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जिले के 35 हजार किसानों पर पड़ सकती है कोल्ड स्टोरेज के महंगे किराए की मार
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जिले के 35 हजार किसानों पर पड़ सकती है कोल्ड स्टोरेज के महंगे किराए की मार
हापुड़। जिले के 35 हजार आलू उत्पादक किसानों पर इस बार शीतगृहों में आलू स्टोरेज के महंगे किराए की मार पड़ सकती है। लखनऊ में शीतगृह एसोसिएशन की बैठक में स्टोरेज का किराया बढ़ाया गया है। हापुड़ में बीते साल भी किराए में इजाफा नहीं हुआ था। लेकिन इस बार स्थानीय एसोसिएशन मजदूरी, बिजली आदि महंगी होने के कारण किराए में कुछ बढ़ोत्तरी कर सकती है। हालांकि इससे पहले क्रॉप की स्थिति को देखकर बैठक में अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
जिले में बड़े पैमाने पर आलू की खेती की जाती है। बीते साल आलू के दाम बंपर रहे थे, जिसके चलते इस बार किसानों ने करीब चार हजार हेक्टेयर रकबे में आलू की बुवाई की है। फुटकर में अभी भी आलू एक हजार रुपये/क्विंटल तक बिक रहा है, जिससे किसानों को उम्मीद है कि आलू के दाम इस बार भी अच्छे रहेंगे।
हापुड़ जिले में कुल 15 शीतगृह हैं, जिनमें 1.80 लाख क्विंटल आलू स्टोरेज की क्षमता है। बीते साल शीतगृह संचालकों ने किराए में कोई बढ़ोत्तरी नहीं की थी। क्योंकि उस समय कोरोना का प्रकोप शुरू हो गया था। लेकिन मजदूरी, बिजली बिल व अन्य संसाधनों पर महंगाई बढ़ने के कारण एसोसिएशन इस बार किराए में कुछ बढ़ोत्तरी जरूर कर सकती है।
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लखनऊ में शीतगृह एसोसिएशन की बैठक में आलू स्टोरेज के किराए में 15 रुपये/क्विंटल तक बढ़ोत्तरी की गई है। ऐसे में यहां भी इस दर से किराए में बढ़ोत्तरी की जा सकती है। हालांकि हापुड़ की शीतगृह एसोसिएशन पहले क्रॉप की स्थिति को देखेगी। इसके बाद एक बैठक आयोजित करा कर, सर्वसम्मति से यह तय किया जाएगा कि किराए में कितनी बढ़ोत्तरी की जाए। बहरहाल, यदि कोल्डस्टोर में आलू का किराया बढ़ाया गया तो जिले के किसानों की जेब पर करोड़ों रुपये का भार बढ़ सकता है।
जिले में शीतगृहों की स्थिति
शीतगृहों की संख्या------------15
स्टोरेज क्षमता------------1.80 लाख मिट्रिक टन
सामान्य किराया----------240 रुपये/क्विंटल
शुगर फ्री किराया---------260 रुपये/क्विंटल
जिले में 1.25 लाख मिट्रिक टन आलू उत्पादन की उम्मीद
जिले के चार हजार हेक्टेयर रकबे में किसानों ने आलू की बुवाई की है। उद्यान विभाग के अनुसार फसल अच्छी है और 1.25 लाख मिट्रिक टन आलू उत्पादन की उम्मीद जताई जा रही है।
क्या कहते हैं एसोसिएशन के पदाधिकारी
कोल्ड स्टोर एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय कृपाल ने बताया कि क्रॉप की स्थिति को देखकर एसोसिएशन की बैठक में किराए पर निर्णय लिया जाएगा। बीते साल भी शीतगृहों में आलू स्टोरेज का किराया नहीं बढ़ाया गया था।
कोट
