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सरकारी अस्पतालों में ओपीडी बंद, इमरजेंसी सेवाएं रहेंगी चालू
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सरकारी अस्पतालों में ओपीडी बंद, इमरजेंसी सेवाएं रहेंगी चालू
हापुड़। कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए जिले के अस्पतालों में ओपीडी सेवा बंद कर दी गई है। अब गंभीर रूप से बीमार मरीजों को ही आपातकाल वार्डों में उपचार मिल सकेगा। प्राइवेट अस्पताल भी जांच रिपोर्ट निगेटिव आने पर ही मरीज को भर्ती कर रहे हैं।
कोरोना का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है, रोजाना 100 के आसपास नए मामले सामने आ रहे हैं। अस्पतालों में सामान्य उपचार के लिए बड़ी संख्या में रोजाना मरीज पहुंचते हैं। ऐसे में वहां भी संक्रमण बढ़ने का खतरा बना रहता है। मामले की गंभीरता पर सीएमओ के आदेश के बाद जिले के सरकारी अस्पतालों में ओपीडी बंद कर दी गई है।
शनिवार को मरीज उपचार के लिए पहुंचे, लेकिन चिकित्सकों के चैंबर खाली देख उन्हें मायूस लौटना पड़ा। ऐसे में अब बुखार, जुकाम, खांसी या अन्य किसी बीमारी से ग्रस्त लोगों को घर पर ही अपना ध्यान रखना होगा। क्योंकि उन्हें ओपीडी सेवा का लाभ नहीं मिल सकेगा। हालांकि हालत गंभीर होने पर मरीज को आपातकाल सेवा जरूर दी जा सकेगी। संक्रमण के बढ़ते प्रकोप पर निजी अस्पताल भी जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मरीजों को अपने यहां भर्ती कर रहे हैं।
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मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रेखा शर्मा ने बताया कि कोरोना के कारण सरकारी अस्पतालों की ओपीडी बंद करा दी गई हैं। हालांकि गंभीर रोगियों का उपचार किया जाएगा। लोग घबराए नहीं बल्कि अपने स्वास्थ्य के प्रति गंभीर रहें। लक्षण महसूस होने पर कोरेाना की जांच अवश्य कराएं।
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हापुड़। कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए जिले के अस्पतालों में ओपीडी सेवा बंद कर दी गई है। अब गंभीर रूप से बीमार मरीजों को ही आपातकाल वार्डों में उपचार मिल सकेगा। प्राइवेट अस्पताल भी जांच रिपोर्ट निगेटिव आने पर ही मरीज को भर्ती कर रहे हैं।
कोरोना का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है, रोजाना 100 के आसपास नए मामले सामने आ रहे हैं। अस्पतालों में सामान्य उपचार के लिए बड़ी संख्या में रोजाना मरीज पहुंचते हैं। ऐसे में वहां भी संक्रमण बढ़ने का खतरा बना रहता है। मामले की गंभीरता पर सीएमओ के आदेश के बाद जिले के सरकारी अस्पतालों में ओपीडी बंद कर दी गई है।
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शनिवार को मरीज उपचार के लिए पहुंचे, लेकिन चिकित्सकों के चैंबर खाली देख उन्हें मायूस लौटना पड़ा। ऐसे में अब बुखार, जुकाम, खांसी या अन्य किसी बीमारी से ग्रस्त लोगों को घर पर ही अपना ध्यान रखना होगा। क्योंकि उन्हें ओपीडी सेवा का लाभ नहीं मिल सकेगा। हालांकि हालत गंभीर होने पर मरीज को आपातकाल सेवा जरूर दी जा सकेगी। संक्रमण के बढ़ते प्रकोप पर निजी अस्पताल भी जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मरीजों को अपने यहां भर्ती कर रहे हैं।
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मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रेखा शर्मा ने बताया कि कोरोना के कारण सरकारी अस्पतालों की ओपीडी बंद करा दी गई हैं। हालांकि गंभीर रोगियों का उपचार किया जाएगा। लोग घबराए नहीं बल्कि अपने स्वास्थ्य के प्रति गंभीर रहें। लक्षण महसूस होने पर कोरेाना की जांच अवश्य कराएं।