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बीएसए कार्यालय पर ताला जड़ बाबुओं ने दिया धरना
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गांव चितौली स्थित बीएसए कार्यालय पर ताला लगाने के बाद प्रदर्शन करते कर्मचारी.
- फोटो : HAPUR
बीएसए कार्यालय पर ताला जड़ बाबुओं ने दिया धरना
हापुड़। बीएसए पर पर उत्पीड़न और अभद्रता का आरोप लगाते हुए कार्यालय के बाबू बगावत पर उतर आए। बाबुओं ने नारेबाजी करते हुए कार्यालय पर तालाबंदी कर दी तथा धरने पर बैठ गए। करीब एक घंटे तक हंगामा होता रहा, इसी बीच बीएसए ने पहुंचकर कार्यालय पर लगा ताला खुलवाया। करीब आधा घंटे तक चली वार्ता के बाद बाबू काम पर लौटे।
जनपद में बीएसए की तैनाती के बाद से ही उनकी कार्यशैली को लेकर कुछ बाबू खफा चल रहे थे। बृहस्पतिवार को एकाएक कार्यालय के बाबू लामबंद हो गए। बीएसए कोरोना टीकाकरण के लिए अस्पताल गई हुई थीं। इसी बीच बाबुओं ने शोषण, अभद्रता समेत अनेक गंभीर आरोप लगाते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। बीएसए कार्यालय के बाहर आकर मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया और धरने पर बैठ गए।
इसमें डीसी बालिका दीपा तोमर ने बताया कि जब वह बीएसए कार्यालय में जाती हैं तो उनके साथ अभद्रता की जाती है। फाइल का काम भी समय से नहीं निपटाया जाता, जिसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ता है। एमडीएम के समन्वयक जुनैद मलिक ने कहा कि वह विभाग के काम से ही एफसीआई गए थे, लेकिन उनकी अनुपस्थिति लगा दी गई। रात में भी 11 बजे तक कार्य किया, फिर भी बीएसए ने उनके कार्य पर सवाल उठा दिया। वहीं, डीसी सिविल विनय प्रताप ने कहा कि उसके साथ भी काफी अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया। इस दौरान खंड शिक्षा अधिकारी संजय कौशल ने भी अपने उत्पीड़न का आरोप लगाया।
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हालांकि करीब एक घंटे बाद बीएसए अर्चना गुप्ता कार्यालय पहुंची तो उन्होंने कर्मचारियों को ताला खोलने के निर्देश दिए। ताला खोले जाने पर वह अपने ऑफिस गईं और वार्ता के लिए स्टाफ को बुलाया। जितने उग्र रूप से बाहर स्टाफ बीएसए पर आरोप लगा रहा था, अंदर जाते ही वह चुुप्पी साध गए और आरोपों से इतर अलग मुद्दे पर बात करने लगे। बीएसए अर्चना गुप्ता ने स्टाफ को समझाकर वापस भेजा। बीएसए के समझाने के बाद सभी स्टाफ काम पर लौट गया।
तालाबंदी करने वालों में दीपा तोमर, जुनैद मलिक, विनय प्रताप, विकाश शर्मा, अशोक, अनिल, अभिषेक, रोहित, अंकुर, अंकित, राजू, दीपेंद्र आदि मौजूद रहे।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अर्चना गुप्ता ने बताया कि वह स्टाफ से सिर्फ वही कार्य कराते हैं जो शासन की योजनाओं से जुड़ा है। किसी के साथ अभद्र व्यवहार नहीं किया गया। हालांकि यह जरूर है कि समय से काम पूरा नहीं करने पर वह डांट जरूर देती हैं।
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हापुड़। बीएसए पर पर उत्पीड़न और अभद्रता का आरोप लगाते हुए कार्यालय के बाबू बगावत पर उतर आए। बाबुओं ने नारेबाजी करते हुए कार्यालय पर तालाबंदी कर दी तथा धरने पर बैठ गए। करीब एक घंटे तक हंगामा होता रहा, इसी बीच बीएसए ने पहुंचकर कार्यालय पर लगा ताला खुलवाया। करीब आधा घंटे तक चली वार्ता के बाद बाबू काम पर लौटे।
जनपद में बीएसए की तैनाती के बाद से ही उनकी कार्यशैली को लेकर कुछ बाबू खफा चल रहे थे। बृहस्पतिवार को एकाएक कार्यालय के बाबू लामबंद हो गए। बीएसए कोरोना टीकाकरण के लिए अस्पताल गई हुई थीं। इसी बीच बाबुओं ने शोषण, अभद्रता समेत अनेक गंभीर आरोप लगाते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। बीएसए कार्यालय के बाहर आकर मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया और धरने पर बैठ गए।
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इसमें डीसी बालिका दीपा तोमर ने बताया कि जब वह बीएसए कार्यालय में जाती हैं तो उनके साथ अभद्रता की जाती है। फाइल का काम भी समय से नहीं निपटाया जाता, जिसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ता है। एमडीएम के समन्वयक जुनैद मलिक ने कहा कि वह विभाग के काम से ही एफसीआई गए थे, लेकिन उनकी अनुपस्थिति लगा दी गई। रात में भी 11 बजे तक कार्य किया, फिर भी बीएसए ने उनके कार्य पर सवाल उठा दिया। वहीं, डीसी सिविल विनय प्रताप ने कहा कि उसके साथ भी काफी अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया। इस दौरान खंड शिक्षा अधिकारी संजय कौशल ने भी अपने उत्पीड़न का आरोप लगाया।
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हालांकि करीब एक घंटे बाद बीएसए अर्चना गुप्ता कार्यालय पहुंची तो उन्होंने कर्मचारियों को ताला खोलने के निर्देश दिए। ताला खोले जाने पर वह अपने ऑफिस गईं और वार्ता के लिए स्टाफ को बुलाया। जितने उग्र रूप से बाहर स्टाफ बीएसए पर आरोप लगा रहा था, अंदर जाते ही वह चुुप्पी साध गए और आरोपों से इतर अलग मुद्दे पर बात करने लगे। बीएसए अर्चना गुप्ता ने स्टाफ को समझाकर वापस भेजा। बीएसए के समझाने के बाद सभी स्टाफ काम पर लौट गया।
तालाबंदी करने वालों में दीपा तोमर, जुनैद मलिक, विनय प्रताप, विकाश शर्मा, अशोक, अनिल, अभिषेक, रोहित, अंकुर, अंकित, राजू, दीपेंद्र आदि मौजूद रहे।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अर्चना गुप्ता ने बताया कि वह स्टाफ से सिर्फ वही कार्य कराते हैं जो शासन की योजनाओं से जुड़ा है। किसी के साथ अभद्र व्यवहार नहीं किया गया। हालांकि यह जरूर है कि समय से काम पूरा नहीं करने पर वह डांट जरूर देती हैं।