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13 लाख के लिए एक अल्ट्रासाउंड मशीन, वो भी खराब
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13 लाख के लिए एक अल्ट्रासाउंड मशीन, वो भी खराब
हापुड़। स्वास्थ्य विभाग की बदहाल व्यवस्था के चलते गढ़ रोड सीएचसी पर लगी एक मात्र अल्ट्रासाउंड मशीन बीते दो महीने से खराब पड़ी है। दूर दराज से आने वाले मरीज यहां से मायूस लौट रहे हैं। आर्थिक रूप से कमजोर मरीज निजी सेंटरों पर महंगी जांच नहीं करा पा रहे हैं। रोजाना वह मशीन के चलने की जानकारी करने अस्पताल पहुंच रहे हैं। अफसर मूकदर्शक बने बैठे हैं, अब जवाबदेही से बचने के लिए मशीन के पार्टस उपलब्ध नहीं होना बताया जा रहा हैं।
हापुड़ को जिला बने करीब 10 साल हो गए हैं, लेकिन आज भी यहां स्वास्थ्य सेवाएं पुराने ढर्रे पर चल रही हैं। जिले की 13 लाख की आबादी की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग के पास सिर्फ एक ही अल्ट्रासाउंड मशीन है। जिससे जिले की जनता को बेहतर चिकित्सा सुविधा का दावा किया जाता है।
बहरहाल, बीते दो महीने से यह मशीन खराब चल रही है और दफ्तरों में बैठे अफसरों को इसकी खास चिंता नहीं है। इसका खामियाजा जिले के गरीब मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। निजी अल्ट्रासाउंड सेंटर पर जांच बहुत महंगी होती है। ऐसे में आए दिन सैकड़ों गरीब लोग अल्ट्रासाउंड की जानकारी करने अस्पताल पहुंच रहे हैं, लेकिन यहां कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलता।
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यहां तैनात कर्मचारी मशीन खराब होने की बात कहकर भेज देते है। अफसर अब मशीन के पार्टस नहीं मिलने की बात कहकर पल्ला झाड़ने में लगे हैं।
रोजाना 25-30 अल्ट्रासाउंड होते हैं
गढ़ रोड सीएचसी में लगी अल्ट्रासाउंड मशीन से प्रतिदिन औसतन 25-30 लोगों के ही अल्ट्रासाउंड किए जाते हैं। यह संख्या भले ही कम हो, लेकिन कतार में लगे मरीजों के दो से तीन दिन में नंबर आ ही जाते हैं। लेकिन दो महीने से मशीन काम नहीं कर रही, हालांकि बीच में एक या दो दिन के लिए इसे ठीक जरूर किया गया था।
एक्सरे की फिल्म की किल्लत भी बरकार
गढ़ रोड सीएचसी में एक्सरे मशीन भी लगाई हुई है, जहां बड़ी संख्या में मरीज इस सुविधा का लाभ उठाने पहुंचते हैं, लेकिन फिल्म की किल्लत के चलते कई दिन तक इसका कार्य भी ठप रहा था। हालांकि हाल ही में कुछ फिल्म मिलने के बाद एक्सरे का कार्य शुरू हुआ है।
सिटी स्कैन मशीन पर बढ़ा लोड
अल्ट्रासाउंड मशीन खराब होने से गरीज मरीज इस अस्पताल में सिटी स्कैन कराने के लिए आवेदन कर रहे हैं। ऐसे में इस मशीन पर भी लोड काफी बढ़ गया है। यह मशीन भी कई दिन तक खराब रही थी, जिसे अब चालू कराया गया है।
एक महीने से लगा रहीं चक्कर
अल्ट्रासाउंड कराने के लिए एक महीने से अस्पताल के चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन मशीन खराब होने की बात कहकर वापस भेज दिया जाता है। निजी सेंटर पर काफी महंगी जांच होती है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं।--कविता, मरीज।
गरीब लोगों का बुरा हाल
रुपयों की तंगी के चलते बहुत से लोग निजी अस्पतालों में जांच नहीं करा पा रहे हैं। ऐसे में गरीब मरीजों के लिए स्वास्थ्य विभाग की अल्ट्रासाउंड मशीन ही सहारा थी, लेकिन यह बीते काफी दिनों से खराब चल रही है, जिसका लाभ उन्हें नहीं मिल सका है।--रेनू
अल्ट्रासाउंड मशीन को दुरुस्त करने के लिए उसके पुर्जे की तलाश कराई जा रही है। पुर्जे मिल चुके हैं, जल्द ही मशीन को मरीजों के लिए चालू करा दिया जाएगा।--डॉ दिनेश खत्री, सीएचसी अधीक्षक।
