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ग्राम प्रधान के आरक्षण पर आपत्तियों की भरमार
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ग्राम प्रधान के आरक्षण पर आपत्तियों की भरमार
हापुड़। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए जारी किया गया आरक्षण कुछ लोगों को रास नहीं आ रहा है। जिले में तीसरे दिन ही आपत्तियों का शतक लग गया है। अभी तक 105 आपत्तियां प्राप्त हो चुकी हैं। अधिकतर आपत्तियां ग्राम प्रधान के आरक्षण पदों को लेकर हैं।
पंचायत चुनाव कराने के लिए जिला प्रशासन ने ग्राम प्रधान, पंचायत सदस्य, जिला पंचायत सदस्य और क्षेत्र पंचायतों के सदस्यों का आरक्षण जारी किया गया है। वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर बढ़ते से घटते क्रम में आरक्षण जारी हुआ है। लेकिन यह आरक्षण कुुछ लोगों को रास नहीं आ रहा है और इस पर आपत्तियां भी आ रही हैं। सबसे ज्यादा आपत्तियां ग्राम प्रधान के आरक्षण पर हैं। लोगों का आरोप है कि उनके गांव या जिला पंचायत क्षेत्र में आरक्षण नियमानुसार लागू नहीं किया गया है। ऐसे में लोग आपत्ति लगाकर आरक्षण में बदलाव की मांग कर रहे हैं। जिले में आठ मार्च तक आपत्ति मांगी गई हैं।
जिले में अभी तक 105 आपत्तियां प्राप्त की गई हैं। जिनमें करीब 90 आपत्ति ग्राम प्रधान पदों को लेकर है। प्रधान के आरक्षण पर आपत्तियां लेकर पहुंचने वाले लोगों का कहना है कि उनके गांव में सीटों का जो आरक्षण किया है वह पूरी तरह से नियमानुसार नहीं है।
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जिला पंचायत राज अधिकारी यावर अब्बास का कहना है कि विभाग के पास आपत्तियां लगातार आ रही हैं। इनका निस्तारण भी आरक्षण समिति द्वारा नियमानुसार किया जाएगा। हालांकि आरक्षण सूची नियमानुसार ही जारी की गई है।
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हापुड़। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए जारी किया गया आरक्षण कुछ लोगों को रास नहीं आ रहा है। जिले में तीसरे दिन ही आपत्तियों का शतक लग गया है। अभी तक 105 आपत्तियां प्राप्त हो चुकी हैं। अधिकतर आपत्तियां ग्राम प्रधान के आरक्षण पदों को लेकर हैं।
पंचायत चुनाव कराने के लिए जिला प्रशासन ने ग्राम प्रधान, पंचायत सदस्य, जिला पंचायत सदस्य और क्षेत्र पंचायतों के सदस्यों का आरक्षण जारी किया गया है। वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर बढ़ते से घटते क्रम में आरक्षण जारी हुआ है। लेकिन यह आरक्षण कुुछ लोगों को रास नहीं आ रहा है और इस पर आपत्तियां भी आ रही हैं। सबसे ज्यादा आपत्तियां ग्राम प्रधान के आरक्षण पर हैं। लोगों का आरोप है कि उनके गांव या जिला पंचायत क्षेत्र में आरक्षण नियमानुसार लागू नहीं किया गया है। ऐसे में लोग आपत्ति लगाकर आरक्षण में बदलाव की मांग कर रहे हैं। जिले में आठ मार्च तक आपत्ति मांगी गई हैं।
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जिले में अभी तक 105 आपत्तियां प्राप्त की गई हैं। जिनमें करीब 90 आपत्ति ग्राम प्रधान पदों को लेकर है। प्रधान के आरक्षण पर आपत्तियां लेकर पहुंचने वाले लोगों का कहना है कि उनके गांव में सीटों का जो आरक्षण किया है वह पूरी तरह से नियमानुसार नहीं है।
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जिला पंचायत राज अधिकारी यावर अब्बास का कहना है कि विभाग के पास आपत्तियां लगातार आ रही हैं। इनका निस्तारण भी आरक्षण समिति द्वारा नियमानुसार किया जाएगा। हालांकि आरक्षण सूची नियमानुसार ही जारी की गई है।