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अब सड़क पर नजर नहीं आएंगे 15 साल पुराने 20 हजार पेट्रोल वाहन
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रोडवेज बस से निकलता काला धुआँ। संवाद
- फोटो : HAPUR
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अब सड़क पर नजर नहीं आएंगे 15 साल पुराने 20 हजार पेट्रोल वाहन
हापुड़। जिले की हवा को प्रदूषित कर रहे 20 हजार पुराने पेट्रोल वाहनों पर कार्रवाई की तैयारी पूरी हो गई है। इन सभी वाहनों के पंजीयन निलंबित किए जाएंगे। मंगलवार को इन वाहनों की सूची उपसंभागीय कार्यालय में चस्पा कर दी जाएगी। हालांकि विभाग अभी तक 570 ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई कर चुका है। कई बार नोटिस देने के बाद भी इन वाहनों का संचालन जारी था।
शासन के आदेशों के बाद 15 साल पुराने पेट्रोल और दस साल पुराने डीजल वाहन को एनसीआर क्षेत्र से हटाने के निर्देश दिए गए हैं। हापुड़ जिले के एनसीआर क्षेत्र में शामिल होने के कारण यहां भी ऐसे वाहनों को सड़क से हटाने के आदेश हैं। उपसंभागीय कार्यालय द्वारा ऐसेे वाहनों की सूची बनाई गई थी। साथ ही वाहनों का संचालन बंद करने या फिर दूसरे जिलों जहां एनजीटी के आदेश प्रभावी नहीं हैं, वहां इन्हें पंजीकरण ट्रांसफर कराने के आदेश वाहन स्वामियों को दिए गए थे, लेकिन संबंधित वाहन स्वामियों ने गंभीरता नहीं दिखाई और अभी भी यहां इन वाहनों का संचालन हो रहा है। अब सीमा समाप्त होने के बाद भी ऐसे वाहनों का यहां संचालन किया जा रहा है। यहां तक कि वाहनों का दोबारा पंजीयन कराकर अन्य जनपदों के लिए अनापत्ति प्रमाण-पत्र ले जाने अथवा पंजीयन चिन्ह निरस्त कराए जाने हेतु प्रार्थना पत्र प्रस्तुत नहीं किया गया है।
अब ये वाहन जिले की हवा को प्रदूषित कर रहे हैं। एनजीटी के सख्त आदेशों के बाद परिजन विभाग इस मामले में गंभीर हो गया है और बीस हजार ऐसे पेट्रोल वाहनों की लिस्ट तैयार कर ली गई है, जो 15 वर्ष के हो चुके हैं। विभाग द्वारा मंगलवार को इन वाहनों के नंबर सहित लिस्ट उपसंभागीय कार्यालय में चस्पा कर दी जाएगी।
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अभी तक 590 वाहनों के खिलाफ हो चुकी है कार्रवाई -
जिले में अभी तक ऐसे कुल 570 वाहनों पर कार्रवाई हो चुकी है। जिसमें 260 दोपहिया वाहन, 279 पेट्रोल चालित और 51 डीजल चालित चार पहिया वाहन शामिल हैं।
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1300 डीजल वाहनों की भी तैयार हो रही लिस्ट -
जिले में दस साल के होने जा रहे डीजल वाहनों की भी लिस्ट तैयार की जा रही है। ऐसे करीब 1300 वाहनों को चिन्हित कर लिया गया है। इनकी लिस्ट भी तैयार हो रही है, ऐसे में इनके खिलाफ भी जल्दी ही कार्रवाई की जाएगी।
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एनजीटी के आदेशों के बाद ऐसे वाहनों की लिस्ट तैयार की जा रही है, बीस हजार वाहनों की सीरीज एक दो दिन में तैयार कर कार्यालय में चस्पा कर दी जाएगी। ऐसे वाहन चालक जिनके पेट्रोल वाहनों को 15 वर्ष और डीजल वाहनों को 10 वर्ष पूरे होने वाले हैं, वे यहां से अनापत्ति प्रमाणपत्र लेकर बाकी एनसीआर क्षेत्र के बाहर के जिलों में पंजीकरण करा लें। -अजीत श्रीवास्तव, एआरटीओ, प्रशासन।
