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जिला जेल के लिए मिले 44.567 करोड़, 31 मार्च तक होगा भूमि अधिग्रहण
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जिला जेल के लिए मिले 44.567 करोड़, 31 मार्च तक होगा भूमि अधिग्रहण
हापुड़। अकड़ौली में जिला जेल बनाने के लिए शासन द्वारा 44.57 करोड़ रुपये की धनराशि जारी कर दी गी है। धनराशि डीएम के खाते में पहुंचने के साथ ही शासन ने संबंधित किसानों से हर हाल में 31 मार्च तक जमीनों का अधिग्रहण कराने के आदेश दिए हैं। आदेश मिलते ही जिला प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। जल्द ही इस संबंध में अधिकारियों व किसानों की बैठक होगी।
जनपद के सृजन के नौ साल बाद अब ग्राम अकड़ौली में 60.08 एकड़ भूमि पर जिला कारागार बनने का रास्ता लगभग साफ हो गया है। शासन से वित्तीय स्वीकृति के बाद एक हजार बंदियों की क्षमता का जिला कारागार बनाने के लिए भूमि क्रय करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। वर्ष 2011 से अभी तक जिले के बंदी गाजियाबाद डासना जेल में शिफ्ट किए जाते रहे हैं। जिसके कारण पुलिस और यहां तक कि बंदियों के परिजनों और रिश्तेदारों को काफी परेशानी होती थी।
शासन से जिला कारागार के लिए जमीन खरीदने को प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति के बाद जिला प्रशासन और कारागार के अधिकारियों ने पिछले दिनों ग्राम अकड़ौली में भूमि का चयन किया था। 19 सितंबर 2020 को भू-स्वामियों द्वारा जमीन देने के लिए सर्वसम्मति से लिखित में सहमति दी गई थी। जिला प्रशासन के अफसरों ने जिला कारागार निर्माण के लिए करीब 60.08 एकड़ भूमि का प्रस्ताव शासन को भेजा था। शासन ने चयनित गांव अकड़ौली में भूमि खरीदने के लिए 52 करोड़ 26 लाख 45 हजार 760 रुपये की लागत पर प्रशासनिक स्वीकृति दी थी। साथ ही मद में अवशेष धनराशि 44 करोड़ 57 लाख 20 हजार 620 रुपये की वित्तीय स्वीकृति शर्तों के अनुसार दी थी। अब यह स्वीकृत धनराशि हापुड़ डीएम के खाते में पहुंच चुकी है। साथ ही शासन ने इस धनराशि से 31 मार्च तक संबंधित सभी किसानों की भूमि अधिग्रहण करने के भी निर्देश जारी किए हैं।
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डीएम अनुज सिंह ने बताया कि जिला कारागार के लिए 44.57 करोड़ की धनराशि प्राप्त हो चुकी है। 31 मार्च तक भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी करनी है, जिसके लिए अधिकारियों को निर्देशित कर दिया गया है।
जिला बनने के बाद से वर्ष 2011 से ही जिले के बंदियों को गाजियाबाद की डासना जेल में शिफ्ट कर दिया गया था। फिलहाल जनपद के महिला थाना सहित दस थानों में विभिन्न आरोपों में पकड़े जाने वाले आरोपियों और दोषियों को डासना स्थित जिला कारागार में भेजा जाता है। डासना जेल की क्षमता 1750 कैदियों की है। वहां करीब तीन हजार से अधिक कैदी हैं। इनमें हापुड़ जनपद के विभिन्न अपराधों में बंद करीब एक हजार से अधिक कैदी हैं। जनपद में जिला कारागार का निर्माण होने पर डासना जेल में कैदियों का बोझ कम होगा। जेल प्रशासन के अफसर भी इसी प्रयास में लगे हैं कि जल्द से जल्द जिला कारागार का निर्माण हो सके। अब जेल बनने के बाद डासना जेल का भार भी कम हो सकेगा।
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हापुड़। अकड़ौली में जिला जेल बनाने के लिए शासन द्वारा 44.57 करोड़ रुपये की धनराशि जारी कर दी गी है। धनराशि डीएम के खाते में पहुंचने के साथ ही शासन ने संबंधित किसानों से हर हाल में 31 मार्च तक जमीनों का अधिग्रहण कराने के आदेश दिए हैं। आदेश मिलते ही जिला प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। जल्द ही इस संबंध में अधिकारियों व किसानों की बैठक होगी।
जनपद के सृजन के नौ साल बाद अब ग्राम अकड़ौली में 60.08 एकड़ भूमि पर जिला कारागार बनने का रास्ता लगभग साफ हो गया है। शासन से वित्तीय स्वीकृति के बाद एक हजार बंदियों की क्षमता का जिला कारागार बनाने के लिए भूमि क्रय करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। वर्ष 2011 से अभी तक जिले के बंदी गाजियाबाद डासना जेल में शिफ्ट किए जाते रहे हैं। जिसके कारण पुलिस और यहां तक कि बंदियों के परिजनों और रिश्तेदारों को काफी परेशानी होती थी।
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शासन से जिला कारागार के लिए जमीन खरीदने को प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति के बाद जिला प्रशासन और कारागार के अधिकारियों ने पिछले दिनों ग्राम अकड़ौली में भूमि का चयन किया था। 19 सितंबर 2020 को भू-स्वामियों द्वारा जमीन देने के लिए सर्वसम्मति से लिखित में सहमति दी गई थी। जिला प्रशासन के अफसरों ने जिला कारागार निर्माण के लिए करीब 60.08 एकड़ भूमि का प्रस्ताव शासन को भेजा था। शासन ने चयनित गांव अकड़ौली में भूमि खरीदने के लिए 52 करोड़ 26 लाख 45 हजार 760 रुपये की लागत पर प्रशासनिक स्वीकृति दी थी। साथ ही मद में अवशेष धनराशि 44 करोड़ 57 लाख 20 हजार 620 रुपये की वित्तीय स्वीकृति शर्तों के अनुसार दी थी। अब यह स्वीकृत धनराशि हापुड़ डीएम के खाते में पहुंच चुकी है। साथ ही शासन ने इस धनराशि से 31 मार्च तक संबंधित सभी किसानों की भूमि अधिग्रहण करने के भी निर्देश जारी किए हैं।
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डीएम अनुज सिंह ने बताया कि जिला कारागार के लिए 44.57 करोड़ की धनराशि प्राप्त हो चुकी है। 31 मार्च तक भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी करनी है, जिसके लिए अधिकारियों को निर्देशित कर दिया गया है।
जिला बनने के बाद से वर्ष 2011 से ही जिले के बंदियों को गाजियाबाद की डासना जेल में शिफ्ट कर दिया गया था। फिलहाल जनपद के महिला थाना सहित दस थानों में विभिन्न आरोपों में पकड़े जाने वाले आरोपियों और दोषियों को डासना स्थित जिला कारागार में भेजा जाता है। डासना जेल की क्षमता 1750 कैदियों की है। वहां करीब तीन हजार से अधिक कैदी हैं। इनमें हापुड़ जनपद के विभिन्न अपराधों में बंद करीब एक हजार से अधिक कैदी हैं। जनपद में जिला कारागार का निर्माण होने पर डासना जेल में कैदियों का बोझ कम होगा। जेल प्रशासन के अफसर भी इसी प्रयास में लगे हैं कि जल्द से जल्द जिला कारागार का निर्माण हो सके। अब जेल बनने के बाद डासना जेल का भार भी कम हो सकेगा।