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किसानों ने कब्जाया ट्रैक, नहीं पहुंची ट्रेन
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गढ़ में रेलवे ट्रैक पर धरना देते किसान।
- फोटो : GARH
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किसानों ने कब्जाया ट्रैक, नहीं पहुंची ट्रेन
गढ़मुक्तेश्वर (हापुड़)। कृषि कानूनों के विरोध में बृहस्पतिवार को गढ़ रेलवे स्टेशन पर पहुंचे भाकियू कार्यकर्ताओं और सैकड़ों किसानों ने पुलिस बैरिकेंडिग को तोड़कर रेलवे ट्रैक पर कब्जा कर लिया। हंगामे और नारेबाजी के बीच किसान करीब तीन घंटे तक यहां डटे रहे। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी किसानों की मान मनौव्वल में लगे रहे, लेकिन किसान नहीं माने। वहां पहुंचे डीएम और एसपी की अपील के बाद किसान ट्रैक से हटे। हापुड़, पिलखुवा और बाबूगढ़ स्टेशन पर भी पुलिस का पहरा रहा।
गढ़, बहादुरगढ़ और सिंभावली क्षेत्र के भाकियू नेता चौधरी सतबीर सिंह लुहारी और दिनेश खेड़ा के नेतृत्व में में बृहस्पतिवार को दर्जनों ट्रैक्टर-ट्राली और कारों में सवार होकर किसान करीब 12 बजे गढ़ रेलवे स्टेशन पहुंचे। किसानों ने पुलिस के बैरियर और बैरिकेडिंग को तोड़ते हुए रेलवे स्टेशन में प्रवेश कर गए। इसके बाद रेलवे ट्रैक की तरफ दौड़ रहे किसानों को रोकने के लिए एएसपी सर्वेश मिश्रा समेत अन्य अधिकारी उनके पीछे दौड़ पड़े। लेकिन किसानों ने रेलवे ट्रैक पर कब्जा जमा लिया। हंगामे और नारेबाजी के बीच करीब तीन घंटे तक किसान ट्रैक पर जमे रहे। पुलिस किसानों की समझाती रही लेकिन वे नहीं माने। दोपहर करीब ढाई बजे डीएम अनुज सिंह और एसपी नीरज कुमार जादौन ने पहुंचकर किसानों से वार्ता की, लेकिन किसानों ने हाई कमान के निर्देश अनुसार धरना स्थल समापन करने की बात कही। इसके बाद अधिकारियों द्वारा अपील और हाईकमान के निर्देश मिलने के बाद भाकियू कार्यकर्ताओं ने धरना समाप्त कर दिया। अधिकारियों ने किसानों को गुलाब के फूल भेंट किए। इस दौरान बबलू त्यागी, नीलम त्यागी, जीते चौहान, कुशलपाल आर्य, शब्बू चौधरी, गुलजार खां, रामपाल सिंह, राजू ठाकुर, शहजाद, सलमान चौधरी, यशवीर सिंह, इकराम खां, श्यामसुंदर त्यागी, बिल्लू त्यागी, विक्रांत, अफजाल प्रधान, आरिफ खां, परवेज चौधरी, सुरेश प्रधान, सुरेंद्र चौहान, शाहिद चौधरी, विरेंद्र चौधरी, धनवीर शास्त्री, जितिन चौधरी, सलीम सैफी, ज्ञानेंद्र त्यागी, दिनेश शर्मा समेत सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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डीएम से शुगर मिल से भुगतान कराने की मांग
रेलवे ट्रैक पर धरना दे रहे भाकियू कार्यकर्ताओं ने तीन घंटे तक माइक से भाषण दिया गया। उन्होंने डीएम और एसपी के आने पर किसानों का पांच सौ करोड़ से अधिक पेमेंट दबाकर बैठी शुगर मिल से भुगतान कराने की मांग भी उठाई। साथ ही मिल मालिकों की गिरफ्तारी की मांग की।
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रेलवे स्टेशन पर गूंजते रहे जय जवान जय किसान के नारे
रेलवे स्टेशन पर धरना के दौरान भाकियू कार्यकर्ताओं और किसानों ने लगातार तीन घंटे तक जय जवान जय किसान के नारे लगाए। किसानों ने कहा कि किसानों से ही देश है। सरकार के कारण अन्नदाता को परेशानी झेलनी पड़ रही है। सरकार किसानों पर कृषि कानूनों को थोपना चाहती है। अब किसानों की आवास शांत होने वाली नहीं है।
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गन्ना मूल्य में बढ़ोत्तरी न होने पर की नारेबाजी
