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भाकियू के पदाधिकारियों को पुलिस ने किया नजरबंद
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भाकियू के पदाधिकारियों को पुलिस ने किया नजरबंद
हापुड़। कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली में चल रहे आंदोलन में शामिल होने जा रहे किसानों को लगातार पुलिस, प्रशासन द्वारा नजरबंद किया जा रहा है। बृहस्पतिवार को भाकियू के मंडल प्रवक्ता सहित कई पदाधिकारियों को पुलिस ने नजरबंद कर दिया। दिनभर पुलिस कार्यकर्ताओं के घर के बाहर बैठी रही। पुलिस की इस कार्यप्रणाली से संगठनों में रोष है। कार्यकर्ताओं ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
सुबह के समय भाकियू के मंडल प्रवक्ता दिनेश खेड़ा किसानों के साथ दिल्ली जाने ही वाले थे। इस दौरान उनके घर पर पुलिस, प्रशासन के अधिकारी पहुंच गए। पुलिस ने मंडल प्रवक्ता सहित उनके साथ के कई कार्यकर्ताओं को भी उनके आवास पर नजरबंद कर दिया। इससे कार्यकर्ताओं में रोष बढ़ गया। कार्यकर्ताओं ने आंदोलन की चेतावनी दी। हालांकि दोपहर करीब तीन बजे अधिकारियों के वहां से जाने के बाद समस्त पदाधिकारी दिल्ली के लिए रवाना हुए। भाकियू के पदाधिकारियों ने इस तरह के रवैये पर नाराजगी जताई है। वहीं हाईकमान की बैठक में यह मुद्दा रखने का निर्णय लिया है। मामले में संगठन का एक प्रतिनिधिमंडल ने जल्द ही डीएम से मिलने की भी बात कही है। उधर, हापुड़ जिले से किसान दिल्ली में आंदोलन कर रहे किसानों के लिए खीर, दूध, रोटी आदि पहुंचा रहे हैं। जिलास्तर पर भी बड़े आंदोलन की भूमिका बनाई जा रही है। किसानों में कृषि कानून को लेकर असंतोष बना हुआ है। बीते कई दिनों से देशभर के किसान दिल्ली की सड़कों पर आंदोलन कर रहे हैं। जिले से भी बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से दिल्ली पहुंच रहे हैं। पुलिस द्वारा ट्रैक्टर-ट्रॉली रोके जाने पर भाकियू हाईकमान पहले ही इस तरह की कार्रवाई पर संबंधित थाने में पशु बांधने की चेतावनी दे चुका है।
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हापुड़। कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली में चल रहे आंदोलन में शामिल होने जा रहे किसानों को लगातार पुलिस, प्रशासन द्वारा नजरबंद किया जा रहा है। बृहस्पतिवार को भाकियू के मंडल प्रवक्ता सहित कई पदाधिकारियों को पुलिस ने नजरबंद कर दिया। दिनभर पुलिस कार्यकर्ताओं के घर के बाहर बैठी रही। पुलिस की इस कार्यप्रणाली से संगठनों में रोष है। कार्यकर्ताओं ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
सुबह के समय भाकियू के मंडल प्रवक्ता दिनेश खेड़ा किसानों के साथ दिल्ली जाने ही वाले थे। इस दौरान उनके घर पर पुलिस, प्रशासन के अधिकारी पहुंच गए। पुलिस ने मंडल प्रवक्ता सहित उनके साथ के कई कार्यकर्ताओं को भी उनके आवास पर नजरबंद कर दिया। इससे कार्यकर्ताओं में रोष बढ़ गया। कार्यकर्ताओं ने आंदोलन की चेतावनी दी। हालांकि दोपहर करीब तीन बजे अधिकारियों के वहां से जाने के बाद समस्त पदाधिकारी दिल्ली के लिए रवाना हुए। भाकियू के पदाधिकारियों ने इस तरह के रवैये पर नाराजगी जताई है। वहीं हाईकमान की बैठक में यह मुद्दा रखने का निर्णय लिया है। मामले में संगठन का एक प्रतिनिधिमंडल ने जल्द ही डीएम से मिलने की भी बात कही है। उधर, हापुड़ जिले से किसान दिल्ली में आंदोलन कर रहे किसानों के लिए खीर, दूध, रोटी आदि पहुंचा रहे हैं। जिलास्तर पर भी बड़े आंदोलन की भूमिका बनाई जा रही है। किसानों में कृषि कानून को लेकर असंतोष बना हुआ है। बीते कई दिनों से देशभर के किसान दिल्ली की सड़कों पर आंदोलन कर रहे हैं। जिले से भी बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से दिल्ली पहुंच रहे हैं। पुलिस द्वारा ट्रैक्टर-ट्रॉली रोके जाने पर भाकियू हाईकमान पहले ही इस तरह की कार्रवाई पर संबंधित थाने में पशु बांधने की चेतावनी दे चुका है।
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