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मई में संसद का घेराव करेंगे किसान
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प्रेस वार्ता करते भाकियू कार्यकर्ता।
- फोटो : HAPUR
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मई में संसद का घेराव करेंगे किसान
हापुड़। मंगलवार को फ्रीगंज रोड स्थित भाकियू के जिला कार्यालय पर किसानों की बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें संयुक्त किसान मोर्चा की केंद्रीय कमेटी के सदस्य डॉ. आशीष ने कहा कि कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे धरने को 24 अप्रैल में 150 दिन हो जाएंगे, लेकिन सरकार ने इस पर कोई संज्ञान नहीं लिया है। मई में किसान दिल्ली जाकर संसद का घेराव करेंगे। इसे लेकर रणनीति बनाई गई है, अब सरकार से आरपार की लड़ाई का एलान हो चुका है।
डॉ. आशीष ने कृषि कानूनों की जानकारी देते हुए बताया कि इसके लागू होने से ठेके पर खेती कराई जाएगी। लागत का सामान कंपनी से ही खरीदना पड़ेगा जो बहुत महंगा मिलेगा। महंगे खाद और बीज खरीदने के लिए लोन ही एकमात्र रास्ता होगा, जिसकी भरपाई नहीं होने पर जमीन नीलाम कर दी जाएगी। मंडी कानून की जानकारी देते हुए बताया कि इस कानून में वैकल्पिक मंडियां बनेंगी, जिसमें रेट ऑनलाइन तय होंगे। मंडियां व्यापार के नियम खुद तय करेंगी। इस दौरान कानूनों की खामी संबंधी पत्र किसानों ने कचहरी के आसपास लोगों में बांटे।
उन्होंने कहा कि किसान गेहूं के काम से निपट रहा है, चुनाव भी जल्द ही संपन्न हो जाएंगे। इसके बाद मई में संसद का घेराव कर इन कानूनों की वापसी कराई जाएगी। किसान अब बड़े आंदोलन को तैयार हैं, पूरे देश में यह आंदोलन फैल चुका है। इस मौके पर गुर सेवक सिंह, गुर अवनीत सिंह, दिनेश सिंह, रामपाल सिंह, भगतराम सिंह, गिरीराज त्यागी, सुभाष त्यागी आदि मौजूद रहे।
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हापुड़। मंगलवार को फ्रीगंज रोड स्थित भाकियू के जिला कार्यालय पर किसानों की बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें संयुक्त किसान मोर्चा की केंद्रीय कमेटी के सदस्य डॉ. आशीष ने कहा कि कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे धरने को 24 अप्रैल में 150 दिन हो जाएंगे, लेकिन सरकार ने इस पर कोई संज्ञान नहीं लिया है। मई में किसान दिल्ली जाकर संसद का घेराव करेंगे। इसे लेकर रणनीति बनाई गई है, अब सरकार से आरपार की लड़ाई का एलान हो चुका है।
डॉ. आशीष ने कृषि कानूनों की जानकारी देते हुए बताया कि इसके लागू होने से ठेके पर खेती कराई जाएगी। लागत का सामान कंपनी से ही खरीदना पड़ेगा जो बहुत महंगा मिलेगा। महंगे खाद और बीज खरीदने के लिए लोन ही एकमात्र रास्ता होगा, जिसकी भरपाई नहीं होने पर जमीन नीलाम कर दी जाएगी। मंडी कानून की जानकारी देते हुए बताया कि इस कानून में वैकल्पिक मंडियां बनेंगी, जिसमें रेट ऑनलाइन तय होंगे। मंडियां व्यापार के नियम खुद तय करेंगी। इस दौरान कानूनों की खामी संबंधी पत्र किसानों ने कचहरी के आसपास लोगों में बांटे।
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उन्होंने कहा कि किसान गेहूं के काम से निपट रहा है, चुनाव भी जल्द ही संपन्न हो जाएंगे। इसके बाद मई में संसद का घेराव कर इन कानूनों की वापसी कराई जाएगी। किसान अब बड़े आंदोलन को तैयार हैं, पूरे देश में यह आंदोलन फैल चुका है। इस मौके पर गुर सेवक सिंह, गुर अवनीत सिंह, दिनेश सिंह, रामपाल सिंह, भगतराम सिंह, गिरीराज त्यागी, सुभाष त्यागी आदि मौजूद रहे।
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