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समस्याओं के विरोध में आठ मार्च से धरने पर बैठेंगी आंगनबाड़ी कार्यकत्री
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समस्याओं के विरोध में आठ मार्च से धरने पर बैठेंगी आंगनबाड़ी कार्यकत्री
हापुड़। विभिन्न समस्याओं के विरोध में महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के आह्वान पर आठ मार्च से आंगनबाड़ी नगर पालिका स्थित धरना स्थल पर एक सप्ताह तक धरना शुरू करेंगी। इस संबंध में जिला मुख्यालय पर ज्ञापन सौंपकर, शोषण व उत्पीड़न से राहत दिलाने की मांग उठाई।
जिला संरक्षक मास्टर टेकचंद ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकत्री एवं सहायिकाओं द्वारा शासन की सभी योजनाओं को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया जाता है। फिर भी उनका मानदेय अत्यंत ही कम है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी का मानदेय 15 हजार और सहायिकाओं का दस हजार रुपये दिया जाए। आंगनबाड़ियों को 62 वर्ष की उम्र में सेवानिवृत्ति पर खाली हाथ लौटना पड़ता है। जबकि अन्य राज्यों में उनकी सेवानिवृत्ति पर तीन लाख की ग्रेचुयटी, पेंशन, चिकित्सा भत्ता दिया जाता है। जिलाध्यक्ष लवकेश त्यागी ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर मूलभूत सुविधा न होने पर भी आंगनबाड़ी कार्यकत्री बड़ी निष्ठा, लगन और मेहनत से अपने कार्य का ठीक प्रकार से निर्वाह करती है। फिर भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। इन समस्याओं के विरोध में आठ मार्च से नगर पालिका स्थित धरना स्थल पर एक सप्ताह तक धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इस मौके पर सुमन त्यागी, बबीता, सरलेश, शशिकांत, अंजना, कविता, कृष्णा, सुमित्रा, पुष्पा, रेखा, दीपाली, भगवान देई, मधु बाला, सुनेश, परवीना, सरलेश आदि मौजूद रहीं।
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हापुड़। विभिन्न समस्याओं के विरोध में महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के आह्वान पर आठ मार्च से आंगनबाड़ी नगर पालिका स्थित धरना स्थल पर एक सप्ताह तक धरना शुरू करेंगी। इस संबंध में जिला मुख्यालय पर ज्ञापन सौंपकर, शोषण व उत्पीड़न से राहत दिलाने की मांग उठाई।
जिला संरक्षक मास्टर टेकचंद ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकत्री एवं सहायिकाओं द्वारा शासन की सभी योजनाओं को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया जाता है। फिर भी उनका मानदेय अत्यंत ही कम है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी का मानदेय 15 हजार और सहायिकाओं का दस हजार रुपये दिया जाए। आंगनबाड़ियों को 62 वर्ष की उम्र में सेवानिवृत्ति पर खाली हाथ लौटना पड़ता है। जबकि अन्य राज्यों में उनकी सेवानिवृत्ति पर तीन लाख की ग्रेचुयटी, पेंशन, चिकित्सा भत्ता दिया जाता है। जिलाध्यक्ष लवकेश त्यागी ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर मूलभूत सुविधा न होने पर भी आंगनबाड़ी कार्यकत्री बड़ी निष्ठा, लगन और मेहनत से अपने कार्य का ठीक प्रकार से निर्वाह करती है। फिर भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। इन समस्याओं के विरोध में आठ मार्च से नगर पालिका स्थित धरना स्थल पर एक सप्ताह तक धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इस मौके पर सुमन त्यागी, बबीता, सरलेश, शशिकांत, अंजना, कविता, कृष्णा, सुमित्रा, पुष्पा, रेखा, दीपाली, भगवान देई, मधु बाला, सुनेश, परवीना, सरलेश आदि मौजूद रहीं।
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