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प्रदूषण फैलानी वाली चार फैक्टरियों पर एक करोड़ का जुर्माना
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प्रदूषण फैलाने वाली चार फैक्टरियों पर एक करोड़ का जुर्माना
धौलाना। औद्योगिक क्षेत्र में अवैध रूप से सीसा धातु (लैड मेटल स्लग) को पिघलाने के धंधे में जुटी चार फैक्टरियों पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक करोड़ का जुर्माना लगाया है। अधिकारियों ने संचालकों को तत्काल फैक्टरी बंद करने के आदेश दिए हैं।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी उत्सव शर्मा ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र यूपीएसआईडीसी का निरीक्षण किया गया। इस दौरान वायु प्रदूषण फैलाने वाली फैक्टरियों को चिन्हित किया गया। इन फैक्ट्रियों में मिश्रित धातुओं को गलाकर उसमें निकलने वाले कचरे को हटाया जाता है। कीमती स्लैग को निकालने के चक्कर में फैक्टरियों से जहरीला धुआं निकल रहा है। स्लैग आमतौर पर धातु ऑक्साइड और सिलिकॉन डाईऑक्साइड का मिश्रण होता है। 21 व 23 सितंबर को हुई जांच में पता चला कि फैक्ट्री संचालकों के पास विभाग द्वारा जारी अनापत्ति प्रमाण पत्र भी नहीं थे। चार फैक्ट्रियों के संचालकों को पूर्व में भी नोटिस भेजे गए। लेकिन नियमों को ताक पर रख कर धड़ल्ले से कार्य चल रहा था। यूपीएसआईडीसी एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 16 नवंबर को संयुक्त कार्रवाई करते हुए अब्दुल वाहिद, जफर मियां, मोहम्मद शाहिद, मोहम्मद यामीन पर प्रति 25-25 लाख का जुर्माना लगाया है।
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धौलाना। औद्योगिक क्षेत्र में अवैध रूप से सीसा धातु (लैड मेटल स्लग) को पिघलाने के धंधे में जुटी चार फैक्टरियों पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक करोड़ का जुर्माना लगाया है। अधिकारियों ने संचालकों को तत्काल फैक्टरी बंद करने के आदेश दिए हैं।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी उत्सव शर्मा ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र यूपीएसआईडीसी का निरीक्षण किया गया। इस दौरान वायु प्रदूषण फैलाने वाली फैक्टरियों को चिन्हित किया गया। इन फैक्ट्रियों में मिश्रित धातुओं को गलाकर उसमें निकलने वाले कचरे को हटाया जाता है। कीमती स्लैग को निकालने के चक्कर में फैक्टरियों से जहरीला धुआं निकल रहा है। स्लैग आमतौर पर धातु ऑक्साइड और सिलिकॉन डाईऑक्साइड का मिश्रण होता है। 21 व 23 सितंबर को हुई जांच में पता चला कि फैक्ट्री संचालकों के पास विभाग द्वारा जारी अनापत्ति प्रमाण पत्र भी नहीं थे। चार फैक्ट्रियों के संचालकों को पूर्व में भी नोटिस भेजे गए। लेकिन नियमों को ताक पर रख कर धड़ल्ले से कार्य चल रहा था। यूपीएसआईडीसी एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 16 नवंबर को संयुक्त कार्रवाई करते हुए अब्दुल वाहिद, जफर मियां, मोहम्मद शाहिद, मोहम्मद यामीन पर प्रति 25-25 लाख का जुर्माना लगाया है।
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