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हापुड़। जिले की हवा को प्रदूषित कर रहे 20 हजार पुराने पेट्रोल वाहनों पर कार्रवाई की तैयारी पूरी हो गई है। इन सभी वाहनों के पंजीयन निलंबित किए जाएंगे। मंगलवार को इन वाहनों की सूची उपसंभागीय कार्यालय में चस्पा कर दी जाएगी। हालांकि विभाग अभी तक 570 ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई कर चुका है। कई बार नोटिस देने के बाद भी इन वाहनों का संचालन जारी था।
शासन के आदेशों के बाद 15 साल पुराने पेट्रोल और दस साल पुराने डीजल वाहन को एनसीआर क्षेत्र से हटाने के निर्देश दिए गए हैं। हापुड़ जिले के एनसीआर क्षेत्र में शामिल होने के कारण यहां भी ऐसे वाहनों को सड़क से हटाने के आदेश हैं। उपसंभागीय कार्यालय द्वारा ऐसेे वाहनों की सूची बनाई गई थी। साथ ही वाहनों का संचालन बंद करने या फिर दूसरे जिलों जहां एनजीटी के आदेश प्रभावी नहीं हैं, वहां इन्हें पंजीकरण ट्रांसफर कराने के आदेश वाहन स्वामियों को दिए गए थे, लेकिन संबंधित वाहन स्वामियों ने गंभीरता नहीं दिखाई और अभी भी यहां इन वाहनों का संचालन हो रहा है। अब सीमा समाप्त होने के बाद भी ऐसे वाहनों का यहां संचालन किया जा रहा है। यहां तक कि वाहनों का दोबारा पंजीयन कराकर अन्य जनपदों के लिए अनापत्ति प्रमाण-पत्र ले जाने अथवा पंजीयन चिन्ह निरस्त कराए जाने हेतु प्रार्थना पत्र प्रस्तुत नहीं किया गया है।
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अब ये वाहन जिले की हवा को प्रदूषित कर रहे हैं। एनजीटी के सख्त आदेशों के बाद परिजन विभाग इस मामले में गंभीर हो गया है और बीस हजार ऐसे पेट्रोल वाहनों की लिस्ट तैयार कर ली गई है, जो 15 वर्ष के हो चुके हैं। विभाग द्वारा मंगलवार को इन वाहनों के नंबर सहित लिस्ट उपसंभागीय कार्यालय में चस्पा कर दी जाएगी।
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अभी तक 590 वाहनों के खिलाफ हो चुकी है कार्रवाई -
जिले में अभी तक ऐसे कुल 570 वाहनों पर कार्रवाई हो चुकी है। जिसमें 260 दोपहिया वाहन, 279 पेट्रोल चालित और 51 डीजल चालित चार पहिया वाहन शामिल हैं।
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1300 डीजल वाहनों की भी तैयार हो रही लिस्ट -
जिले में दस साल के होने जा रहे डीजल वाहनों की भी लिस्ट तैयार की जा रही है। ऐसे करीब 1300 वाहनों को चिन्हित कर लिया गया है। इनकी लिस्ट भी तैयार हो रही है, ऐसे में इनके खिलाफ भी जल्दी ही कार्रवाई की जाएगी।
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एनजीटी के आदेशों के बाद ऐसे वाहनों की लिस्ट तैयार की जा रही है, बीस हजार वाहनों की सीरीज एक दो दिन में तैयार कर कार्यालय में चस्पा कर दी जाएगी। ऐसे वाहन चालक जिनके पेट्रोल वाहनों को 15 वर्ष और डीजल वाहनों को 10 वर्ष पूरे होने वाले हैं, वे यहां से अनापत्ति प्रमाणपत्र लेकर बाकी एनसीआर क्षेत्र के बाहर के जिलों में पंजीकरण करा लें। -अजीत श्रीवास्तव, एआरटीओ, प्रशासन।