{"_id":"5e7793668ebc3e72b96fc1ad","slug":"hapur-news-hapur-news-gbd1964638153","type":"story","status":"publish","title_hn":"जीएसटी बिल के फेर में बिजली निगम के कर्मियों को नसीब नहीं हो रहे मास्क","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जीएसटी बिल के फेर में बिजली निगम के कर्मियों को नसीब नहीं हो रहे मास्क
विज्ञापन
दोगुना कीमत पर बेच रहे मास्क, नहीं दे रहे पक्का बिल
हापुड़। विद्युत निगम के कर्मचारियों को मास्क, सैनिटाइजर नसीब नहीं हो पा रहे हैं। क्योंकि इनकी खरीद के लिए उन्हें पक्का बिल चाहिए, जिसका पैसा इसी बिल के आधार पर मिलेगा। दुकानदार कालाबाजारी के चक्कर में बिल नहीं दे रहे, मास्क और सैनिटाइजर दो से तीन गुना कीमत पर बिक्री किए जा रहे हैं।
कोरोना वायरस के चलते शासन ने प्रत्येक सरकारी कार्यालयों में भी मास्क और सैनिटाइजर की व्यवस्था कराने के आदेश दिए हैं। ऊर्जा निगम के कैश काउंटर व कार्यालयों में रोजाना बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। ऐसे में कर्मचारियों के लिए मास्क बेहद आवश्यक है।
निगम के अधिकारियों को मास्क, सैनिटाइजर खरीद के बिल बाउचर समेत ऊपर भेजने पड़ेंगे। जीएसटी बिलों के आधार पर ही उन्हें इसका पैसा मिलेगा। आश्चर्य की बात यह है कि निगम कर्मी शहरभर की दुकानों पर घूम लिए, लेकिन किसी दुकानदार ने उन्हें पक्का बिल देने की जरूरत नहीं समझी। ऐसे में कर्मचारियों को मास्क आदि नहीं मिल सके हैं।
विज्ञापन
अधिशासी अभियंता मनोज कुमार का कहना है कि मास्क, सैनिटाइजर खरीद के लिए पक्का बिल होना आवश्यक है, लेकिन दुकानदार पक्का बिल नहीं दे रहे हैं।
जतिन त्यागी 22एचपीआर06
विज्ञापन
हापुड़। विद्युत निगम के कर्मचारियों को मास्क, सैनिटाइजर नसीब नहीं हो पा रहे हैं। क्योंकि इनकी खरीद के लिए उन्हें पक्का बिल चाहिए, जिसका पैसा इसी बिल के आधार पर मिलेगा। दुकानदार कालाबाजारी के चक्कर में बिल नहीं दे रहे, मास्क और सैनिटाइजर दो से तीन गुना कीमत पर बिक्री किए जा रहे हैं।
कोरोना वायरस के चलते शासन ने प्रत्येक सरकारी कार्यालयों में भी मास्क और सैनिटाइजर की व्यवस्था कराने के आदेश दिए हैं। ऊर्जा निगम के कैश काउंटर व कार्यालयों में रोजाना बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। ऐसे में कर्मचारियों के लिए मास्क बेहद आवश्यक है।
विज्ञापन
निगम के अधिकारियों को मास्क, सैनिटाइजर खरीद के बिल बाउचर समेत ऊपर भेजने पड़ेंगे। जीएसटी बिलों के आधार पर ही उन्हें इसका पैसा मिलेगा। आश्चर्य की बात यह है कि निगम कर्मी शहरभर की दुकानों पर घूम लिए, लेकिन किसी दुकानदार ने उन्हें पक्का बिल देने की जरूरत नहीं समझी। ऐसे में कर्मचारियों को मास्क आदि नहीं मिल सके हैं।
विज्ञापन
अधिशासी अभियंता मनोज कुमार का कहना है कि मास्क, सैनिटाइजर खरीद के लिए पक्का बिल होना आवश्यक है, लेकिन दुकानदार पक्का बिल नहीं दे रहे हैं।
जतिन त्यागी 22एचपीआर06