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प्रथम नवरात्र पर जिले में 21 कन्याओं ने लिया जन्म
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प्रथम नवरात्र पर जिले में 21 कन्याओं ने लिया जन्म
हापुड़। शारदीय नवरात्र के पहले दिन माता शैलपुत्री की कृपा हापुड़ पर बरसी। जिले के अस्पतालों में पहले दिन 21 बेटियों ने जन्म लिया। नवरात्र में बेटी के जन्म लेने पर परिजनों के भी चेहरे खिल उठे। अस्पतालों में मौजूद स्टाफ और तीमारदारों ने भी शुभकामनाएं दीं। देवी का रुप मानकर अधिकांश परिजनों ने बेटियों का नाम देवी मां के नाम पर रखा।
माता शैलपुत्री की पूजा अर्चना के साथ ही शरदीय नवरात्रों का शुभारंभ हुआ। इन दिनों में कन्याओं के पूजन को शुभ माना जाता है। घर-घर में देवियों की आराधना के साथ ही छोटी बच्चियों को भी देवी के रूप में पूजा जाता है। राम नवमी के दिन कन्याओं को प्रसाद भी ग्रहण कराया जाता है।
शनिवार को प्रथम नवरात्र पर जिले के सरकारी और निजी अस्पतालों में 21 बच्चियों ने जन्म लिया। जबकि 18 पुत्र भी पैदा हुए। बेटियों की किलकारी गूंजते ही घर परिवारों में भी खुशियां छा गई। अस्पतालों में मिठाईयां बांटी गई, माता रानी का आशीर्वाद पाकर प्रसुताएं भी काफी प्रसन्न थी।
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गढ़ रोड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बेटी को जन्म देने वाली गांव जरौठी निवासी शीतल पत्नी नरेंद्र ने बताया कि माता रानी के नवरात्रों के दिनों में उन्हें बेटी रत्न प्राप्त हुआ है। यह सौभाग्य संजोग से ही प्राप्त होता है, उन्हें काफी खुशी है। चंद्रलोक कॉलोनी निवासी प्रसूता रीना ने बताया कि उसे पहले एक बेटा हुआ था, लेकिन अब नवरात्र के पहले दिन उसे बेटी हुई है। वह मन से देवी मां को मानती है, उन्होंने बच्ची की प्राप्ति के लिए प्रार्थना माता रानी से की थी।
कोट-
मुख्य चिकित्साधिकारी डा.रेखा शर्मा ने बताया कि बेटी है तो कल है। बेटी नहीं होगी तो अष्टमी कैसे मनाओगे। अस्पतालों में जिनके यहां बेटियों के जन्म हुआ है। उनके परिजन काफी खुश हैं। पर स्टाफ द्वारा शुभकामनाएं दी गई।
नौ देवी के नाम और उनके अर्थ
प्रथम देवी शैलपुत्री, इसका अर्थ है पहाड़ों की पुत्री, ब्रहमचारिणी इसका अर्थ ब्रह्मचारणी है। चंद्रघंटा इसका अर्थ है चांद की तरह चमकने वाली, कूष्माण्डा इसका अर्थ है पूरा जगत उनके पैरों में है। स्कंदमाता इसका अर्थ है कार्तिक स्वामी की माता, कात्यायनी इसका अर्थ है कात्यायन आश्रम में जन्मी, कालरात्रि इसका अर्थ है काल का नाश करने वाली, महागौरी इसका अर्थ है सफेद रंग वाली, सिद्धिदात्री इसका अर्थ है सर्व सिद्ध देने वाली मां।
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हापुड़। शारदीय नवरात्र के पहले दिन माता शैलपुत्री की कृपा हापुड़ पर बरसी। जिले के अस्पतालों में पहले दिन 21 बेटियों ने जन्म लिया। नवरात्र में बेटी के जन्म लेने पर परिजनों के भी चेहरे खिल उठे। अस्पतालों में मौजूद स्टाफ और तीमारदारों ने भी शुभकामनाएं दीं। देवी का रुप मानकर अधिकांश परिजनों ने बेटियों का नाम देवी मां के नाम पर रखा।
माता शैलपुत्री की पूजा अर्चना के साथ ही शरदीय नवरात्रों का शुभारंभ हुआ। इन दिनों में कन्याओं के पूजन को शुभ माना जाता है। घर-घर में देवियों की आराधना के साथ ही छोटी बच्चियों को भी देवी के रूप में पूजा जाता है। राम नवमी के दिन कन्याओं को प्रसाद भी ग्रहण कराया जाता है।
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शनिवार को प्रथम नवरात्र पर जिले के सरकारी और निजी अस्पतालों में 21 बच्चियों ने जन्म लिया। जबकि 18 पुत्र भी पैदा हुए। बेटियों की किलकारी गूंजते ही घर परिवारों में भी खुशियां छा गई। अस्पतालों में मिठाईयां बांटी गई, माता रानी का आशीर्वाद पाकर प्रसुताएं भी काफी प्रसन्न थी।
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गढ़ रोड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बेटी को जन्म देने वाली गांव जरौठी निवासी शीतल पत्नी नरेंद्र ने बताया कि माता रानी के नवरात्रों के दिनों में उन्हें बेटी रत्न प्राप्त हुआ है। यह सौभाग्य संजोग से ही प्राप्त होता है, उन्हें काफी खुशी है। चंद्रलोक कॉलोनी निवासी प्रसूता रीना ने बताया कि उसे पहले एक बेटा हुआ था, लेकिन अब नवरात्र के पहले दिन उसे बेटी हुई है। वह मन से देवी मां को मानती है, उन्होंने बच्ची की प्राप्ति के लिए प्रार्थना माता रानी से की थी।
कोट-
मुख्य चिकित्साधिकारी डा.रेखा शर्मा ने बताया कि बेटी है तो कल है। बेटी नहीं होगी तो अष्टमी कैसे मनाओगे। अस्पतालों में जिनके यहां बेटियों के जन्म हुआ है। उनके परिजन काफी खुश हैं। पर स्टाफ द्वारा शुभकामनाएं दी गई।
नौ देवी के नाम और उनके अर्थ
प्रथम देवी शैलपुत्री, इसका अर्थ है पहाड़ों की पुत्री, ब्रहमचारिणी इसका अर्थ ब्रह्मचारणी है। चंद्रघंटा इसका अर्थ है चांद की तरह चमकने वाली, कूष्माण्डा इसका अर्थ है पूरा जगत उनके पैरों में है। स्कंदमाता इसका अर्थ है कार्तिक स्वामी की माता, कात्यायनी इसका अर्थ है कात्यायन आश्रम में जन्मी, कालरात्रि इसका अर्थ है काल का नाश करने वाली, महागौरी इसका अर्थ है सफेद रंग वाली, सिद्धिदात्री इसका अर्थ है सर्व सिद्ध देने वाली मां।