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बाबूगढ़ बछलौता मार्ग निर्माण को मिली हरी झंडी
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सौगात : बाबूगढ़ बछलौता मार्ग निर्माण को हरी झंडी
हापुड़। पिछले कई महीने से निर्माण की बाट जोह रही बाबूगढ़ बछलौता रोड के निर्माण की स्वीकृति मिल गई है। दिल्ली में पीएमजीएसवाई के उच्चाधिकारियों की बैठक के बाद सड़क का निर्माण प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत ग्रामीण अभियंत्रण विभाग से कराने का निर्णय लिया गया। इस मार्ग के निर्माण में करीब 11 करोड़ का खर्च आएगा। इसके बनने से 20 गांवों के लोगों को काफी राहत मिलेगी।
करीब पांच साल से बाबूगढ़ बछलौता मार्ग क्षतिग्रस्त है। इसके निर्माण के लिए पिछले कई माह से माथापच्ची चल रही है। कई विभागों की खींचतान के बाद प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत सड़क का निर्माण निश्चित हो गया था। विभाग द्वारा इस सड़क की डीपीआर बनाकर यूपीआरआरडी लखनऊ को भेजने की तैयारी भी कर ली गई थी। उम्मीद थी कि बजट जारी होने के बाद दिसंबर माह में सड़क का निर्माण शुरू हो जाएगा। लेकिन उच्चाधिकारियों ने इस सड़क के निर्माण के लिए हाथ खींच लिए। ऐसे में सड़क के निर्माण के लिए गतिविधियां अक्तूबर माह से रुकी हुई थीं। लेकिन इस संबंध में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के उच्चाधिकारियों की बैठक दिल्ली में आयोजित की गई थी, जिसमें मंथन के बाद इस सड़क के निर्माण के लिए अनुमोदन दे दिया गया। अगले सप्ताह इस संबंध में पत्र विभाग को मिल जाएगा।
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अनुमोदन पत्र मिलने के बाद शुरू होगी प्रक्रिया
विभाग से निर्माण के लिए अनुमोदन पत्र अगले दो तीन दिन में मिलने के बाद सड़क निर्माण की प्रक्रियाएं शुरू कर दी जाएंगी।
- नीरज सिंहल, अधिशासी अभियंता, आरईएस।
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जलभराव से थी बड़ी दिक्कत
बाबूगढ़ से बछलौता मार्ग बाबूगढ़ में पूरी तरह से जर्जर है। यहां नाले के पानी की निकासी न होने के कारण जलभराव रहता है। जिस कारण यहां से गुजरने वाले आए दिन गिरते रहते हैं। स्थानीय दुकानदार भी इससे खासे दिक्कत में हैं। पिछले करीब पांच साल से यहां ऐसी समस्या चल रही है। स्थानीय दुकानदारों द्वारा इस सड़क के निर्माण के लिए कई बार बाजार बंद कर विरोध प्रदर्शन भी किए गए। इस सड़क का निर्माण पहले लोक निर्माण विभाग को करना था। इसके बाद ग्रामीण अभियंत्रण विभाग ने इस सड़क को बनवाने की कवायद शुरू की। लेकिन नाला निर्माण का पेच होने के कारण बार बार विभाग बदलते रहे। इसके बाद प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत सड़क का निर्माण कराने का निर्णय लिया गया।
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नई तकनीक का होगा इस्तेमाल, सड़क की चौड़ाई भी बढ़ेगी
करीब नौ किलोमीटर लंबे इस मार्ग की न केवल चौड़ाई 3.750 मीटर से बढ़ाकर 5.5 मीटर की जाएगी, बल्कि नई तकनीक से बनाया जाएगा। इस रोड पर पहले पूरी तरह से जमीन तक उखाड़ा जाएगा और इसके बाद पूरी सड़क को नए सिरे से बनाया जाएगा। सड़क के निर्माण से बछलौता, होशियारपुर गढ़ी, भड़ंगपुर, नूरपुर, भमैड़ा, छपकौली, काकौड़ी, बरकातपुर, ढकौली, डेहरा, खरकाली, तिबड़ा, भिम्यारी, शेखपुर आदि गांव के लोगों को काफी राहत मिलेगी।
