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आरोग्य मेले खाली पड़े रहे, निजी अस्पतालों में जगह नहीं बची
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आरोग्य मेले खाली पड़े रहे, निजी अस्पतालों में जगह नहीं बची
गढ़मुक्तेश्वर/हापुड़। लगातार चिकित्सकों के नहीं पहुंचने से आरोग्य मेले पर लोगों का भरोसा नहीं हो पा रहा है। रविवार को जिले में 25 जगहों पर मुख्यमंत्री आरोग्य मेले का आयोजन हुआ। अधिकांश केंद्र खाली ही दिखे। महज 1750 मरीज उपचार कराने के लिए पहुंचे। जबकि इस समय पूरा जिला बुखार से तप रह है। निजी चिकित्सकों से लेकर झोलाछापों तक के पास भीड़ लगी हुई है। निजी अस्पतालों में तो कहीं भी बेड खाली नहीं हैं।
शासन के निर्देश पर सभी प्राइमरी स्वास्थ्य केंद्रों पर आरोग्य मेले का आयोजन किया जा रहा है। मेले में विशेषज्ञ चिकित्सकों के न होने से लोग इलाज कराने नहीं पहुंच रहे हैं। कुछ जागरूकता का अभाव भी है। बहुत से ग्रामीणों को मेले के बारे में जानकारी ही नहीं है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक मेले में इलाज कराने पहुंचे 1750 मरीजों में 250 बुखार के मरीज थे, 400 लोगों की आंखों में दिक्कत थी और 600 त्वचा रोग से संबंधित थे।
सादुल्लापुर में नहीं दिखे मरीज
सादुल्लापुर पीएचसी में स्वास्थ्यकर्मी तो मौजूद थे, लेकिन मरीज नहीं थे। ग्रामीणों को मेले के बारे में जानकारी ही नहीं थी। इस गांव में बुखार के काफी मरीज हैं। रविवार होने के चलते ग्रामीणों ने सोचा कि अस्पताल में छुट्टी होगी।
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ब्रजघाट में भी मरीजों की बाट जोहते रहे चिकित्सक
ब्रजघाट में भी चिकित्सक मरीजों की बाट जोहते रहे। बताया गया कि त्योहार के कारण मरीज कम पहुंच रहे हैं। लोगों ने बताया कि हर बार यही हाल रहता है।
गांव दौताई में रही मरीजों की भीड़
गढ़ के गांव दौताई में स्थित पीएचसी में स्वास्थ्यकर्मी मौजूद मिले, यहां मरीजों की भीड़ भी थी। हालांकि लोगों को वे सुविधाएं नहीं मिल रही थीं, जिनकी अपेक्षा में वे आए थे।
ग्रामीणों को किया जाएगा जागरूक
गांवों में जागरूकता के लिए स्वास्थ्यकर्मियों की टीम बनाकर गांवों में भेजा जाएगा। मरीजों को बेहतर उपचार दिया जाएगा। -डॉ. रेखा शर्मा, सीएमओ
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गढ़मुक्तेश्वर/हापुड़। लगातार चिकित्सकों के नहीं पहुंचने से आरोग्य मेले पर लोगों का भरोसा नहीं हो पा रहा है। रविवार को जिले में 25 जगहों पर मुख्यमंत्री आरोग्य मेले का आयोजन हुआ। अधिकांश केंद्र खाली ही दिखे। महज 1750 मरीज उपचार कराने के लिए पहुंचे। जबकि इस समय पूरा जिला बुखार से तप रह है। निजी चिकित्सकों से लेकर झोलाछापों तक के पास भीड़ लगी हुई है। निजी अस्पतालों में तो कहीं भी बेड खाली नहीं हैं।
शासन के निर्देश पर सभी प्राइमरी स्वास्थ्य केंद्रों पर आरोग्य मेले का आयोजन किया जा रहा है। मेले में विशेषज्ञ चिकित्सकों के न होने से लोग इलाज कराने नहीं पहुंच रहे हैं। कुछ जागरूकता का अभाव भी है। बहुत से ग्रामीणों को मेले के बारे में जानकारी ही नहीं है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक मेले में इलाज कराने पहुंचे 1750 मरीजों में 250 बुखार के मरीज थे, 400 लोगों की आंखों में दिक्कत थी और 600 त्वचा रोग से संबंधित थे।
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सादुल्लापुर में नहीं दिखे मरीज
सादुल्लापुर पीएचसी में स्वास्थ्यकर्मी तो मौजूद थे, लेकिन मरीज नहीं थे। ग्रामीणों को मेले के बारे में जानकारी ही नहीं थी। इस गांव में बुखार के काफी मरीज हैं। रविवार होने के चलते ग्रामीणों ने सोचा कि अस्पताल में छुट्टी होगी।
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ब्रजघाट में भी मरीजों की बाट जोहते रहे चिकित्सक
ब्रजघाट में भी चिकित्सक मरीजों की बाट जोहते रहे। बताया गया कि त्योहार के कारण मरीज कम पहुंच रहे हैं। लोगों ने बताया कि हर बार यही हाल रहता है।
गांव दौताई में रही मरीजों की भीड़
गढ़ के गांव दौताई में स्थित पीएचसी में स्वास्थ्यकर्मी मौजूद मिले, यहां मरीजों की भीड़ भी थी। हालांकि लोगों को वे सुविधाएं नहीं मिल रही थीं, जिनकी अपेक्षा में वे आए थे।
ग्रामीणों को किया जाएगा जागरूक
गांवों में जागरूकता के लिए स्वास्थ्यकर्मियों की टीम बनाकर गांवों में भेजा जाएगा। मरीजों को बेहतर उपचार दिया जाएगा। -डॉ. रेखा शर्मा, सीएमओ