचालयों में पानी तक नहीं है। ऐसे माहौल में मरीजों का दो से तीन दिन तक रुक पाना भी मुश्किल हो रहा है।
दस्तोई रोड पर जिला अस्पताल भले ही बन गया है, लेकिन अभी भी गढ़ रोड सीएचसी में ही सबसे अधिक मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। इस अस्पताल में प्रसूताओं के लिए करीब 12 बेड का वार्ड बनाया गया है।
वार्ड में बेड को कवर करने के लिए पर्दे तक नहीं हैं। सर्दी के कारण मरीजों का बुरा हाल है, ऐसे में जच्चा बच्चा को सुरक्षित रखने के लिए तीमारदार अपने ही कपड़ों को किसी तरह पर्दों के स्थान पर टांग कर काम चला रहे हैं। उपचार के नाम पर खानापूर्ति है, दिन में एक बार भी चिकित्सक वार्ड में आ जाए तो गनीमत है, प्रशिक्षक ही प्रसूताओं का हाल चाल लेने पहुंचते हैं।
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सिर्फ प्रसूता वार्ड में ही भीड़
गढ़ रोड सीएचसी के दो वार्डों में सिर्फ प्रसूता और नवजात ही भर्ती हैं। अस्पताल में अन्य बीमारी के मरीजों को भर्ती करने के लिए अलग से भी वार्ड बनाया गया है। साफ सफाई, खाना, पानी पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता, जिससे मरीज परेशान हैं।
वार्ड में नहीं लगे पर्दे
पौत्र की बहु का प्रसव हुआ है, वार्ड में पर्दे नहीं होने से जच्चा बच्चा को सर्दी लगने का खतरा है। हवा रोकने को पर्दे के स्थान पर शॉल लगाया, तो कर्मचारी इसे उतारने का दबाव बना रहे हैं। मरीजों का कोई ध्यान नहीं रखा जा रहा। --अब्बासी, वैठ।
शौचालयों में पानी नहीं
भाभी को बच्चा होने पर अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है। लेकिन यहां सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। शौचालयों में पानी तक नहीं हैं, गंदगी से बुरा हाल है। दो दिन से अस्पताल में हूं, अव्यवस्थाओं के कारण यहां रुकना भी मुश्किल हो रहा है। --प्रियंका, गढ़।
चादर तक नहीं मिलती
वार्डों में भर्ती मरीजों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। चादर तक नहीं मिल रहीं, ऐसे में मरीजों को ठंडे गद्दों पर ही दिन-रात गुजारना पड़ रहा है। मजबूरी में घर से लाई बेडशीट गद्दों पर बिछानी पड़ रही हैं। अधिकारी भी ध्यान नहीं दे रहे हैं। --साजना, वैठ।
उपचार के नाम पर खानापूर्ति
वार्ड में भर्ती जच्चा बच्चा की जांच के लिए दिन में एक बार भी चिकित्सक नहीं आते, केवल प्रशिक्षक ही आते हैं जो हाल चाल बूझकर वापस चले जाते हैं। उपचार के नाम पर खानापूर्ति है, असुविधाओं से मरीजों का बुरा हाल है।--रामपाली, बाबूगढ़।
लापरवाही पर होगी कार्रवाई
अस्पताल में भर्ती मरीजों के बेड पर रोजाना चादर बदलने जाने के आदेश दिए गए हैं। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। संबंधित अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए जाएंगे। मरीजों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा।--डॉ रेखा शर्मा, सीएमओ।
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हापुड़। गढ़ रोड सीएचसी के जच्चा-बच्चा वार्ड में मूलभूत सुविधाएं न मिलने से मरीज बेहाल हैं। बेड पर न तो कवर है, न ही विभाजक के लिए पर्दे लगे हैं। इसके कारण प्रसूताओं को एकांत भी नहीं मिल रहा है। वहीं शौचालयों में पानी तक नहीं है। ऐसे माहौल में मरीजों का दो से तीन दिन तक रुक पाना भी मुश्किल हो रहा है।
दस्तोई रोड पर जिला अस्पताल भले ही बन गया है, लेकिन अभी भी गढ़ रोड सीएचसी में ही सबसे अधिक मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। इस अस्पताल में प्रसूताओं के लिए करीब 12 बेड का वार्ड बनाया गया है।
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वार्ड में बेड को कवर करने के लिए पर्दे तक नहीं हैं। सर्दी के कारण मरीजों का बुरा हाल है, ऐसे में जच्चा बच्चा को सुरक्षित रखने के लिए तीमारदार अपने ही कपड़ों को किसी तरह पर्दों के स्थान पर टांग कर काम चला रहे हैं। उपचार के नाम पर खानापूर्ति है, दिन में एक बार भी चिकित्सक वार्ड में आ जाए तो गनीमत है, प्रशिक्षक ही प्रसूताओं का हाल चाल लेने पहुंचते हैं।
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सिर्फ प्रसूता वार्ड में ही भीड़
गढ़ रोड सीएचसी के दो वार्डों में सिर्फ प्रसूता और नवजात ही भर्ती हैं। अस्पताल में अन्य बीमारी के मरीजों को भर्ती करने के लिए अलग से भी वार्ड बनाया गया है। साफ सफाई, खाना, पानी पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता, जिससे मरीज परेशान हैं।
वार्ड में नहीं लगे पर्दे
पौत्र की बहु का प्रसव हुआ है, वार्ड में पर्दे नहीं होने से जच्चा बच्चा को सर्दी लगने का खतरा है। हवा रोकने को पर्दे के स्थान पर शॉल लगाया, तो कर्मचारी इसे उतारने का दबाव बना रहे हैं। मरीजों का कोई ध्यान नहीं रखा जा रहा। --अब्बासी, वैठ।
शौचालयों में पानी नहीं
भाभी को बच्चा होने पर अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है। लेकिन यहां सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। शौचालयों में पानी तक नहीं हैं, गंदगी से बुरा हाल है। दो दिन से अस्पताल में हूं, अव्यवस्थाओं के कारण यहां रुकना भी मुश्किल हो रहा है। --प्रियंका, गढ़।
चादर तक नहीं मिलती
वार्डों में भर्ती मरीजों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। चादर तक नहीं मिल रहीं, ऐसे में मरीजों को ठंडे गद्दों पर ही दिन-रात गुजारना पड़ रहा है। मजबूरी में घर से लाई बेडशीट गद्दों पर बिछानी पड़ रही हैं। अधिकारी भी ध्यान नहीं दे रहे हैं। --साजना, वैठ।
उपचार के नाम पर खानापूर्ति
वार्ड में भर्ती जच्चा बच्चा की जांच के लिए दिन में एक बार भी चिकित्सक नहीं आते, केवल प्रशिक्षक ही आते हैं जो हाल चाल बूझकर वापस चले जाते हैं। उपचार के नाम पर खानापूर्ति है, असुविधाओं से मरीजों का बुरा हाल है।--रामपाली, बाबूगढ़।
लापरवाही पर होगी कार्रवाई
अस्पताल में भर्ती मरीजों के बेड पर रोजाना चादर बदलने जाने के आदेश दिए गए हैं। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। संबंधित अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए जाएंगे। मरीजों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा।--डॉ रेखा शर्मा, सीएमओ।

हवामहल---गढ़ रोड सीएचसी में हवामहल बने जच्चा बच्चा वार्ड में ठंड और हवा से बचने के लिये मरीजों के त?- फोटो : HAPUR