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पांच घंटे किसानों के कब्जे में रहीं सड़कें
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ततारपुर बाईपास पर भारत बंद को लेकर हाईवे पर बैठे भाकियू कार्यकर्ता।
- फोटो : HAPUR
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पांच घंटे किसानों के कब्जे में रहीं सड़कें
हापुड़। तीन कृषि कानूनों के विरोध में सोमवार को संयुक्त किसान मोर्चा के भारत बंद को सफल बनाने के लिए किसानों ने जिले मेें पांच सड़कों पर सुबह दस से दोपहर तीन बजे तक जाम लगाया। किसानों ने पड़ाव पर हाईवे टोल फ्री करा दिया। इससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। पांच घंटे प्रदर्शन करने के बाद कार्यकर्ताओं ने प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। कई जगह पुलिस ने जाम में फंसे वाहनों को रूट डायवर्ट करके निकाला।
सोमवार सुबह 10 बजे से ही किसानों ने ततारपुर बाईपास, बुलंदशहर रोड स्थित पड़ाव, गढ़ में स्याना चौपला, सिंभावली और धौलाना में हाईवे पर कब्जा कर लिया। डीएम अनुज सिंह, एडीएम, एसपी दीपक भूकर, एएसपी सर्वेश मिश्र फोर्स के साथ पहुंच गए और किसानों को मनाने की कोशिश की। किसानों से पुलिस की नोकझोंक भी हुई लेकिन सड़कें नहीं खुल सकीं। किसान हाईवे पर तिरपाल बिछाकर बैठ गए और कृषि कानूनों के विरोध में नारेबाजी करते रहे। बुलंदशहर रोड स्थित पड़ाव पर चार घंटे तक किसानों ने टोल प्लाजा को फ्री रखा। यहां भी किसानों की पुलिस से काफी झड़प हुई। पुलिस ने रूट डायवर्ट कर दूसरे रास्तों से वाहन निकाले।
रूट डायवर्ट कर निकाले वाहन
किसानों के आंदोलन को देखते हुए पुलिस प्रशासन द्वारा पहले ही जिले का रूट डायवर्ट कर दिया गया था। हापुड़ शहर से होकर दूसरे जिलों की ओर जाने वाले रास्तों को जिले की सीमाओं से ही डायवर्ट कर दिया गया था।
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मेरठ रोड पर दो बजे तक बंद रहा बाजार
बाजारों में बंद का खास असर नहीं दिखा। हालांकि मेरठ रोड पर गुरुद्वारा मार्केट की अधिकतर दुकानें दोपहर तक बंद रही। युवा नेता एकलव्य सिंह सहारा ने बताया कि इस मार्केट के दुकानदारों ने समर्थन किया।
किसानों का एलान: लडे़ेंगे आर-पार की लड़ाई
हापुड़। बंद के दौरान किसानों ने तीन कृषि कानूनोें के विरोध में सरकार पर हमला बोला। किसानों ने कहा कि दस महीने में 750 किसानों की जान जा चुकी है, लेकिन सरकार सुन नहीं रही है।
ततारपुर बाईपास पर ज्ञानेश्वर त्यागी, रामपाल सिंह व अमरेंद्र सिंह के नेतृत्व में हाईवे जाम करते हुए किसान नेताओं ने कहा कि एमएसपी पर गारंटी का कानून न बनने की वजह से बिचौलिए सस्ते में फसलें खरीद रहे हैं।भाकियू असली जिलाध्यक्ष देवेंद्र सिंह बाना ने कहा कि भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में गन्ने का दाम 370 रुपये प्रति क्विंटल घोषित करने का एलान किया था, जो आज तक पूरा नहीं हो सका है। बुलंदशहर रोड स्थित पड़ाव पर टेनपाल सिंह के नेतृत्व में किसानों ने हाईवे जाम कर टोल फ्री करा दिया। धरने में धर्मवीर सिंह, छिद्दा सिंह, सर्वेश त्यागी, कुलदीप राठी, डॉ जितेंद्र मलिक, नासिर प्रधान, फुरकत, प्रवीण, आदित्य शर्मा, रितेश कौशिक, वीर सिद्धू, दीपक कौशिक, देवेंद्र सिंह, नीटू सिंह, हंसवीर सिंह, विजेंद्र सिंह, सेंसरपाल सिंह, धर्मपाल सिंह, बॉबी प्रधान आदि मौजूद रहे।
एंबुलेंस और बीमार लोगों को नहीं रोका
भाकियू कार्यकर्ताओं ने आंदोलन के दौरान एंबुलेंस और बीमार लोगों को नहीं रोका। जैसे ही एंबुलेंस गाड़ी दिखती कार्यकर्ता हाईवे से ट्रैक्टर ट्रॉली हटा देते।
स्कूली बच्चे भटके
हाईवे जाम होने के कारण स्कूल बसें भी फंस गईं। इस वजह से बच्चों को पैदल ही घर जाना पड़ा। बहुत सी महिलाएं अपने छोटे बच्चों को लेकर भी पैदल जाती दिखाई दीं।
रालोद ने दिया समर्थन
रालोद के पूर्व विधायक सुदेश शर्मा, आकिल खान और युवा जिलाध्यक्ष अशोक त्यागी भी किसानों के धरने के समर्थन में पहुंचे। रालोद नेताओं ने कहा कि तीन कृषि कानून सरकार को वापस लेने होंगे। वीर सिद्धू, योगेश जाखड़, अतुल चड्ढा, सचिन अरोड़ा, चिंटू ठाकुर, अवनीश त्यागी, आकाश त्यागी आदि मौजूद रहे।