धरना स्थल पर कृषि कानून के अलावा किसानों ने दूसरे मुद्दों को भी उठाया। किसानों ने कहा कि केंद्र सरकार पूंजीपतियों के घर भर रही है। रोजाना हर वस्तु पर रेट में बढ़ोतरी कर रही है, लेकिन गन्ने के रेट में कोई इजाफा नहीं हो रहा है। किसान आर्थिक तंगी से गुजर रहा है।
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किसानों ने रेलवे स्टेशन पर बांटी खिचड़ी
धरना स्थल पर करीब दो बजे किसानों ने अपने कार्यकर्ताओं और साथियों के लिए रेलवे स्टेशन पर ही खिचड़ी तैयार कराई। इसके बाद धरना स्थल पर बैठे सभी कार्यकर्ताओं को खिचड़ी वितरण की गई।
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डीएम और एसपी ने किसानों को दिए फूल
गढ़ में रेलवे ट्रैक पर बैठकर धरना दे रहे किसानों को मनाने पहुंचे डीएम अनुज सिंह और एसपी नीरज कुमार जादौन ने किसानों को फूल दिए। इसके बाद किसानों और अधिकारियों में वार्ता हुई और उसके आधा घंटे बाद ही धरना समाप्त हो गया।
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गढ़ में जमा रहा प्रशासनिक अमला
गढ़मुक्तेश्वर में प्रस्तावित रेल रोको कार्यक्रम को लेकर जिले का पूरा प्रशासनिक अमला यहां जमा रहा। एलआईयू के अलावा सभी अधिकारियों की नजर यहां रही। डीएम अनुज सिंह, एसपी नीरज कुमार जादौन, एडीएम जयनाथ यादव, एएसपी सर्वेश मिश्रा, सीओ धौलाना तेजवीर सिंह के अलावा चार थानों की पुलिस के साथ आरपीएफ चौकी इंचार्ज शखावत अली, जीआरपी चौकी इंचार्ज, बाबूराम समेत आरआरएफ और सौ से अधिक अन्य पुलिसकर्मी यहां मौजूद रहे।
एएसपी सर्वेश कुमार मिश्रा का कहना है कि किसानों का आंदोलन पूरी तरह से शांतिपूर्ण रहा। इस मामले में पुलिस की ओर से किसानों के खिलाफ किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की जा रही है। यह आरपीएफ के अधिकार क्षेत्र में आता है। उधर, आरपीएफ चौकी इंचार्ज शखावत अली ने भी किसी प्रकार की कार्रवाई से इंकार किया है।
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गढ़मुक्तेश्वर (हापुड़)। कृषि कानूनों के विरोध में बृहस्पतिवार को गढ़ रेलवे स्टेशन पर पहुंचे भाकियू कार्यकर्ताओं और सैकड़ों किसानों ने पुलिस बैरिकेंडिग को तोड़कर रेलवे ट्रैक पर कब्जा कर लिया। हंगामे और नारेबाजी के बीच किसान करीब तीन घंटे तक यहां डटे रहे। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी किसानों की मान मनौव्वल में लगे रहे, लेकिन किसान नहीं माने। वहां पहुंचे डीएम और एसपी की अपील के बाद किसान ट्रैक से हटे। हापुड़, पिलखुवा और बाबूगढ़ स्टेशन पर भी पुलिस का पहरा रहा।
गढ़, बहादुरगढ़ और सिंभावली क्षेत्र के भाकियू नेता चौधरी सतबीर सिंह लुहारी और दिनेश खेड़ा के नेतृत्व में में बृहस्पतिवार को दर्जनों ट्रैक्टर-ट्राली और कारों में सवार होकर किसान करीब 12 बजे गढ़ रेलवे स्टेशन पहुंचे। किसानों ने पुलिस के बैरियर और बैरिकेडिंग को तोड़ते हुए रेलवे स्टेशन में प्रवेश कर गए। इसके बाद रेलवे ट्रैक की तरफ दौड़ रहे किसानों को रोकने के लिए एएसपी सर्वेश मिश्रा समेत अन्य अधिकारी उनके पीछे दौड़ पड़े। लेकिन किसानों ने रेलवे ट्रैक पर कब्जा जमा लिया। हंगामे और नारेबाजी के बीच करीब तीन घंटे तक किसान ट्रैक पर जमे रहे। पुलिस किसानों की समझाती रही लेकिन वे नहीं माने। दोपहर करीब ढाई बजे डीएम अनुज सिंह और एसपी नीरज कुमार जादौन ने पहुंचकर किसानों से वार्ता की, लेकिन किसानों ने हाई कमान के निर्देश अनुसार धरना स्थल समापन करने की बात कही। इसके बाद अधिकारियों द्वारा अपील और हाईकमान के निर्देश मिलने के बाद भाकियू कार्यकर्ताओं