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लाल ईंटों पर जीएसटी दर में वृद्धि अन्याय
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एडीएम को ज्ञापन देते जिला हापुड़ ईंट निर्माता समिति के पदाधिकारी
- फोटो : HAPUR
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लाल ईंटों पर जीएसटी दर में वृद्धि अन्याय
हापुड़। लाल ईंटों पर जीएसटी बढ़ाने के सरकार के प्रस्ताव का जिला हापुड़ ईंट निर्माता समिति ने विरोध किया है। इस निर्णय को पहले से महंगाई की मार झेल रहे कारोबारियों के खिलाफ अन्याय बताया है।
वित्त मंत्री के नाम एडीएम श्रद्धा शांडिल्यायन को दिए ज्ञापन में समिति के अध्यक्ष विजय कुमार गोयल ने कहा कि सरकार भलीभांति अवगत है कि पिछले दो वर्षों से कोरोना महामारी के कारण जहां एक ओर व्यवसाय पूरी तरह चौपट और घाटे में है, वहीं दूसरी ओर जनसाधारण का भी कामकाज पूरी तरह प्रभावित है। लोगों की वित्तीय स्थिति खराब होने के कारण हालात काफी बदतर है। उन्होंने कहा कि मैन्युफैक्चर सेक्टर 40 लाख तक सालाना टर्नओवर पर जीएसटी में कर मुक्त है। इसके बावजूद जीएसटी काउंसिल की बैठक में ईंट निर्माताओं के लिए बीस लाख सालाना टर्नओवर तक कर मुक्त का प्रस्ताव किया गया है जो कि ईंट भट्टों के साथ घोर अन्याय है।
महामंत्री प्रदीप कुमार गुप्ता ने कहा कि ईंट निर्माताओं के लिए जीएसटी में वर्तमान में डेढ़ करोड़ टर्नओवर तक कंपोजिशन सीमा है, जिसमें एक प्रतिशत की कर दर है। काउंसिलिंग की बैठक में बिना आईटीसी लिए कर दर 6 प्रतिशत करनेे का प्रस्ताव है। सामान्य रूप से ईंट पर कर दर 5 प्रतिशत है, जिसे 12 प्रतिशत किए जाने का प्रस्ताव है। यह दोनों वृद्धि दर प्रस्ताव निश्चित ही उद्योग व जनहित के विरुद्ध हैं। इसका सीधा प्रभाव ईंटों की कीमतों पर पड़ेगा। ऐसे में कर दर में वृद्धि प्रस्ताव को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए और दो सीजन वर्ष के लिए ईंट बिक्री को कर मुक्त घोषित किया जाए।
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हापुड़। लाल ईंटों पर जीएसटी बढ़ाने के सरकार के प्रस्ताव का जिला हापुड़ ईंट निर्माता समिति ने विरोध किया है। इस निर्णय को पहले से महंगाई की मार झेल रहे कारोबारियों के खिलाफ अन्याय बताया है।
वित्त मंत्री के नाम एडीएम श्रद्धा शांडिल्यायन को दिए ज्ञापन में समिति के अध्यक्ष विजय कुमार गोयल ने कहा कि सरकार भलीभांति अवगत है कि पिछले दो वर्षों से कोरोना महामारी के कारण जहां एक ओर व्यवसाय पूरी तरह चौपट और घाटे में है, वहीं दूसरी ओर जनसाधारण का भी कामकाज पूरी तरह प्रभावित है। लोगों की वित्तीय स्थिति खराब होने के कारण हालात काफी बदतर है। उन्होंने कहा कि मैन्युफैक्चर सेक्टर 40 लाख तक सालाना टर्नओवर पर जीएसटी में कर मुक्त है। इसके बावजूद जीएसटी काउंसिल की बैठक में ईंट निर्माताओं के लिए बीस लाख सालाना टर्नओवर तक कर मुक्त का प्रस्ताव किया गया है जो कि ईंट भट्टों के साथ घोर अन्याय है।
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महामंत्री प्रदीप कुमार गुप्ता ने कहा कि ईंट निर्माताओं के लिए जीएसटी में वर्तमान में डेढ़ करोड़ टर्नओवर तक कंपोजिशन सीमा है, जिसमें एक प्रतिशत की कर दर है। काउंसिलिंग की बैठक में बिना आईटीसी लिए कर दर 6 प्रतिशत करनेे का प्रस्ताव है। सामान्य रूप से ईंट पर कर दर 5 प्रतिशत है, जिसे 12 प्रतिशत किए जाने का प्रस्ताव है। यह दोनों वृद्धि दर प्रस्ताव निश्चित ही उद्योग व जनहित के विरुद्ध हैं। इसका सीधा प्रभाव ईंटों की कीमतों पर पड़ेगा। ऐसे में कर दर में वृद्धि प्रस्ताव को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए और दो सीजन वर्ष के लिए ईंट बिक्री को कर मुक्त घोषित किया जाए।
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