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हापुड़। तीन कृषि कानूनों के विरोध में सोमवार को संयुक्त किसान मोर्चा के भारत बंद को सफल बनाने के लिए किसानों ने जिले मेें पांच सड़कों पर सुबह दस से दोपहर तीन बजे तक जाम लगाया। किसानों ने पड़ाव पर हाईवे टोल फ्री करा दिया। इससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। पांच घंटे प्रदर्शन करने के बाद कार्यकर्ताओं ने प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। कई जगह पुलिस ने जाम में फंसे वाहनों को रूट डायवर्ट करके निकाला।
सोमवार सुबह 10 बजे से ही किसानों ने ततारपुर बाईपास, बुलंदशहर रोड स्थित पड़ाव, गढ़ में स्याना चौपला, सिंभावली और धौलाना में हाईवे पर कब्जा कर लिया। डीएम अनुज सिंह, एडीएम, एसपी दीपक भूकर, एएसपी सर्वेश मिश्र फोर्स के साथ पहुंच गए और किसानों को मनाने की कोशिश की। किसानों से पुलिस की नोकझोंक भी हुई लेकिन सड़कें नहीं खुल सकीं। किसान हाईवे पर तिरपाल बिछाकर बैठ गए और कृषि कानूनों के विरोध में नारेबाजी करते रहे। बुलंदशहर रोड स्थित पड़ाव पर चार घंटे तक किसानों ने टोल प्लाजा को फ्री रखा। यहां भी किसानों की पुलिस से काफी झड़प हुई। पुलिस ने रूट डायवर्ट कर दूसरे रास्तों से वाहन निकाले।
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रूट डायवर्ट कर निकाले वाहन
किसानों के आंदोलन को देखते हुए पुलिस प्रशासन द्वारा पहले ही जिले का रूट डायवर्ट कर दिया गया था। हापुड़ शहर से होकर दूसरे जिलों की ओर जाने वाले रास्तों को जिले की सीमाओं से ही डायवर्ट कर दिया गया था।
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मेरठ रोड पर दो बजे तक बंद रहा बाजार
बाजारों में बंद का खास असर नहीं दिखा। हालांकि मेरठ रोड पर गुरुद्वारा मार्केट की अधिकतर दुकानें दोपहर तक बंद रही। युवा नेता एकलव्य सिंह सहारा ने बताया कि इस मार्केट के दुकानदारों ने समर्थन किया।
किसानों का एलान: लडे़ेंगे आर-पार की लड़ाई
हापुड़। बंद के दौरान किसानों ने तीन कृषि कानूनोें के विरोध में सरकार पर हमला बोला। किसानों ने कहा कि दस महीने में 750 किसानों की जान जा चुकी है, लेकिन सरकार सुन नहीं रही है।
ततारपुर बाईपास पर ज्ञानेश्वर त्यागी, रामपाल सिंह व अमरेंद्र सिंह के नेतृत्व में हाईवे जाम करते हुए किसान नेताओं ने कहा कि एमएसपी पर गारंटी का कानून न बनने की वजह से बिचौलिए सस्ते में फसलें खरीद रहे हैं।भाकियू असली जिलाध्यक्ष देवेंद्र सिंह बाना ने कहा कि भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में गन्ने का दाम 370 रुपये प्रति क्विंटल घोषित करने का एलान किया था, जो आज तक पूरा नहीं हो सका है। बुलंदशहर रोड स्थित पड़ाव पर टेनपाल सिंह के नेतृत्व में किसानों ने हाईवे जाम कर टोल फ्री करा दिया। धरने में धर्मवीर सिंह, छिद्दा सिंह, सर्वेश त्यागी, कुलदीप राठी, डॉ जितेंद्र मलिक, नासिर प्रधान, फुरकत, प्रवीण, आदित्य शर्मा, रितेश कौशिक, वीर सिद्धू, दीपक कौशिक, देवेंद्र सिंह, नीटू सिंह, हंसवीर सिंह, विजेंद्र सिंह, सेंसरपाल सिंह, धर्मपाल सिंह, बॉबी प्रधान आदि मौजूद रहे।
एंबुलेंस और बीमार लोगों को नहीं रोका
भाकियू कार्यकर्ताओं ने आंदोलन के दौरान एंबुलेंस और बीमार लोगों को नहीं रोका। जैसे ही एंबुलेंस गाड़ी दिखती कार्यकर्ता हाईवे से ट्रैक्टर ट्रॉली हटा देते।
स्कूली बच्चे भटके
हाईवे जाम होने के कारण स्कूल बसें भी फंस गईं। इस वजह से बच्चों को पैदल ही घर जाना पड़ा। बहुत सी महिलाएं अपने छोटे बच्चों को लेकर भी पैदल जाती दिखाई दीं।
रालोद ने दिया समर्थन
रालोद के पूर्व विधायक सुदेश शर्मा, आकिल खान और युवा जिलाध्यक्ष अशोक त्यागी भी किसानों के धरने के समर्थन में पहुंचे। रालोद नेताओं ने कहा कि तीन कृषि कानून सरकार को वापस लेने होंगे। वीर सिद्धू, योगेश जाखड़, अतुल चड्ढा, सचिन अरोड़ा, चिंटू ठाकुर, अवनीश त्यागी, आकाश त्यागी आदि मौजूद रहे।