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नवीन मंडी में होगी केवल ग्रीन पटाखों की बिक्री

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 31 Oct 2021 12:12 AM IST
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hapur news
नवीन मंडी में होगी केवल ग्रीन पटाखों की बिक्री
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हापुड़। इस बार भी दिवाली पर जिले में केवल ग्रीन पटाखे ही जलाए जाएंगे। एनजीटी ने कुछ शर्तों के साथ दिवाली पर ग्रीन पटाखों की बिक्री के ही आदेश दिए हैं। एनजीटी के आदेशों के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि जिले में पुराने नियम ही लागू रहेंगे। ऐसे में जिला प्रशासन ने पुराने नियमों के तहत लाइसेंस आदि देने की तैयारी शुरू कर दी है। जिले में पटाखों की बिक्री के लिए नवीन मंडी को ही चुनने पर अधिकारी विचार कर रहे हैं।
दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए एनजीटी की ओर से पिछले तीन वर्षों से यहां केवल ग्रीन पटाखे जलाने की ही अनुमति दी जा रही है। अन्य पटाखे यहां पूरी तरह से प्रतिबंधित हैं। शुक्रवार को ग्रीन पटाखों को लेकर गाइडलाइंस जारी होने के बाद फिर से जिले में पटाखों की बिक्री शुरू होने की उम्मीद बढ़ गई है। इस बार भी दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में पुराने ही नियम ही लागू होंगे।
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दरअसल, इस बार भी दिल्ली एनसीआर क्षेत्रों में प्रदूषण की स्थिति ठीक नहीं है। ऐसे में आदेशों के अनुसार हापुड़ जिले में केवल ग्रीन पटाखे जलाने की अनुमति होगी। केवल ग्रीन पटाखा बेचने के ही लाइसेंस जारी किए जाएंगे। ऐसे में केवल उन्हीं की बिक्री के लाइसेंस जारी किए जाएंगे। उन्होंने बताया फिलहाल उनके पास एक भी आवेदन लाइसेंस के लिए नहीं आया है।
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एनजीटी के नियमों का होगा पालन
दीपावली में इस बार पटाखों की बिक्री नवीन मंडी परिसर में होगी। एसडीएम श्रद्धा शांडिल्यायन ने बताया कि अभी तक जिले में लाइसेंस के लिए केवल एक ही आवेदन मिला है। एनजीटी के आदेशों का नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

ये है ग्रीन पटाखों की खासियत -
वरिष्ठ प्रवक्ता ओमपाल सिंह का कहना है कि सामान्य पटाखों के मुकाबले ग्रीन पटाखों को जलाने से प्रदूषण कम होता है, जबकि आवाज अधिक होती है। इनके जलने से सूक्ष्म कणों का उत्सर्जन 30 से 40 प्रतिशत कम होता है। वहीं सल्फर डाईऑक्साइड का उत्सर्जन 50 से 60 प्रतिशत कम होता है। ये पारंपरिक पटाखों की तुलना में 15 से 30 प्रतिशत तक किफायती भी हैं।
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