ने धरना समाप्त कर दिया। अधिकारियों ने किसानों को गुलाब के फूल भेंट किए। इस दौरान बबलू त्यागी, नीलम त्यागी, जीते चौहान, कुशलपाल आर्य, शब्बू चौधरी, गुलजार खां, रामपाल सिंह, राजू ठाकुर, शहजाद, सलमान चौधरी, यशवीर सिंह, इकराम खां, श्यामसुंदर त्यागी, बिल्लू त्यागी, विक्रांत, अफजाल प्रधान, आरिफ खां, परवेज चौधरी, सुरेश प्रधान, सुरेंद्र चौहान, शाहिद चौधरी, विरेंद्र चौधरी, धनवीर शास्त्री, जितिन चौधरी, सलीम सैफी, ज्ञानेंद्र त्यागी, दिनेश शर्मा समेत सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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डीएम से शुगर मिल से भुगतान कराने की मांग
रेलवे ट्रैक पर धरना दे रहे भाकियू कार्यकर्ताओं ने तीन घंटे तक माइक से भाषण दिया गया। उन्होंने डीएम और एसपी के आने पर किसानों का पांच सौ करोड़ से अधिक पेमेंट दबाकर बैठी शुगर मिल से भुगतान कराने की मांग भी उठाई। साथ ही मिल मालिकों की गिरफ्तारी की मांग की।
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रेलवे स्टेशन पर गूंजते रहे जय जवान जय किसान के नारे
रेलवे स्टेशन पर धरना के दौरान भाकियू कार्यकर्ताओं और किसानों ने लगातार तीन घंटे तक जय जवान जय किसान के नारे लगाए। किसानों ने कहा कि किसानों से ही देश है। सरकार के कारण अन्नदाता को परेशानी झेलनी पड़ रही है। सरकार किसानों पर कृषि कानूनों को थोपना चाहती है। अब किसानों की आवास शांत होने वाली नहीं है।
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गन्ना मूल्य में बढ़ोत्तरी न होने पर की नारेबाजी
धरना स्थल पर कृषि कानून के अलावा किसानों ने दूसरे मुद्दों को भी उठाया। किसानों ने कहा कि केंद्र सरकार पूंजीपतियों के घर भर रही है। रोजाना हर वस्तु पर रेट में बढ़ोतरी कर रही है, लेकिन गन्ने के रेट में कोई इजाफा नहीं हो रहा है। किसान आर्थिक तंगी से गुजर रहा है।
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किसानों ने रेलवे स्टेशन पर बांटी खिचड़ी
धरना स्थल पर करीब दो बजे किसानों ने अपने कार्यकर्ताओं और साथियों के लिए रेलवे स्टेशन पर ही खिचड़ी तैयार कराई। इसके बाद धरना स्थल पर बैठे सभी कार्यकर्ताओं को खिचड़ी वितरण की गई।
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डीएम और एसपी ने किसानों को दिए फूल
गढ़ में रेलवे ट्रैक पर बैठकर धरना दे रहे किसानों को मनाने पहुंचे डीएम अनुज सिंह और एसपी नीरज कुमार जादौन ने किसानों को फूल दिए। इसके बाद किसानों और अधिकारियों में वार्ता हुई और उसके आधा घंटे बाद ही धरना समाप्त हो गया।
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गढ़ में जमा रहा प्रशासनिक अमला
गढ़मुक्तेश्वर में प्रस्तावित रेल रोको कार्यक्रम को लेकर जिले का पूरा प्रशासनिक अमला यहां जमा रहा। एलआईयू के अलावा सभी अधिकारियों की नजर यहां रही। डीएम अनुज सिंह, एसपी नीरज कुमार जादौन, एडीएम जयनाथ यादव, एएसपी सर्वेश मिश्रा, सीओ धौलाना तेजवीर सिंह के अलावा चार थानों की पुलिस के साथ आरपीएफ चौकी इंचार्ज शखावत अली, जीआरपी चौकी इंचार्ज, बाबूराम समेत आरआरएफ और सौ से अधिक अन्य पुलिसकर्मी यहां मौजूद रहे।
एएसपी सर्वेश कुमार मिश्रा का कहना है कि किसानों का आंदोलन पूरी तरह से शांतिपूर्ण रहा। इस मामले में पुलिस की ओर से किसानों के खिलाफ किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की जा रही है। यह आरपीएफ के अधिकार क्षेत्र में आता है। उधर, आरपीएफ चौकी इंचार्ज शखावत अली ने भी किसी प्रकार की कार्रवाई से इंकार किया है।