{"_id":"61e6f38aad27d6387f3119cb","slug":"hapur-news-hapur-news-gbd2328797200","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना से टल गए 1700 ऑपरेशन, अब दवा के सहारे मरीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोना से टल गए 1700 ऑपरेशन, अब दवा के सहारे मरीज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोरोना से टल गए 1700 ऑपरेशन, अब दवा के सहारे मरीज
हापुड़। कोरोना महामारी की तीसरी लहर में अस्पतालों ने करीब 1700 सामान्य ऑपरेशन टाल दिए हैं। गंभीर रोगियों के ही चिकित्सक ऑपरेशन कर रहे हैं, ऐसे में मरीजों को दवा खाकर ही संक्रमण के सामान्य होने का इंतजार करना पड़ रहा है। ऑपरेशन से पहले चिकित्सक मरीज की कोविड रिपोर्ट मांग रहे हैं, जो लोग संक्रमित हैं उनके स्वस्थ होने तक ऑपरेशन नहीं किए जा रहे हैं।
जिले में प्रतिदिन करीब 250 से 300 छोटे बड़े ऑपरेशन होते हैं। इनमें हृदय, हार्निया से लेकर पथरी, बवासीर, हड्डी के ऑपरेशन और प्रसव शामिल हैं। कोरोना की तीसरी लहर तेजी से बढ़ रही है, जिले के करीब 900 लोग बीमारी की चपेट में आ चुके हैं। ऐसे में अस्पतालों में सामान्य मरीज कम ही पहुंच रहे हैं, चिकित्सकों से फोन पर ही परामर्श लिया जा रहा है।
चिकित्सकों का कहना है कि पहली और दूसरी लहर में स्थिति ज्यादा गंभीर थी। पहली लहर में लॉकडाउन भी लगा था, ओपीडी भी बंद कर दी गई थी। सिर्फ इमरजेंसी मरीजों का इलाज किया जा रहा था, लेकिन इस बार ऐसा नहीं है। तीसरी लहर में ओपीडी चल रही हैं। सतर्कता बरतते हुए ऑपरेशन से पहले मरीजों की कोरोना जांच की जा रही है, रिपोर्ट निगेटिव आने पर ऑपरेशन किया जा रहा है।
विज्ञापन
सामान्य को मिल रही एक महीने की वेटिंग
सामान्य ऑपरेशन कराने वाले मरीजों को एक महीने तक की वेटिंग मिल रही है। इन मरीजों को चिकित्सक दवाएं दे रहें हैं, ताकि दर्द कम से कम हो। इन रोगियों में पथरी, बवासीर, हड्डी संबंधी रोगों वाले हैं।
सरकारी में 20, प्राइवेट अस्पतालों में 80 प्रतिशत वेटिंग
सरकारी अस्पतालों में ऑपरेशन को आने वाले 20 प्रतिशत मरीजों को ही वेटिंग दी जा रही है, क्योंकि इन अस्पतालों में अधिकांश प्रसव पीड़ा वाली महिलाएं ही सर्जरी को पहुंचती हैं, जबकि प्राइवेट अस्पतालों में 80 प्रतिशत तक वेटिंग है।
गंभीर रोगियों के ऑपरेशन में न करें देरी-
गंभीर रूप से बीमार मरीजों के ऑपरेशन में देरी न करें, समय रहते उन्हें उपचार दे और सर्जरी करें। जिन मरीजों के सामान्य ऑपरेशन हैं और उन्हें दवाओं से आराम लग रहा है तो फिलहाल दवा दे सकते हैं।--डॉ रेखा शर्मा, सीएमओ।
विज्ञापन
हापुड़। कोरोना महामारी की तीसरी लहर में अस्पतालों ने करीब 1700 सामान्य ऑपरेशन टाल दिए हैं। गंभीर रोगियों के ही चिकित्सक ऑपरेशन कर रहे हैं, ऐसे में मरीजों को दवा खाकर ही संक्रमण के सामान्य होने का इंतजार करना पड़ रहा है। ऑपरेशन से पहले चिकित्सक मरीज की कोविड रिपोर्ट मांग रहे हैं, जो लोग संक्रमित हैं उनके स्वस्थ होने तक ऑपरेशन नहीं किए जा रहे हैं।
जिले में प्रतिदिन करीब 250 से 300 छोटे बड़े ऑपरेशन होते हैं। इनमें हृदय, हार्निया से लेकर पथरी, बवासीर, हड्डी के ऑपरेशन और प्रसव शामिल हैं। कोरोना की तीसरी लहर तेजी से बढ़ रही है, जिले के करीब 900 लोग बीमारी की चपेट में आ चुके हैं। ऐसे में अस्पतालों में सामान्य मरीज कम ही पहुंच रहे हैं, चिकित्सकों से फोन पर ही परामर्श लिया जा रहा है।
विज्ञापन
चिकित्सकों का कहना है कि पहली और दूसरी लहर में स्थिति ज्यादा गंभीर थी। पहली लहर में लॉकडाउन भी लगा था, ओपीडी भी बंद कर दी गई थी। सिर्फ इमरजेंसी मरीजों का इलाज किया जा रहा था, लेकिन इस बार ऐसा नहीं है। तीसरी लहर में ओपीडी चल रही हैं। सतर्कता बरतते हुए ऑपरेशन से पहले मरीजों की कोरोना जांच की जा रही है, रिपोर्ट निगेटिव आने पर ऑपरेशन किया जा रहा है।
विज्ञापन
सामान्य को मिल रही एक महीने की वेटिंग
सामान्य ऑपरेशन कराने वाले मरीजों को एक महीने तक की वेटिंग मिल रही है। इन मरीजों को चिकित्सक दवाएं दे रहें हैं, ताकि दर्द कम से कम हो। इन रोगियों में पथरी, बवासीर, हड्डी संबंधी रोगों वाले हैं।
सरकारी में 20, प्राइवेट अस्पतालों में 80 प्रतिशत वेटिंग
सरकारी अस्पतालों में ऑपरेशन को आने वाले 20 प्रतिशत मरीजों को ही वेटिंग दी जा रही है, क्योंकि इन अस्पतालों में अधिकांश प्रसव पीड़ा वाली महिलाएं ही सर्जरी को पहुंचती हैं, जबकि प्राइवेट अस्पतालों में 80 प्रतिशत तक वेटिंग है।
गंभीर रोगियों के ऑपरेशन में न करें देरी-
गंभीर रूप से बीमार मरीजों के ऑपरेशन में देरी न करें, समय रहते उन्हें उपचार दे और सर्जरी करें। जिन मरीजों के सामान्य ऑपरेशन हैं और उन्हें दवाओं से आराम लग रहा है तो फिलहाल दवा दे सकते हैं।--डॉ रेखा शर्मा, सीएमओ।