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बॉर्डर पर तैनात जवान से ठगी, कार्रवाई की मांग
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बॉर्डर पर तैनात जवान से ठगी, कार्रवाई की मांग
हापुड़। भारतीय सीमा सुरक्षा बल में भारत-बांग्लादेश सरहद पर तैनात एक जवान के साथ नगर निवासी एक व्यक्ति ने उसके पुत्रों की सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर साढ़े चार लाख रुपये ठग लिए। पुलिस ने कार्रवाई के बजाय दबाव बनाकर दोनों पक्षों में समझौता करा दिया और पीड़ित अपनी रकम के लिए धक्के खाता रहा। सिस्टम से थक चुके जवान ने अपने कमांडेंट से रुपये वापस दिलाने की गुहार लगाई। बीएसएफ के प्लाटून कमांडेंट ने कार्रवाई के लिए डीएम और एसपी को पत्र लिखा है।
क्षेत्र के गांव ततारपुर निवासी गुरबीर सिंह मुख्य आरक्षी के रूप में भारतीय सीमा सुरक्षा बल में बांग्लादेश सीमा पर तैनात हैं। उनके अनुसार उनके दो पुत्रों की सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर कुछ माह पहले नई मंडी अंबेडकर नगर निवासी एक व्यक्ति ने साढ़े चार लाख रुपये लिए थे। लेकिन उसके पुत्रों की जब नौकरी नहीं लगी तो उसने अपने रुपये वापस मांगे। रुपये मांगने पर आरोपी मुकरने लगा। जिसके बाद पीड़ित ने देहात थाने में आरोपी की शिकायत की। आरोप है कि तत्कालीन थाना प्रभारी ने आरोपी से साज कर मात्र दो लाख रुपये वापस दिलाने की बात करते हुए दोनों पक्षों में समझौता करा दिया, लेकिन आरोपी ये दो लाख रुपये देने से मुकर गया और जवान को जान से मारने की धमकी देने लगा। पुलिस और अधिकारियों द्वारा कार्रवाई न करने पर पीड़ित ने अपने कमांडेंट से गुहार लगाई।
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कार्रवाई हो ताकि जवान स्वस्थ मन से कर सके नौकरी
सीमा सुरक्षा बल की 112 बटालियन के कमांडेंट अरुण कुमार ने हापुड़ जिलाधिकारी और एसपी को पत्र लिखा है। पत्र में कमांडेंट ने स्पष्ट रूप से कहा कि भारत बांग्लादेश बार्डर तस्करी के लिए काफी संवेदनशील है। यहां जवानों को पूरी तरह से अलर्ट रहना पड़ता है। ठगी का शिकार होने पर जवान स्वस्थ मन से नौकरी नहीं कर पा रहा है। ऐसे में आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसकी रकम वापस दिलाई जाए। इस संबंध में एएसपी सर्वेश कुमार मिश्रा का कहना है कि मामले की जानकारी नहीं है। मामले की जांच कराकर आरोपी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई कराई जाएगी।
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हापुड़। भारतीय सीमा सुरक्षा बल में भारत-बांग्लादेश सरहद पर तैनात एक जवान के साथ नगर निवासी एक व्यक्ति ने उसके पुत्रों की सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर साढ़े चार लाख रुपये ठग लिए। पुलिस ने कार्रवाई के बजाय दबाव बनाकर दोनों पक्षों में समझौता करा दिया और पीड़ित अपनी रकम के लिए धक्के खाता रहा। सिस्टम से थक चुके जवान ने अपने कमांडेंट से रुपये वापस दिलाने की गुहार लगाई। बीएसएफ के प्लाटून कमांडेंट ने कार्रवाई के लिए डीएम और एसपी को पत्र लिखा है।
क्षेत्र के गांव ततारपुर निवासी गुरबीर सिंह मुख्य आरक्षी के रूप में भारतीय सीमा सुरक्षा बल में बांग्लादेश सीमा पर तैनात हैं। उनके अनुसार उनके दो पुत्रों की सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर कुछ माह पहले नई मंडी अंबेडकर नगर निवासी एक व्यक्ति ने साढ़े चार लाख रुपये लिए थे। लेकिन उसके पुत्रों की जब नौकरी नहीं लगी तो उसने अपने रुपये वापस मांगे। रुपये मांगने पर आरोपी मुकरने लगा। जिसके बाद पीड़ित ने देहात थाने में आरोपी की शिकायत की। आरोप है कि तत्कालीन थाना प्रभारी ने आरोपी से साज कर मात्र दो लाख रुपये वापस दिलाने की बात करते हुए दोनों पक्षों में समझौता करा दिया, लेकिन आरोपी ये दो लाख रुपये देने से मुकर गया और जवान को जान से मारने की धमकी देने लगा। पुलिस और अधिकारियों द्वारा कार्रवाई न करने पर पीड़ित ने अपने कमांडेंट से गुहार लगाई।
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कार्रवाई हो ताकि जवान स्वस्थ मन से कर सके नौकरी
सीमा सुरक्षा बल की 112 बटालियन के कमांडेंट अरुण कुमार ने हापुड़ जिलाधिकारी और एसपी को पत्र लिखा है। पत्र में कमांडेंट ने स्पष्ट रूप से कहा कि भारत बांग्लादेश बार्डर तस्करी के लिए काफी संवेदनशील है। यहां जवानों को पूरी तरह से अलर्ट रहना पड़ता है। ठगी का शिकार होने पर जवान स्वस्थ मन से नौकरी नहीं कर पा रहा है। ऐसे में आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसकी रकम वापस दिलाई जाए। इस संबंध में एएसपी सर्वेश कुमार मिश्रा का कहना है कि मामले की जानकारी नहीं है। मामले की जांच कराकर आरोपी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई कराई जाएगी।
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