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हापुड़। पिछले कई महीने से निर्माण की बाट जोह रही बाबूगढ़ बछलौता रोड के निर्माण की स्वीकृति मिल गई है। दिल्ली में पीएमजीएसवाई के उच्चाधिकारियों की बैठक के बाद सड़क का निर्माण प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत ग्रामीण अभियंत्रण विभाग से कराने का निर्णय लिया गया। इस मार्ग के निर्माण में करीब 11 करोड़ का खर्च आएगा। इसके बनने से 20 गांवों के लोगों को काफी राहत मिलेगी।
करीब पांच साल से बाबूगढ़ बछलौता मार्ग क्षतिग्रस्त है। इसके निर्माण के लिए पिछले कई माह से माथापच्ची चल रही है। कई विभागों की खींचतान के बाद प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत सड़क का निर्माण निश्चित हो गया था। विभाग द्वारा इस सड़क की डीपीआर बनाकर यूपीआरआरडी लखनऊ को भेजने की तैयारी भी कर ली गई थी। उम्मीद थी कि बजट जारी होने के बाद दिसंबर माह में सड़क का निर्माण शुरू हो जाएगा। लेकिन उच्चाधिकारियों ने इस सड़क के निर्माण के लिए हाथ खींच लिए। ऐसे में सड़क के निर्माण के लिए गतिविधियां अक्तूबर माह से रुकी हुई थीं। लेकिन इस संबंध में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के उच्चाधिकारियों की बैठक दिल्ली में आयोजित की गई थी, जिसमें मंथन के बाद इस सड़क के निर्माण के लिए अनुमोदन दे दिया गया। अगले सप्ताह इस संबंध में पत्र विभाग को मिल जाएगा।
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अनुमोदन पत्र मिलने के बाद शुरू होगी प्रक्रिया
विभाग से निर्माण के लिए अनुमोदन पत्र अगले दो तीन दिन में मिलने के बाद सड़क निर्माण की प्रक्रियाएं शुरू कर दी जाएंगी।
- नीरज सिंहल, अधिशासी अभियंता, आरईएस।
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जलभराव से थी बड़ी दिक्कत
बाबूगढ़ से बछलौता मार्ग बाबूगढ़ में पूरी तरह से जर्जर है। यहां नाले के पानी की निकासी न होने के कारण जलभराव रहता है। जिस कारण यहां से गुजरने वाले आए दिन गिरते रहते हैं। स्थानीय दुकानदार भी इससे खासे दिक्कत में हैं। पिछले करीब पांच साल से यहां ऐसी समस्या चल रही है। स्थानीय दुकानदारों द्वारा इस सड़क के निर्माण के लिए कई बार बाजार बंद कर विरोध प्रदर्शन भी किए गए। इस सड़क का निर्माण पहले लोक निर्माण विभाग को करना था। इसके बाद ग्रामीण अभियंत्रण विभाग ने इस सड़क को बनवाने की कवायद शुरू की। लेकिन नाला निर्माण का पेच होने के कारण बार बार विभाग बदलते रहे। इसके बाद प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत सड़क का निर्माण कराने का निर्णय लिया गया।
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नई तकनीक का होगा इस्तेमाल, सड़क की चौड़ाई भी बढ़ेगी
करीब नौ किलोमीटर लंबे इस मार्ग की न केवल चौड़ाई 3.750 मीटर से बढ़ाकर 5.5 मीटर की जाएगी, बल्कि नई तकनीक से बनाया जाएगा। इस रोड पर पहले पूरी तरह से जमीन तक उखाड़ा जाएगा और इसके बाद पूरी सड़क को नए सिरे से बनाया जाएगा। सड़क के निर्माण से बछलौता, होशियारपुर गढ़ी, भड़ंगपुर, नूरपुर, भमैड़ा, छपकौली, काकौड़ी, बरकातपुर, ढकौली, डेहरा, खरकाली, तिबड़ा, भिम्यारी, शेखपुर आदि गांव के लोगों को काफी राहत मिलेगी।