जिला उद्यान अधिकारी एसके शर्मा का कहना है कि जिले में आलू की फसल अच्छी है। बीते साल के मुकाबले अधिक फसल किसानों ने लगाई है। मौसम भी अनुकूल बना हुआ है।
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हापुड़। जिले के 35 हजार आलू उत्पादक किसानों पर इस बार शीतगृहों में आलू स्टोरेज के महंगे किराए की मार पड़ सकती है। लखनऊ में शीतगृह एसोसिएशन की बैठक में स्टोरेज का किराया बढ़ाया गया है। हापुड़ में बीते साल भी किराए में इजाफा नहीं हुआ था। लेकिन इस बार स्थानीय एसोसिएशन मजदूरी, बिजली आदि महंगी होने के कारण किराए में कुछ बढ़ोत्तरी कर सकती है। हालांकि इससे पहले क्रॉप की स्थिति को देखकर बैठक में अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
जिले में बड़े पैमाने पर आलू की खेती की जाती है। बीते साल आलू के दाम बंपर रहे थे, जिसके चलते इस बार किसानों ने करीब चार हजार हेक्टेयर रकबे में आलू की बुवाई की है। फुटकर में अभी भी आलू एक हजार रुपये/क्विंटल तक बिक रहा है, जिससे किसानों को उम्मीद है कि आलू के दाम इस बार भी अच्छे रहेंगे।
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हापुड़ जिले में कुल 15 शीतगृह हैं, जिनमें 1.80 लाख क्विंटल आलू स्टोरेज की क्षमता है। बीते साल शीतगृह संचालकों ने किराए में कोई बढ़ोत्तरी नहीं की थी। क्योंकि उस समय कोरोना का प्रकोप शुरू हो गया था। लेकिन मजदूरी, बिजली बिल व अन्य संसाधनों पर महंगाई बढ़ने के कारण एसोसिएशन इस बार किराए में कुछ बढ़ोत्तरी जरूर कर सकती है।
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लखनऊ में शीतगृह एसोसिएशन की बैठक में आलू स्टोरेज के किराए में 15 रुपये/क्विंटल तक बढ़ोत्तरी की गई है। ऐसे में यहां भी इस दर से किराए में बढ़ोत्तरी की जा सकती है। हालांकि हापुड़ की शीतगृह एसोसिएशन पहले क्रॉप की स्थिति को देखेगी। इसके बाद एक बैठक आयोजित करा कर, सर्वसम्मति से यह तय किया जाएगा कि किराए में कितनी बढ़ोत्तरी की जाए। बहरहाल, यदि कोल्डस्टोर में आलू का किराया बढ़ाया गया तो जिले के किसानों की जेब पर करोड़ों रुपये का भार बढ़ सकता है।
जिले में शीतगृहों की स्थिति
शीतगृहों की संख्या------------15
स्टोरेज क्षमता------------1.80 लाख मिट्रिक टन
सामान्य किराया----------240 रुपये/क्विंटल
शुगर फ्री किराया---------260 रुपये/क्विंटल
जिले में 1.25 लाख मिट्रिक टन आलू उत्पादन की उम्मीद
जिले के चार हजार हेक्टेयर रकबे में किसानों ने आलू की बुवाई की है। उद्यान विभाग के अनुसार फसल अच्छी है और 1.25 लाख मिट्रिक टन आलू उत्पादन की उम्मीद जताई जा रही है।
क्या कहते हैं एसोसिएशन के पदाधिकारी
कोल्ड स्टोर एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय कृपाल ने बताया कि क्रॉप की स्थिति को देखकर एसोसिएशन की बैठक में किराए पर निर्णय लिया जाएगा। बीते साल भी शीतगृहों में आलू स्टोरेज का किराया नहीं बढ़ाया गया था।
कोट
जिला उद्यान अधिकारी एसके शर्मा का कहना है कि जिले में आलू की फसल अच्छी है। बीते साल के मुकाबले अधिक फसल किसानों ने लगाई है। मौसम भी अनुकूल बना हुआ है।