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बारिश से आलू, सरसों की फसल को नुकसान
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बारिश से आलू, सरसों की फसल को नुकसान
हापुड़। बारिश से आलू, सरसों, गोभी की फसल को करोड़ों का नुकसान हुआ है। खराब मौसम के चलते किसान आलू की खुदाई नहीं कर रहे हैं। कभी बारिश तो कभी चटक धूप से आलू में गलन की संभावना बढ़ गई है। शीतगृहों में आलू के रख रखाव की तैयारी पूरी कर ली गई है। उद्यान विभाग के अफसर भी सर्वे में जुट गए हैं। वहीं, तेज आंधी के कारण गेहूं की फसल को भी भारी नुकसान हुआ है।
उद्यान विभाग के अनुसार जिे में इस बार 3800 हेक्टेयर रकबे में आलू की बुवाई की गई है। अमूमन फरवरी माह के अंतिम सप्ताह से ही आलू की खुदाई शुरू हो जाती है। लेकिन इस बार मौसम आलू किसानों को उभरने का मौका नहीं दे रही है।
बीते एक पखवाड़े से रुक रुककर बारिश का सिलसिला जारी है। किसान जब भी खुदाई के बारे में सोचते हैं तभी मौसम खराब हो जाता है। आलम यह है कि आलू की फसल पूरी तरह तैयार है, ऐसे में कभी बारिश तो कभी तेज धूप के कारण फसल में गलन की संभावना बढ़ गई है।
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बता दें कि जिले में आलू के रख रखाव के लिए करीब 14 शीतगृह उपलब्ध है। इनकी क्षमता 1.75 लाख मिट्रिक टन है। आलू तैयार होते ही शीतगृहों में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। लेकिन मौसम की बेरुखी आलू उत्पादक किसानों पर भारी पड़ रही है।
उधर, तेज बारिश से सरसों और गोभी की फसल को भी काफी नुकसान हुआ है। तेज आंधी के कारण गेहूं की फसल भी जमीन पर लेट गई है, जिसका असर गेहूं के उत्पादन पर भी पड़ेगा।
कोट-
जिला उद्यान अधिकारी एसके शर्मा ने बताया कि यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा तो फसल को अधिक नुकसान की संभावना है। बारिश और चटक धूप से आलू में गलन की संभावना बढ़ती है। वह टीम से फसल का सर्वे करा रहे हैं।
टोल फ्री नंबर पर दर्ज कराएं फसल क्षति की शिकायत
हापुड़। फसल क्षति की शिकायत अब गेंहू, सरसों, आलू के बीमित किसान टॉल फ्री नंबर पर दे सकते हैं।
उप कृषि निदेशक वीबी सिंह का कहना है कि जिन किसानों ने फसलों का बीमा कराया है। वह फसल क्षति के 72 घंटे के अंदर बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर 18001035490, या 01244285499 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। बीमा कंपनियां निर्धारित समयावधि में किसानों को फसल क्षति का भुगतान करेंगे।
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हापुड़। बारिश से आलू, सरसों, गोभी की फसल को करोड़ों का नुकसान हुआ है। खराब मौसम के चलते किसान आलू की खुदाई नहीं कर रहे हैं। कभी बारिश तो कभी चटक धूप से आलू में गलन की संभावना बढ़ गई है। शीतगृहों में आलू के रख रखाव की तैयारी पूरी कर ली गई है। उद्यान विभाग के अफसर भी सर्वे में जुट गए हैं। वहीं, तेज आंधी के कारण गेहूं की फसल को भी भारी नुकसान हुआ है।
उद्यान विभाग के अनुसार जिे में इस बार 3800 हेक्टेयर रकबे में आलू की बुवाई की गई है। अमूमन फरवरी माह के अंतिम सप्ताह से ही आलू की खुदाई शुरू हो जाती है। लेकिन इस बार मौसम आलू किसानों को उभरने का मौका नहीं दे रही है।
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बीते एक पखवाड़े से रुक रुककर बारिश का सिलसिला जारी है। किसान जब भी खुदाई के बारे में सोचते हैं तभी मौसम खराब हो जाता है। आलम यह है कि आलू की फसल पूरी तरह तैयार है, ऐसे में कभी बारिश तो कभी तेज धूप के कारण फसल में गलन की संभावना बढ़ गई है।
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बता दें कि जिले में आलू के रख रखाव के लिए करीब 14 शीतगृह उपलब्ध है। इनकी क्षमता 1.75 लाख मिट्रिक टन है। आलू तैयार होते ही शीतगृहों में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। लेकिन मौसम की बेरुखी आलू उत्पादक किसानों पर भारी पड़ रही है।
उधर, तेज बारिश से सरसों और गोभी की फसल को भी काफी नुकसान हुआ है। तेज आंधी के कारण गेहूं की फसल भी जमीन पर लेट गई है, जिसका असर गेहूं के उत्पादन पर भी पड़ेगा।
कोट-
जिला उद्यान अधिकारी एसके शर्मा ने बताया कि यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा तो फसल को अधिक नुकसान की संभावना है। बारिश और चटक धूप से आलू में गलन की संभावना बढ़ती है। वह टीम से फसल का सर्वे करा रहे हैं।
टोल फ्री नंबर पर दर्ज कराएं फसल क्षति की शिकायत
हापुड़। फसल क्षति की शिकायत अब गेंहू, सरसों, आलू के बीमित किसान टॉल फ्री नंबर पर दे सकते हैं।
उप कृषि निदेशक वीबी सिंह का कहना है कि जिन किसानों ने फसलों का बीमा कराया है। वह फसल क्षति के 72 घंटे के अंदर बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर 18001035490, या 01244285499 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। बीमा कंपनियां निर्धारित समयावधि में किसानों को फसल क्षति का भुगतान करेंगे।