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हापुड़। स्वास्थ्य विभाग की बदहाल व्यवस्था के चलते गढ़ रोड सीएचसी पर लगी एक मात्र अल्ट्रासाउंड मशीन बीते दो महीने से खराब पड़ी है। दूर दराज से आने वाले मरीज यहां से मायूस लौट रहे हैं। आर्थिक रूप से कमजोर मरीज निजी सेंटरों पर महंगी जांच नहीं करा पा रहे हैं। रोजाना वह मशीन के चलने की जानकारी करने अस्पताल पहुंच रहे हैं। अफसर मूकदर्शक बने बैठे हैं, अब जवाबदेही से बचने के लिए मशीन के पार्टस उपलब्ध नहीं होना बताया जा रहा हैं।
हापुड़ को जिला बने करीब 10 साल हो गए हैं, लेकिन आज भी यहां स्वास्थ्य सेवाएं पुराने ढर्रे पर चल रही हैं। जिले की 13 लाख की आबादी की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग के पास सिर्फ एक ही अल्ट्रासाउंड मशीन है। जिससे जिले की जनता को बेहतर चिकित्सा सुविधा का दावा किया जाता है।
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बहरहाल, बीते दो महीने से यह मशीन खराब चल रही है और दफ्तरों में बैठे अफसरों को इसकी खास चिंता नहीं है। इसका खामियाजा जिले के गरीब मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। निजी अल्ट्रासाउंड सेंटर पर जांच बहुत महंगी होती है। ऐसे में आए दिन सैकड़ों गरीब लोग अल्ट्रासाउंड की जानकारी करने अस्पताल पहुंच रहे हैं, लेकिन यहां कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलता।
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यहां तैनात कर्मचारी मशीन खराब होने की बात कहकर भेज देते है। अफसर अब मशीन के पार्टस नहीं मिलने की बात कहकर पल्ला झाड़ने में लगे हैं।
रोजाना 25-30 अल्ट्रासाउंड होते हैं
गढ़ रोड सीएचसी में लगी अल्ट्रासाउंड मशीन से प्रतिदिन औसतन 25-30 लोगों के ही अल्ट्रासाउंड किए जाते हैं। यह संख्या भले ही कम हो, लेकिन कतार में लगे मरीजों के दो से तीन दिन में नंबर आ ही जाते हैं। लेकिन दो महीने से मशीन काम नहीं कर रही, हालांकि बीच में एक या दो दिन के लिए इसे ठीक जरूर किया गया था।
एक्सरे की फिल्म की किल्लत भी बरकार
गढ़ रोड सीएचसी में एक्सरे मशीन भी लगाई हुई है, जहां बड़ी संख्या में मरीज इस सुविधा का लाभ उठाने पहुंचते हैं, लेकिन फिल्म की किल्लत के चलते कई दिन तक इसका कार्य भी ठप रहा था। हालांकि हाल ही में कुछ फिल्म मिलने के बाद एक्सरे का कार्य शुरू हुआ है।
सिटी स्कैन मशीन पर बढ़ा लोड
अल्ट्रासाउंड मशीन खराब होने से गरीज मरीज इस अस्पताल में सिटी स्कैन कराने के लिए आवेदन कर रहे हैं। ऐसे में इस मशीन पर भी लोड काफी बढ़ गया है। यह मशीन भी कई दिन तक खराब रही थी, जिसे अब चालू कराया गया है।
एक महीने से लगा रहीं चक्कर
अल्ट्रासाउंड कराने के लिए एक महीने से अस्पताल के चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन मशीन खराब होने की बात कहकर वापस भेज दिया जाता है। निजी सेंटर पर काफी महंगी जांच होती है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं।--कविता, मरीज।
गरीब लोगों का बुरा हाल
रुपयों की तंगी के चलते बहुत से लोग निजी अस्पतालों में जांच नहीं करा पा रहे हैं। ऐसे में गरीब मरीजों के लिए स्वास्थ्य विभाग की अल्ट्रासाउंड मशीन ही सहारा थी, लेकिन यह बीते काफी दिनों से खराब चल रही है, जिसका लाभ उन्हें नहीं मिल सका है।--रेनू
अल्ट्रासाउंड मशीन को दुरुस्त करने के लिए उसके पुर्जे की तलाश कराई जा रही है। पुर्जे मिल चुके हैं, जल्द ही मशीन को मरीजों के लिए चालू करा दिया जाएगा।--डॉ दिनेश खत्री, सीएचसी अधीक्षक।